Karnataka Election 2023: कोलार सीट से चुनाव लड़ने को लेकर क्यों अड़े हैं सिद्धारमैया? जानें बड़ी वजह
Siddaramaiah: कांग्रेस नेता सिद्धारमैया मे कहा, 'मुझे आलाकमान ने वरुणा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने को कहा है.इसके जवाब में मैंने कहा है कि मुझे दो सीटों पर चुनाव लड़ने दिया जाए.

Karnataka Elections: कर्नाटक विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है. कांग्रेस ने अपने 124 उम्मीदवरों की पहली सूची शनिवार (25 मार्च) को जारी कर दी है. कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को वरुणा निर्वाचन क्षेत्र के सीट से उम्मीदवार चुना है. सिद्धारमैया हमेशा से कहते आए हैं कि वो दो सीटों से चुनाव में उतड़ेंगे. हलांकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि वह हाईकमांड पर यह निर्णय छोड़ते हैं.
कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने कहा, 'मैंने पहले भी कहा था, ये सब आलाकमान पर छोड़ दिया गया है. वही यह फैसला करेंगें. मुझे आलाकमान ने वरुणा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने को कहा है. इसके जवाब में मैंने कहा है कि मुझे दो सीटों पर चुनाव लड़ने दिया जाए. एक यहां से और एक कोलार सीट से. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अभी तक कोलार और बादामी साट से किसी भी उम्मीदवारों को मैदान में नही उतारा है.
सिद्धारमैया क्यों कोलार सीट से लड़ना चाहते हैं चुनाव
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इससे पहले घोषणा की थी कि साल 2023 का विधानसभा चुनाव उनका आखिरी चुनाव होगा. उन्होंने साफ कहा था कि इस बार मैसूर के चामुण्डेश्वरी विधानसभा सीट से चुनाव नहीं लड़ेंगे, क्योंकि तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में, वह चामुंडेश्वरी में 2018 के चुनाव में जे.डी (एस) जी टी देवेगौड़ा से 36,042 मतों से हार गए थे.
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया कोलार सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं, क्योंकि यह चुनाव क्षेत्र दलित, मुस्लिम और कुरुबा मतदाताओं से बनी है. इसके अलावा, सिद्धारमैया के सैकुलर रुख और कोलार में मुस्लिम मतदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका को उनके लिए बढ़त के रूप में देखा जा रहा है.
इस क्षेत्र में सबसे प्रभावी राजनीतिक गुटों में कांग्रेस और जेडी (एस) हैं. साल 2018 के चुनाव में जेडी(एस) के उम्मीदवार श्रीनिवास गौड़ा ने कांग्रेस के सैयद जमीर पाशा को यहां से हराया था. हलांकि कोलार सीट से कांग्रेस वर्ष 2008 में कुल 66,446 वोटों से जीत दर्ज की थी, उस समय कांग्रेस ने आर. वरथुर प्रकाश को उम्मीदवार बनाकर मैदान में उतारा था.
आलाकमान ने कहा- 'यहां से उतरना जोखिम भरा'
सिद्धारमैया ने कहा, "मैं बादामी में अपने निर्वाचन क्षेत्रों पर उचित ध्यान नहीं दे पा रहा हूं. मैं 75 साल का हूं. हालांकि मुझमें बहुत ऊर्जा बाकी है, बादामी और बैंगलोर में मेरे निवास के बीच की दूरी बहुत लंबी है. मैं वहां नियमित रूप से नहीं जा सकता था. यह उचित ही है कि मैं एक ऐसा सीट तय करूं जहां मैं नियमित रूप से जा सकूं और अपना पूरा ध्यान लगा सकूं.''
सिद्धारमैया की पसंद के बीच, पिछले हफ्ते ऐसी खबरें थीं कि पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के दौरान राहुल गांधी सहित कांग्रेस नेतृत्व ने सिद्धारमैया को कोलार से चुनाव नहीं लड़ने की सलाह दी थी, जिसे उनके लिए जोखिम भरा बताया गया था.
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Source: IOCL

















