एक्सप्लोरर

नागपुरः नितिन गडकरी को हराने के लिए कांग्रेस ला रही है 'डीएमके फॉर्मूला', BJP की है ये जवाबी तैयारी

कांग्रेस पार्टी ने नितिन गडकरी को घेरने के लिए विदर्भ में उनका सबसे मजबूत उमीदवार नाना पटोले को मैदान में उतारा है. कांग्रेस पार्टी नाना पटोले के रूप में इस बार गडकरी को 'डीएमके फॉर्मूले' के आधार पर घेरना चाह रही है.

नई दिल्लीः राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ का मुख्यालय होने के साथ साथ नागपुर बीजेपी के कद्दावर नेता नितिन गडकरी का लोकसभा क्षेत्र भी है. इसी वजह से सारे देश की नजरें नागपुर के चुनावों पर लगी हुई हैं. वहीं कांग्रेस के 'डीएमके फॉर्मूले' ने नागपुर के चुनावों को और ज्यादा दिलचस्प बना दिया है. क्या है कांग्रेस का डीएमके फॉर्मूला जो नागपुर के चुनाव को और दिलचस्प बना रहा है, इसी की एक बानगी यहां देखिए.

2014 के लोकसभा चुनावों में नागपुर से नितिन गडकरी ने करीब 2 लाख 84 हजार मतों के भारी अंतर से चुनाव जीता था. लेकिन क्या इस बार फिर वे इतनी बड़ी जीत हासिल कर पाएंगे? नागपुर में इन दिनों यही राजनीतिक चर्चा चल रही है और इस पर अलग अलग तर्क भी सामने रखे जा रहे हैं. कांग्रेस पार्टी ने नितिन गडकरी को घेरने के लिए विदर्भ में उनका सबसे मजबूत उमीदवार नाना पटोले को मैदान में उतारा है. कांग्रेस पार्टी नाना पटोले के रूप में इस बार गडकरी को 'डीएमके फॉर्मूले' के आधार पर घेरना चाह रही है. डीएमके का मतलब है दलित, मुस्लिम और कुनबी मतदाता. नागपुर के कुल 21 लाख मतदाताओं में इन तीनों जातियों के करीब 11 लाख मतदाता हैं (साढ़े चार से ज्यादा लाख कुनबी, चार लाख दलित और ढाई लाख मुस्लिम मतदाता) और कांग्रेस इस बार यही डीएमके फॉर्मूला भुनाने की जुगत में है. कांग्रेस को लगता है कि अगर इन तीन जातियों के वोट अगर वो पा लेती है तो नागपुर में करिश्मा किया जा सकता है

लेकिन कागजों पर मजबूत दिखने वाला यह फॉर्मूला क्या राजनीतिक हकीकत बन सकता है? इसके लिए पिछले कुछ लोकसभा चुनावों पर नजर डालनी होगी. 2009 के लोकसभा चुनावों में जब पूरे देश में यूपीए ने बड़ी जीत पाई थी उसी चुनाव में नागपुर से कांग्रेस के विलास मुत्तेमवार सिर्फ 25 हजार वोटो से जैसे तैसे विजयी हुए थे. उस वक्त नागपुर में बसपा के उमीदवार ने 1 लाख 18 हजार वोट लेकर कांग्रेस की धड़कनें बढ़ा दी थी. वहीं 2014 में कांग्रेस नागपुर में बुरी तरह से पराजित हुई थी. उस वक्त मोदी लहर और नितिन गडकरी जैसा सशक्त उमीदवार होना कांग्रेस की हार की बड़ी वजह मानी गई थी. लेकिन उस वक्त भी बसपा के उमीदवार ने करीब 95 हजार वोट लेकर दलित वोटो में बड़ी सेंधमारी की थी. इसलिए पिछले कुछ वर्षो से नागपुर में दलितों का इकट्ठा मतदान कांग्रेस के पक्ष में जाना दूर की कौड़ी बन चुका है. इस बार तो बसपा के साथ साथ प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन आघाडी भी दलित वोटो में सेंधमारी कर सकती है. साथ ही छोटे दलित संगठनों के अनेक उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में होना कांग्रेस के सपनों पर पानी फेर सकते हैं.

दूसरी ओर पिछले कुछ चुनावों के ट्रेंड को देखे तो मुस्लिम समाज के वोट कांग्रेस को राहत देने वाले हो सकते हैं. लेकिन पिछले कुछ वर्षो में महाराष्ट्र में एमआईएम का बढ़ता प्रभाव और कांग्रेस के कद्दावर मुस्लिम नेताओं की चुनावों से कुछ दिन पहले सामने आयी नाराजगी कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा सकती है. गौरतलब है कि जिस दिन नाना पटोले नागपुर से अपना नामांकन दाखिल कर रहे थे उसी दिन नागपुर से कांग्रेस के बड़े मुस्लिम नेता अनीस अहमद पार्टी नेतृत्व को कोसते हुए मुस्लिमों की अनदेखी का आरोप लगा रहे थे.

जहां तक बात कुनबी वोटों की है तो पिछले कुछ सालों में नागपुर के साथ साथ विदर्भ के कई इलाको में कुनबी उमीदवार चुनाव हारे हैं. उसके पीछे कुनबी मतदाताओं द्वारा कभी भी इटट्ठा मतदान न किया जाना एक प्रमुख कारण रहा है. दूसरी ओर कांग्रेस ने भले ही इस बार नाना पटोले के रूप में कुनबी जाति का उम्मीदवार मैदान में उतारा है लेकिन पिछले कुछ सालों में बीजेपी ने सत्ता में अलग अलग स्तरों पर कुनबी जाति के नेताओं को बड़े पद दिए हैं.

नागपुर शहर में बीजेपी के 6 विधायकों में से 2 विधायक कुनबी हैं. नागपुर शहर बीजेपी के अध्यक्ष भी कुनबी हैं. नागपुर महानगरपालिका में बीजेपी के करीब 50 से ज्यादा नगरसेवक कुनबी जाति से आते हैं. ऐसे में अपने संगठन के बल पर और कुनबी जाति के अपने लोकप्रतिनिधियों के जनसम्पर्क पर बीजेपी कुनबी जाती के अधिकांश वोट पाने की उम्मीद कर रही है. बहरहाल बीजेपी गडकरी के विकास पुरुष का चेहरा सामने रखकर कांग्रेस के डीएमके फॉर्मूले को निष्प्रभावी करना चाह रही है.

कागजों पर जातिगत समीकरणों की इसी जटिलता को देखते हुए बीजेपी ने नागपुर में अपना पूरा फोकस नितिन गडकरी द्वारा पिछले 5 सालो में किये गए विकास कार्यों पर रखा है. नागपुर में मेट्रो रेल की शुरुआत, शहर में बनी सीमेंट की नई सड़कें, नए बन रहे फ्लाईओवर्स, एम्स और कैंसर रिसर्च इंस्टीयूट जैसे स्वास्थ्य संस्थान जैसे पिछले पांच सालो में हुए इन सभी कामों को मतदाताओं के बीच रखकर बीजेपी चुनावों को जाति से ऊपर उठाकर रखना चाहती है.

5 अप्रैल तक दिल्ली के उम्मीदवारों की लिस्ट घोषित कर देंगे- मनोज तिवारी

लोकसभा चुनाव: इंदौर से बीजेपी के टिकट की घोषणा से पहले सुमित्रा महाजन ने संभाला मोर्चा

गोवा: MGP से BJP में शामिल हुए विधायक को उप-मुख्यमंत्री बनाया गया

पंजाब: AAP से निलंबित नेता हरिंदर सिंह खालासा बीजेपी में हुए शामिल

मिशन शक्ति पर पीएम का राहुल गांधी पर पलटवार, कहा- हम ASAT कह रहे थे वो थिएटर का सेट समझ रहे थे न्यूनतम आय गारंटी: PM मोदी का राहुल गांधी पर बड़ा वार, कहा- जो खाते नहीं खुलवा सके वो पैसे देने की बात कर रहे हैं

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

खामेनेई की मौत के 5 दिन बाद भारत ने जताया दुख, ईरानी दूतावास पहुंचे विदेश सचिव विक्रम मिसरी, लिखा शोक संदेश
खामेनेई की मौत के 5 दिन बाद भारत ने जताया दुख, ईरानी दूतावास पहुंचे विदेश सचिव विक्रम मिसरी, लिखा शोक संदेश
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर अखिलेश यादव की तीखी प्रतिक्रिया, कहा- भाजपा ने फिरौती में पूरा बिहार मांग लिया
नीतीश के राज्यसभा जाने पर अखिलेश की तीखी प्रतिक्रिया, कहा- BJP ने फिरौती में पूरा बिहार मांग लिया
Israel US Iran War: अमेरिका ने डुबोया IRIS DENA तो भड़का ईरान, फूंक डाला तेल का टैंकर, और खतरनाक हुई मिडिल ईस्ट की जंग
अमेरिका ने डुबोया IRIS DENA तो भड़का ईरान, फूंक डाला तेल का टैंकर, और खतरनाक हुई मिडिल ईस्ट की जंग
वरमाला के बाद अर्जुन तेंदुलकर ने सानिया को लगाया गले, तो पापा सचिन का रिएक्शन हुआ वायरल; देखें वीडियो
वरमाला के बाद अर्जुन तेंदुलकर ने सानिया को लगाया गले, तो पापा सचिन का रिएक्शन हुआ वायरल

वीडियोज

Bollywood News: सनी देओल की ‘एंटनी’ में विजय वर्मा की एंट्री, पहली बार आमने-सामने होगी जोरदार टक्कर
Anil Kapoor ने Subedaar की Cast, Fitness और Discipline पर की खुलकर बात
Vasudha: 😧Hanumant का License जब्त गाड़ी और नौकरी दोनों गए हाथ से, अब क्या करेगी Vasudha?
Israel Iran War: खामेनेई की मौत से जल उठा Pakistan ! | Khamenei | Trump । Iraq Protest | Breaking
Israel Iran War: Beirut में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर इजरायली सेना का बड़ा हमला| Netanyahu | Trump

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
खामेनेई की मौत के 5 दिन बाद भारत ने जताया दुख, ईरानी दूतावास पहुंचे विदेश सचिव विक्रम मिसरी, लिखा शोक संदेश
खामेनेई की मौत के 5 दिन बाद भारत ने जताया दुख, ईरानी दूतावास पहुंचे विदेश सचिव विक्रम मिसरी, लिखा शोक संदेश
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर अखिलेश यादव की तीखी प्रतिक्रिया, कहा- भाजपा ने फिरौती में पूरा बिहार मांग लिया
नीतीश के राज्यसभा जाने पर अखिलेश की तीखी प्रतिक्रिया, कहा- BJP ने फिरौती में पूरा बिहार मांग लिया
Israel US Iran War: अमेरिका ने डुबोया IRIS DENA तो भड़का ईरान, फूंक डाला तेल का टैंकर, और खतरनाक हुई मिडिल ईस्ट की जंग
अमेरिका ने डुबोया IRIS DENA तो भड़का ईरान, फूंक डाला तेल का टैंकर, और खतरनाक हुई मिडिल ईस्ट की जंग
वरमाला के बाद अर्जुन तेंदुलकर ने सानिया को लगाया गले, तो पापा सचिन का रिएक्शन हुआ वायरल; देखें वीडियो
वरमाला के बाद अर्जुन तेंदुलकर ने सानिया को लगाया गले, तो पापा सचिन का रिएक्शन हुआ वायरल
रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान
रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बिना चप्पल-जूते पहने पहुंचे रामचरण, वजह जान हो जाएंगे हैरान
बिहार को जंगलराज से मुक्ति, कुर्ते पर कोई दाग नहीं... अमित शाह ने नीतीश कुमार की जमकर की तारीफ
बिहार को जंगलराज से मुक्ति, कुर्ते पर कोई दाग नहीं... अमित शाह ने नीतीश कुमार की जमकर की तारीफ
Iran Attacks Middle East: सऊदी अरब से यूएई तक 8 मुस्लिम देशों को ईरान ने क्यों बनाया निशाना? जानें हमले की वजह
सऊदी अरब से यूएई तक 8 मुस्लिम देशों को ईरान ने क्यों बनाया निशाना? जानें हमले की वजह
कम डाउन पेमेंट में खरीद सकते हैं Hunter को टक्कर देने वाली TVS Ronin, हर महीने इतनी देनी होगी EMI
कम डाउन पेमेंट में खरीद सकते हैं Hunter को टक्कर देने वाली TVS Ronin, हर महीने इतनी देनी होगी EMI
Embed widget