Karnataka Election 2023 : पिछले विधानसभा चुनाव से लेकर अब तक बीजेपी के लिए कितना बदला कर्नाटक
कर्नाटक के पीछले चुनाव में बीजेपी ने जीत तो हसिल की पर बहुमत का आकड़ा पार नही कर पाई. ऐसे में 5 सालो में बीजेपी के लिए कर्नाटक कितना बदला है. आइये जानते हैं.

Karnataka Election 2023 : कर्नाटक के विधानसभा चुनाव नजदीक हैं. ऐसे में सभी दलो ने चुनावी राज्य कर्नाटक में अपना प्रचार-प्रसार शुरु कर दिया है. पूरे भारत में बीजेपी ने पूर्ण बहुमत वाली सरकार के रुप में अपनी पहचान बनाई है.
दक्षिण भारत ही एक ऐसा राज्य है. जहां बीजेपी ने दो बार सन् 2008 और 2018 में सरकार बनाई. हालांकि, दोनों बार बीजेपी ने विधानसभा में बहुमत के आकड़े को पार नहीं किया लेकिन सदन में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी.
कर्नाटक से खुला था दक्षिण का दरवाजा
कर्नाटक में बीजेपी का उदय तटीय कर्नाटक से हुआ था. वहीं धीरे धीरे बीजेपी ने कर्नाटक के अन्य क्षेत्रो मे विस्तार किया. बीजेपी ने दक्षिणी कर्नाटक या मैसुर को छोड़कर पूरे राज्य में अच्छा प्रदर्शन किया. इस क्षेत्र मे बीजेपी का दबदबा अभी भी कमजोर है. हालांकि, पीछले लोकसभा चुनाव में यहां बीजेपी ने अच्छा प्रदर्शन किया था. अब विधानसभा चुनाव में बीजेपी के लिए दक्षिणी कर्नाटक में सीटें जीतना एक बड़ी चुनौती होगी. दक्षिणी कर्नाटक मे पार्टी की राज्य में सबसे कमजोर स्थिती रही है. दक्षिणी कर्नाटक क्षेत्र में 51 विधानसभा सीटे हैं, जिसमे से पीछले चुनाव में बीजेपी ने नौ सीटे जीती थीं.
मध्य कर्नाटक में रहा था अच्छा प्रदर्शन
बीजेपी ने सेंट्रल कर्नाटक में भी बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था. यहां बीजेपी ने 35 विधानसभा सीटों में से 24 पर जीत हासिल की थी. वहीं मुंबई कर्नाटक क्षेत्र के बीजेपी ने 50 में से 30 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी.
लिंगायत बनाम वोक्कालिंगा समुदाय
लिंगायत और वोक्कालिंगा समुदाय कर्नाटक में आर्थिक और राजनैतिक रुप से सबसे प्रभावी हैं. कर्नाटक राज्य में लिंगायत समुदाय की आबादी अधिक है. उसके बाद वोक्कालिंगा समुदाय दूसरे नंबर पर है. पुराना मशहूर या दक्षिणी कर्नाटक कहा जाने वाला वोक्कालिंगा समुदाय के वोटर्स ज्यादातर दक्षिण क्षेत्र के किसान वर्ग से आते हैं. भारत के पूर्व प्रधानमंत्री कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल के नेता एच डी देवगौड़ा इसी समुदाय से थे. वोक्कालिंगा समुदाय लगातार जेडीएस का समर्थन करते आ रहे हैं. ऐसे में आने वाले चुनाव के लिए यहां भी बीजेपी को मेहनत करने की जरुरत है.











