Uttarakhand Exit Poll Live: उत्तराखंड की सत्ता में वापसी कर सकती है कांग्रेस, बहुमत नहीं मिलने पर क्या होगा फॉर्मूला?
ABP C Voter Exit Poll 2022: एग्जिट पोल की अगर बात करें तो उत्तराखंड में बीजेपी को 26 से 32 सीटें मिल सकती हैं, वहीं कांग्रेस को इस बार 32 से 38 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है.
Uttarakhand Exit Poll Result: उत्तराखंड की 70 विधानसभा सीटों पर 10 मार्च को नतीजे सामने आएंगे, लेकिन नतीजों से ठीक पहले एग्जिट पोल से एक तस्वीर दिखाई गई है. एग्जिट पोल के नतीजों में बताया गया है कि उत्तराखंड में कांग्रेस सत्ता में वापसी कर सकती है. लेकिन मामला काफी कांटे का है, अगर किसी को भी स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो ऐसी सूरत में निर्दलीय और बाकी छोटे दल अहम भूमिका निभा सकते हैं.
एग्जिट पोल में बहुमत के करीब कांग्रेस
एग्जिट पोल की अगर बात करें तो उत्तराखंड में बीजेपी को 26 से 32 सीटें मिल सकती हैं, वहीं कांग्रेस को इस बार 32 से 38 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है. यानी कांग्रेस सरकार बनाने के सबसे ज्यादा करीब है. औसत सीटों की बात करें तो कांग्रेस को 35 सीटें मिल सकती हैं, यानी बहुमत के आंकड़े से एक सीट कम... ऐसे में आम आदमी पार्टी अगर 1 सीट जीतकर कांग्रेस को समर्थन देती है तो सरकार बनने का फॉर्मूला तैयार किया जा सकता है.
उत्तराखंड नतीजों को लेकर क्या है एक्सपर्ट्स की राय
उत्तराखंड को लेकर इन एग्जिट पोल के नतीजों को लेकर चुनावी विश्लेषक मनीषा प्रियम ने कहा कि, हम आंकड़ों पर सरकार नहीं बनाते हैं, इससे सिर्फ ये तथ्य निकाला जा सकता है कि मामला फंसा हुआ है. मेरा मानना है कि जो पार्टी आगे दिख रही है उसे एक-दो सीटें और ज्यादा मिल जाएं, इसके बाद ऐसी कोई स्थिति पैदा नहीं होगी. क्योंकि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस का 36 का आंकड़ा है, दिल्ली और पंजाब में आप ने कांग्रेस का सफाया किया है. ऐसे में दोनों का गठबंधन संभव नहीं है. बीजेपी की विपक्षी पार्टी मजबूत नहीं रही हैं, इसीलिए बीजेपी राज्य से बिल्कुल नहीं हट रही है. कांग्रेस थोड़े से अंतर से आगे बढ़ सकती है.
सीएसडीएस के प्रोफेसर अभय दुबे का भी यही मानना है कि कांग्रेस आसानी से राज्य में सरकार बना लेगी. उन्होंने कहा कि, चुनाव नतीजों में कांग्रेस को ज्यादा सीटें मिल सकती हैं, इसीलिए मुझे नहीं लगता है कि उसे किसी गठबंधन की जरूरत होगी. नेशनल एक्सपर्ट अभिज्ञान प्रकाश ने कहा कि, इस बार कांग्रेस की अपनी काफी ज्यादा मुश्किलें हैं. कांग्रेस को अपने झगड़ों को देखना होगा कि 10 मार्च को अपने दम पर नंबर लाती है या नहीं.
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Source: IOCL

















