स्मृति ईरानी की डिग्री पर गाने से कांग्रेस ने किया तंज, कहा- 'क्योंकि मंत्री भी कभी ग्रेजुएट थीं'
केंद्रीय मंत्री और अमेठी लोकसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार स्मृति ईरानी के हलफनामा दायर करने के बाद कांग्रेस उनकी शिक्षा की जानकारी को लेकर एक बार फिर हमलावर हो गई है.

नई दिल्ली: राहुल गांधी के खिलाफ उत्तर प्रदेश की अमेठी से लोकसभा चुनाव लड़ रहीं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के नामांकन दर्ज करने के बाद कांग्रेस उनपर हमलावर हो गई है. दरअसल हलफनामे में स्मृति ईरानी ने अपनी शिक्षा को लेकर जानकारी दी है कि वह 12वीं पास हैं जिसके बाद वह कांग्रेस के निशाने पर आ गईं हैं. कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने स्मृति ईरानी के हलफनामे में बताई गई एजुकेशन को लेकर उनपर निशाना साधा है. इसके लिए बाकायदा प्रियंका ने गाना गाकर स्मृति पर निशाना साधा है.
प्रियंका चतुर्वेदी ने स्मृति ईरानी की पर तंज करते हुए उनके की टीवी सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' की थीम लाइन गाया. उन्होंने कहा, ''क्वालिफिकेशन के भी रूप बदलते हैं, नए-नए सांचे में ढलते हैं, एक डिग्री आती है, एक डिग्री जाती है, बनते एफिडेविट नए हैं'. प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे कहा एक सीरियल आने वाला है जिसका नाम होगा, 'क्योंकि मंत्री भी कभी ग्रेजुएट थीं'.
स्मृति ईरानी ने पहले के चुनावों में दर्ज हलफनामों में शिक्षा की जानकारी
साल 2017 केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने 2017 में हुए राज्य सभा चुनावों के दौरान दिए हलफनामे में साफ तौर पर कहा था कि उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी नहीं की है. उसमें कहा गया था की स्मृति ने बीकॉम प्रथम वर्ष पूरा करने के बाद अपनी आगे की पढ़ाई पूरी नहीं की जबकि यह पूरा पाठ्यक्रम 3 साल का था.
साल 2014 इसी तरह की जानकारी स्मृति ने दी थी जब उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान अमेठी से नामांकन किया था. उस दौरान स्मृति ईरानी ने नामांकन पत्र दाखिल करते हुए कहा था की डीयू के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग से 1994 में उन्होंने बीकॉम पार्ट-वन किया है लेकिन उसके आगे की पढ़ाई पूरी नहीं की.
साल 2011 स्मृति ईरानी ने यही जानकारी 2011 के राज्यसभा चुनावों के दौरान दी थी जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने 1994 में डीयू के पत्राचार विद्यालय से बीकॉम पार्ट वन किया है जो की पूरा नहीं हो पाया था.
साल 2004 विवाद की वजह बना था स्मृति ईरानी का 2004 के लोकसभा चुनावों के दौरान दिया गया हलफनामा जिसमें स्मृति ईरानी ने नामंकन करते वक़्त अपनी शैक्षणिक योग्यता के बारे में जो जानकारी दी थी उसके मुताबिक़ स्मृति ने 1996 में डीयू से पत्राचार के जरिये बीए पूरा किया था.
यानी इस जानकारी को देखने के बाद साफ़ हो रहा है के स्मृति ने अब तक 5 बार चुनावी हलफनामा भरा है और 5 बार में से सिर्फ 2004 को छोड़कर हर बार कमोवेश एक से ही जानकारी दी है. जिसमें कहा गया है कि स्मृति ईरानी ने 1994 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग में बीकॉम के 3 वर्ष पाठ्यक्रम में दाखिला लिया लेकिन पहला वर्ष पूरे करने के बाद ही उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और उन्होंने बीकॉम पूरा नहीं किया और इस लिहाज से स्मृति ईरानी 12वीं पास ही मानी जाएंगी.
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Source: IOCL
















