एक्सप्लोरर

Gujarat Election 2022: गुजरात फतह के लिए क्या है अमित शाह का अचूक प्लान?

गुजरात विधानसभा में कुल 182 सीटे हैं जिन पर चुनाव होने हैं. 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी 99 सीटों पर सिमट गई थी लेकिन इस चुनाव में परिस्थितियां बदली हुई है.

Gujarat Election 2022: गुजरात चुनाव को और धार देने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) इन दिनों 6 दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं. इस दौरान वह पार्टी की तैयारियों का न सिर्फ जायजा लेंगे बल्कि गुजरात फतह का अचूक प्लान तैयार करने में जुटे हुए हैं. इन चुनौतियों के अलावा शाह के सामने गुजरात में पार्टी के अंदर की खेमेबाजी को भी दूर करने की चुनौती है. इस खेमेबाजी से निपटने के लिए पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं. 

गुजरात विधानसभा में कुल 182 सीटे हैं. 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी 99 सीटों पर सिमट गई थी लेकिन इस चुनाव में परिस्थितियां बदली हुई है. पिछले चुनाव में जहां बीजेपी की लड़ाई सीधे तौर पर कांग्रेस से थी लेकिन इस बार मामला बिल्कुल इसके उलट है.

इस दफा कांग्रेस के साथ आम आदमी पार्टी भी मैदान में बीजेपी से दो-दो हाथ करने के लिए हाथ पैर मार रही है. यही कारण है कि बीजेपी ने अपनी रणनीति में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं. इस योजना के मुख्य किरदार अमित शाह हैं. जिनके नेतृत्व में बीजेपी ने अचूक योजना तैयार की है. जिससे बीजेपी का मानना है कि इस चुनाव में पिछले सारे रिकॉर्ड टूट जायेंगे. 

क्या है अमित शाह की रणनीति
सूत्रों के मुताबिक 27, 28 और 29 अक्टूबर को बीजेपी के ऑब्जर्वर सभी सीटों पर फीड बैक के लिए जाएंगे और उनकी फीड बैक के आधार पर ही उम्मीदवारों को वरीयता दी जाएगी.  नकारात्मक फीड बैक मिलने पर टिकट कटने की संभावना बढ़ जाएगी. हाल ही में पीएम आवास में हुई बैठक में भी जिताऊ उम्मीदवारों पर ही भरोसा जताए जाने पर सहमति बनी थी. 

'लिए जाएंगे कड़े फैसले'
बीजेपी पिछले दो दशक से गुजरात की सत्ता पर काबिज़ है. ऐसे में स्वाभाविक है की सरकार से लोगों की नाराज़गी हो जाती है. इसे कम करने के लिए अनपॉपुलर विधायकों के टिकट काटने पर भी फैसला लिया जा सकता है. क्योंकि पार्टी मानती है कि वोट मोदी के नाम पर मिल रहा है न की विधायकों के नाम पर. सूत्र बताते हैं की लगभग पच्चीस फीसदी विधायकों का टिकट कट सकता है.

प्रवासी लोगों को साधने की योजना
गुजरात में प्रवासी लोगों को साधने की योजना है. क्योंकि गुजरात एक ऐसा राज्य है जहां अलग अलग राज्यों के लोग रोजी रोटी के लिए आते है. खासकर राजस्थान, यूपी, बिहार, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के लोगों की बड़ी आबादी गुजरात में रहती है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 15 लाख राजस्थानी गुजरात में रहते हैं और इनको साधने के लिए बीजेपी ने नेताओं की फौज उतार दी है. ठीक वैसे ही उतर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के नेताओं की भी ड्युटी गुजरात विधान सभा चुनाव में लगाई जाएगी. जिसकी निगरानी खुद गृहमंत्री अमित शाह करेंगे. 

मोदी के चेहरे को भुनाने की योजना
गुजरात पीएम मोदी की रग-रग में है. जिसे पार्टी अपना प्रमुख हथियार मान रही है. लोग मोदी में गुजरात की अस्मिता देखते हैं. इस अस्मिता को ध्यान में रखते हुए पार्टी की पूरी प्रचार योजना मोदी के इर्द गिर्द है. इसीलिए पार्टी मोदी के चेहरे को आगे करके चुनाव लड़ रही है और इसकी योजना पर खुद अमित शाह काम कर रहे हैं. 

अमित शाह की अगुवाई में ये तय किया गया है की मोदी की रैली ज्यादा से ज्यादा उन जिलों में लगाई जाए जहां मुकाबला कड़ा हो. पार्टी ने ऐसी 60 सीटों का चयन किया है. चुनाव को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने गुजरात को चार जोन में बांटा है. जिसमें से 3 जोन की बैठक अमित शाह ले चुके हैं, हर जोन के लिए अलग रणनीति होगी, बीजेपी बूथ जीतो चुनाव जीतो के फॉर्मूले को काम करेगी, माइक्रो मैनेजमेंट लेवल पर बीजेपी तैयारी कर रही है. 

'अगली पीढ़ी के लिए कर्ज नहीं छोड़ेंगे...', ब्रिटेन के पीएम बनने के बाद ऋषि सुनक के संबोधन की 5 बड़ी बातें

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

थलापति विजय के लिए बड़ी खुशखबरी? AIADMK के एक और विधायक का इस्तीफा, विधानसभा में बदल जाएगा पूरा गणित
थलापति विजय के लिए बड़ी खुशखबरी? AIADMK के एक और विधायक का इस्तीफा, विधानसभा में बदल जाएगा पूरा गणित
राबड़ी देवी ने फंसाया पेच! 10 सर्कुलर खाली करने से पहले भवन निर्माण विभाग को क्यों लिखी चिट्ठी?
राबड़ी देवी ने फंसाया पेच! 10 सर्कुलर खाली करने से पहले भवन निर्माण विभाग को क्यों लिखी चिट्ठी?
सेशेल्स की संसद में पीएम मोदी क्यों करने लगे चटनी और समोसे की बात? बोले- 'जब मैं आपके साथ खड़ा हूं तो...'
सेशेल्स की संसद में पीएम मोदी क्यों करने लगे चटनी और समोसे की बात? बोले- 'जब मैं आपके साथ खड़ा हूं तो...'
'वैभव सूर्यवंशी को खिलाओ और उसे बाहर करो...', सुनील गावस्कर की दो टूक, दे दिया बड़ा बयान
'वैभव सूर्यवंशी को खिलाओ और उसे बाहर करो...', सुनील गावस्कर की दो टूक, दे दिया बड़ा बयान

वीडियोज

Ketan Murder Mystery: कैसे मंगेतर सिया और प्रेमी चेतन ने रची केतन की हत्या की खौफनाक साजिश?
Sansani | Crime News | Ketan Murder Case:सिया ने अकेले मारा केतन को?
Sansani | Crime News | Ketan Murder Case:जन्मदिन के बहाने ले गई मौत के मुंह में, देखें क्राइम सीन की इनसाइड स्टोरी!
Ketan Agarwal Murder Case | Siya Goyal | Pune: मंगेतर की हत्या का खौफनाक सच!
Ketan Agarwal Murder Case | Abp Report: पुलिस की छापेमारी में आरोपियों के घर से मिले अहम सुराग!

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
थलापति विजय के लिए बड़ी खुशखबरी? AIADMK के एक और विधायक का इस्तीफा, विधानसभा में बदल जाएगा पूरा गणित
थलापति विजय के लिए बड़ी खुशखबरी? AIADMK के एक और विधायक का इस्तीफा, विधानसभा में बदल जाएगा पूरा गणित
राबड़ी देवी ने फंसाया पेच! 10 सर्कुलर खाली करने से पहले भवन निर्माण विभाग को क्यों लिखी चिट्ठी?
राबड़ी देवी ने फंसाया पेच! 10 सर्कुलर खाली करने से पहले भवन निर्माण विभाग को क्यों लिखी चिट्ठी?
सेशेल्स की संसद में पीएम मोदी क्यों करने लगे चटनी और समोसे की बात? बोले- 'जब मैं आपके साथ खड़ा हूं तो...'
सेशेल्स की संसद में पीएम मोदी क्यों करने लगे चटनी और समोसे की बात? बोले- 'जब मैं आपके साथ खड़ा हूं तो...'
'वैभव सूर्यवंशी को खिलाओ और उसे बाहर करो...', सुनील गावस्कर की दो टूक, दे दिया बड़ा बयान
'वैभव सूर्यवंशी को खिलाओ और उसे बाहर करो...', सुनील गावस्कर की दो टूक, दे दिया बड़ा बयान
Welcome To The Jungle BO Day 3 Worldwide: 'वेलकम टू द जंगल' ने दुनियाभर में 3 दिनों में कूटे खूब नोट, 6 करोड़ और कमाते ही बना देगी ये रिकॉर्ड
वेलकम टू द जंगल' का दुनियाभर में तांडव, 3 दिनों में कर डाली गजब कमाई
NASA Swift Telescope: धरती की तरफ तेजी से गिर रहा 'बह्मास्त्र', बचाने के लिए 30 हजार करोड़ खर्च करेगा NASA, जानें है क्या ये
धरती की तरफ तेजी से गिर रहा 'बह्मास्त्र', बचाने के लिए 30 हजार करोड़ खर्च करेगा NASA, जानें है क्या ये
Toddler Behaviour: टॉडलर की इन उबाऊ आदतों से परेशान, डॉक्टर से जानें बच्चों के विकास के लिए ये क्यों जरूरी?
टॉडलर की इन उबाऊ आदतों से परेशान, डॉक्टर से जानें बच्चों के विकास के लिए ये क्यों जरूरी?
Pusa Basmati 1882: कम पानी में भी बंपर पैदावार देगी बासमती की यह किस्म, सूखे की मार झेल रहे किसानों के लिए बनी उम्मीद
कम पानी में भी बंपर पैदावार देगी बासमती की यह किस्म, सूखे की मार झेल रहे किसानों के लिए बनी उम्मीद
Embed widget