नीट यूजी में टू-स्टेज फॉर्मूले से रुकेगा पेपर लीक? केंद्र कर रहा बड़े बदलाव पर विचार
नीट यूजी परीक्षा को आगे चलकर जईई की तर्ज पर दो चरणों में आयोजित किया जा सकता है. इसके साथ ही मौजूद पेन एंड पेपर मोड की जगह कंप्यूटर आधारित परीक्षा करने का प्रस्ताव भी चर्चा में है.

NEET Exam Pattern Change: नीट यूजी को लेकर केंद्र सरकार बड़े बदलावों पर विचार कर रही है. नीट यूजी परीक्षा को आगे चलकर जईई की तर्ज पर दो चरणों में आयोजित किया जा सकता है. इसके साथ ही मौजूद पेन एंड पेपर मोड की जगह कंप्यूटर आधारित परीक्षा करने का प्रस्ताव भी चर्चा में है. केंद्र ने यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हालफनामे में दी है. यह हलफनामा उन याचिकाओं की सुनवाई के दौरान दाखिल किया गया, जिनमें नीट पेपर लीक के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की गई है. सुप्रीम कोर्ट ने मई 2026 में केंद्र से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था बनाने को कहा था.
अभी अंतिम फैसला नहीं, टास्क फोर्स देगी रिपोर्ट
केंद्र सरकार ने साफ किया है कि अभी नीट यूजी के परीक्षा पैटर्न या मोड में कोई अंतिम फैसला नहीं दिया गया है. सभी बदलाव नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली हाई पावर्ड टास्क फोर्स की सिफारिश के बाद ही लागू किए जाएंगे. इस टास्क फोर्स में तकनीक, अंतरिक्ष, खुफिया एजेंसियों, शिक्षा और प्रशासन से जुड़े एक्सपर्ट शामिल है. समिति परीक्षा सुरक्षा, तकनीकी, व्यवस्था, बुनियादी ढांचे, छात्रों की पहुंच, समान अवसर और अकेडमिक पहलुओं का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट देगी.
क्यों हो रहा है Two-Stage परीक्षा पर विचार?
सरकार का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा सुधार को लेकर सवाल उठे हैं. ऐसे में परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है. जेईई मेन्स और जेईई एडवांस की तरह दो चरणों वाली परीक्षा लागू करने और कंप्यूटर आधारित टेस्ट अपनाने से परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा सुरक्षित बनाने की संभावना पर चर्चा चल रही है.
NTA की लगभग सभी बड़ी परीक्षाएं पहले से CBT मोड में
हलफनामे के अनुसार एनटीए की आठ प्रमुख परीक्षाओं में से 7 परीक्षाएं पहले से ही कंप्यूटर आधारित मोड में कराई जा रही है. इनमें जेईई मेन्स, सीयूईटी यूजी, सीयूईटी पीजी, यूजीसी नेट और सीएसआईआर नेट जैसी परीक्षा शामिल है. इनमें नीट यूजी फिलहाल एनटीए की एक मात्रा बड़ी परीक्षा है, जो अब भी पेन एंड पेपर मोड में आयोजित होती है. यही वजह है कि इसे सीबीटी मोड में लाने पर विचार किया जा रहा है.
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क्या Two-Stage परीक्षा से पेपर लीक रुकेगा?
केंद्र सरकार ने कोर्ट में बताया कि नीट यूजी अन्य परीक्षाओं से काफी अलग है. हर साल 22 लाख से ज्यादा छात्र इसमें शामिल होते हैं. जिनमें बड़ी संख्या ग्रामीण क्षेत्रों और छात्राओं की होती है. वहीं केंद्र सरकार का यह मानना है कि जेईई की तरह नीट यूजी की परीक्षा भी दो चरणों में कराने और कंप्यूटर आधारित टेस्ट अपनाने से परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सकता है. इससे एक ही दिन और एक ही पेपर पर निर्भरता कम होगी, जिससे पेपर लीक जैसे घटनाओं की आशंका घट सकती है. इसके अलावा सरकार का कहना है कि नीट के जरिए सिर्फ एमबीबीएस ही नहीं बल्कि बीडीएस, आयुष, वेटरनरी और नर्सिंग जैसे कई मेडिकल कोर्स में भी एडमिशन मिलता है. इसलिए परीक्षा के स्वरूप में कोई भी बदलाव करने से पहले सभी पहलुओं का विस्तार से मूल्यांकन किया जाएगा.
NMC और स्वास्थ्य मंत्रालय से भी होगी चर्चा
सरकार ने कहा है कि नीट यूजी का आयोजन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से किया जाता है. यह राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के नियमों के तहत संचालित होता है, इसलिए परीक्षा के पैटर्न या मोड में किसी भी बदलाव से पहले एनएमसी और स्वास्थ्य मंत्रालय से भी विस्तृत चर्चा की जाएगी.
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