भारत-पाकिस्तान के सैनिका ने सपना चौधरी के गाने पर साथ ठुमके लगाए
भारत और पाकिस्तान के सैनिकों की जो दोस्ताना वीडियो सामने आई है, वो ऐतिहासिक है. रूस में सैन्य अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिकों ने साथ किया डांस किया. दुश्मनों देशों के सैनिकों के साथ डांस का जलवा ऐसा रहा कि रूस और चीन के सैनिक भी झूम उठे.

नई दिल्ली: बॉर्डर पर एक-दूसरे पर गोली चलाने वाले भारत और पाकिस्तान के सैनिकों की जो दोस्ताना वीडियो सामने आई है, वो ऐतिहासिक है. रूस में सैन्य अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिकों ने साथ किया डांस किया. दुश्मनों देशों के सैनिकों के साथ डांस का जलवा ऐसा रहा कि रूस और चीन के सैनिक भी झूम उठे.
आपको बता दें कि इस कार्यक्रम के दौरान भारतीय पंरपरा के तहत चीनी और पाकिस्तानी कमांडर्स का टीका लगाकर, आरती उतारकर और पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया. इसके बाद भारतीय सैनिकों ने रंगारंग कार्यक्रम पेश किया.
पंजाबी गाने पर डांस के बाद हरियाणवी कलाकार सपना चौधरी के मशहूर गाने 'तेरी आख्यां का ये काजल' पर डांस हुआ. भारत-पाक सैनिकों का कार्यक्रम इतना शानदार था कि विदेशी सैनिक और विदेशी मेहमान भी जमकर थिरके.
पहला भारत-पाक सैन्य अभ्यास लाइन ऑफ कंट्रोल पर 24 घंटे एक दूसरे के खिलाफ तैनात रहने वाले भारत और पाकिस्तान के सैनिक पहली बार एक साथ युद्धाभ्यास कर रहे हैं. यह युद्धाभ्यास 'शांति मिशन 2018' के बैनर तले शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) के तहत रूस में हो रहा. शुक्रवार को रूस के चेल्याबिन्स्क क्षेत्र के चेब्राकुल में शुरू हुए इस युद्धाभ्यास में भारत पाकिस्तान के अलावा चीन और रूस भी हिस्सा ले रहे हैं. 22 अगस्त को शुरू हुआ ये एक्सरसाइज़ 29 अगस्त को यानी आज समाप्त होगा.
क्यों हो रहा है साझा युद्धाभ्यास? सेना के प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद ने कहा, ''इस प्रशिक्षण के दौरान सेनाओं के बीच पेशेवर बातचीत, ऑपरेशंस में आपसी समझदारी और प्रक्रिया, जॉइंट कमांड की स्थापना और कंट्रोल स्ट्रक्चर्स और आतंकी खतरों से निपटने को लेकर मॉक ड्रिल जैसे अभ्यास होंगे. इस युद्धाभ्यास से शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन में शामिल देशों को आतंकरोधी ऑपरेशन के लिए ट्रेनिंग मिलेगी.''
किस देश के कितने सैनिक हिस्सा ले रहे हैं? शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन के इस संयुक्त युद्धाभ्यास में रूस के 1,700 सैनिक, चीन ने 700 और भारत ने 200 सैनिको को उतारा है. भारत की ओर से राजपूत रेजीमेंट और एयरफोर्स के जवानों ने हिस्सा लिया है.
शंघाई सहयोग संगठन की स्थापना 2001 में हुई थी. चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, भारत और पाकिस्तान इसके सदस्य हैं. इसे नाटो को काउंटर करने वाले संगठन के तौर पर देखा जाता है, सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग बढ़ाता है.
कभी साथ-कभी खिलाफ देश का राजनीतिक पक्ष और विपक्ष कब पाकिस्तान के साथ होता है और कब इसके खिलाफ, इसकी समझ को लेकर एक असमंजस जैसी स्थिति रही है. अभी हाल ही में कांग्रेस नेता सिद्धू पाकिस्तान गए थे जिसे लेकर सत्ताधारी पार्टी बीजेपी ने विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर कई हमले किए. वहीं, कांग्रेस ने अपने नेता का जमकर बचाव किया.
वहीं, अब कांग्रेस सरकार चला रही बीजेपी पर ये बोलकर हमला कर रही है कि देश की सेना को पाकिस्तान की सेना के साथ ऐसा अभ्यास क्यों करने दिया जा रहा है. आपको बता दें कि साल 2016 के अंत में पीएम नरेंद्र मोदी जब अचानक से पाकिस्तान पहुंच गए थे तब भी कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला था.
भले ही हम पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के साथ चार जंगे लड़ चुके हैं, लेकिन इतिहास से लेकर वर्तमान के उदाहरणों से एक बात तो साफ है कि पक्ष हो या विपक्ष किसी के पास पाकिस्तान को लेकर ऐसी नीति नहीं है जो असमंजस की स्थिति पैदा ना करे.
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Source: IOCL






















