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Karnataka Elections: 2018 में किस पार्टी को मिली थी कितनी सीटें? फ्लैशबैक में देखें कर्नाटक का चुनाव

Karnataka: साल 2018 में कर्नाटक के चुनावी मैदान में मुख्य मुकाबला कांग्रेस, बीजेपी और बसपा के साथ गठबंधन में लड़ रही जेडीएस के बीच था. उसी समय आम आदमी पार्टी ने अपना डेब्यू किया था.

Karnataka Elections 2018: कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 के नतीजे 13 मई को सबके सामने होंगे. वोटिंग के बाद जारी हुए एग्जिट पोल के अनुसार, राज्य में कांग्रेस पूर्ण बहुमत से आ रही है. बीजेपी दूसरे नंबर पर दिखाई दे रही है. वहीं, जेडीएस किंगमेकर की भूमिका निभा सकती है. अधिकतर पोल्स त्रिशंकु विधानसभा की तरफ इशारा कर रहे है.

खैर, जो भी होगा वो शनिवार की शाम तक सामने आ जाएगा. इन सबके बीच हम आपको साल 2018 के विधानसभा चुनाव के बारे बताने वाले हैं. जिसमें कौन सी पार्टी मैदान में थी? किस पार्टी को कितनी सीटें मिली थी? हर पार्टी को कितने वोट मिले थे? आइये जानते हैं कि क्या था साल 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव का हाल.

दो बार हुई थी वोटिंग
साल 2018 में भारतीय निर्वाचन आयोग ने 27 मार्च को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी. जिसके अनुसार 12 मई को वोटिंग और 15 मई को परिणाम जारी हुए थे. 224 विधानसभा के लिए 222 निर्वाचन क्षेत्रों में 12 मई को वोटिंग हुई थी. वहीं, जयनगर सीट से निवर्तमान विधायक की मौत और राजराजेश्वरी नगर सीट में वोटर आईडी के घपले की वजह से यहां 28 मई को मतदान हुए थे. इन चुनावों में कुल 72.13% मतदान हुआ था. सभी पोलिंग बूथ में वोटर वैरिफायबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) मशीनों का इस्तेमाल किया गया था. राज्य की विधानसभा का कार्यकाल 28 मई को समाप्त हुआ था.

मैदान में थी ये पार्टियां, मिली थी इतनी सीटें
साल 2018 में राज्य के चुनावी मैदान में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी कांग्रेस, विपक्षी बीजेपी और बसपा के साथ गठबंधन करके लड़ रही जेडीएस के बीच था. कर्नाटक प्रग्न्यावानता जनता पार्टी (केपीजेपी) भी मैदान में थी. उसी समय आम आदमी पार्टी ने भी राज्य के चुनाव में अपना डेब्यू किया था. 15 मई को घोषित हुए चुनाव परिणामों में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था. 104 सीटों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. लेकिन, बहुमत से 8 सीटें कम रह गई थी. कांग्रेस को सबसे अधिक वोट प्रतिशत मिला था. लेकिन, वह 78 सीट जीत पाने में ही सफल रही. जेडीएस को सिर्फ 37 सीटों पर संतोष करना पड़ा था. इस प्रकार से चुनाव के बाद त्रिशंकु विधानसभा का गठन हुआ था.

साल 2018 में पार्टियों को कितने वोट मिले थे?
बीजेपी
वोट- 1,31,85,384
वोट प्रतिशत- 36.2

कांग्रेस
वोट- 1,38,24,005
वोट प्रतिशत- 38.0

जेडीएस
वोट- 66,66,307
वोट प्रतिशत- 18.3

बसपा
वोट- 1,08,592
वोट प्रतिशत- 0.3

निर्दलीय
वोट- 14,37,045
वोट प्रतिशत- 3.9

केपीजेपी
वोट- 74,229
वोट प्रतिशत- 0.2

अन्य पार्टियां और प्रत्याशी
वोट- 6,83,632
वोट प्रतिशत- 2.2

नोटा
वोट- 3,22,841
वोट प्रतिशत- 0.9

कांग्रेस-जेडीएस ने किया था गठबंधन, बीजेपी पर लगाए थे आरोप 
साल 2018 के चुनावों में त्रिशंकु विधानसभा का जनमत मिलने के बाद बीजेपी को सरकार बनाने से रोकने के उद्देश्य से कांग्रेस और जेडीएस ने गठबंधन कर लिया था. कांग्रेस ने जेडीएस के नेता एचडी कुमारस्वामी को सीएम के रूप स्वीकार कर लिया. इसके बावजूद राज्यपाल वजुभाई वाला ने सबसे बड़ा दल होने के नाते बीजेपी को सरकार गठन के लिए बुलाया था. उन्होंने पार्टी को बहुमत सिद्ध करने के लिये 15 दिन का समय दिया था. इसके बाद बीजेपी के बीएस येदयुरप्पा ने 17 मई को राज्य के सीएम पद की शपथ ली थी.

इस दौरान कांग्रेस और जेडीएस ने बीजेपी पर उनके विधायकों के खरीद-फरोख्त के कई आरोप लगाए थे. इसको लेकर, कांग्रेस ने 6 ऑडियो जारी किये और बीजेपी पर उसके विधायकों को तोड़ने का आरोप लगाया था. इतना ही नहीं, कांग्रेस ने येदयुरप्पा पर भी अपने बीसी पाटिल को तोड़ने का आरोप लगाया था. जेडीएस प्रमुख एचडी कुमारस्वामी ने बीजेपी पर बहुमत प्राप्त करने के लिये उनके विधायकों को 100-100 करोड़ रुपये की घूस देने का आरोप लगाया था.

हालांकि, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इन आरोपों को निराधार बताया था. कांग्रेस और जेडीएस ने शपथ ग्रहण पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की थी. इस याचिका को एके सीकरी, एसए बोबड़े और अशोक भूषण की तीन सदस्यीय पीठ ने सुना और बाद में सीएम के शपथ ग्रहण पर रोक नहीं लगाई.

ये भी पढ़ें- Karnataka Election 2023: नतीजों से पहले JDS के दरवाजे पर कांग्रेस-बीजेपी! कर्नाटक में त्रिशंकु विधानसभा की भविष्यवाणी

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