एक्सप्लोरर

UPSC प्रिलिम्स 2026 पर बड़ा विवाद, 82 सवालों को लेकर NSUI ने उठाई जांच की मांग

UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 को लेकर विवाद, NSUI ने दावा किया है कि परीक्षा के 82 सवाल एक कोचिंग संस्थान के नोट्स से मेल खाते हैं और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है.पढ़ें पूरी खबर.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • पारदर्शिता पर बहस छिड़ी, आयोग की प्रतिक्रिया अपेक्षित.

UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 को लेकर नया विवाद सामने आया है. NSUI ने आरोप लगाया है कि परीक्षा में पूछे गए कई सवाल पहले से उपलब्ध एक कोचिंग संस्थान की स्टडी सामग्री से मिलते-जुलते दिखाई दिए हैं. संगठन ने इस मामले पर UPSC से आधिकारिक स्पष्टीकरण मांगा है और पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है. इस मुद्दे के सामने आने के बाद प्रतियोगी परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है.

क्या है पूरा मामला

NSUI के अनुसार, प्रारंभिक परीक्षा में शामिल कुछ प्रश्न एक कोचिंग संस्थान के अध्ययन नोट्स से काफी हद तक मेल खाते दिखाई दिए. संगठन का दावा है कि ऐसे कुल 82 प्रश्नों में समानता देखी गई है. इसी आधार पर संगठन ने परीक्षा प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं और कहा है कि मामले की स्वतंत्र समीक्षा होनी चाहिए.हालांकि अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन आरोप सामने आने के बाद यह मुद्दा तेजी से चर्चा में आ गया है सोशल मीडिया और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले समूहों में भी इस विषय पर बहस देखने को मिल रही है.

NSUI ने उठाई जांच की मांग

छात्र संगठन का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। संगठन का मानना है कि यदि किसी स्तर पर कोई अनियमितता हुई है तो उसे सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाना जरूरी है ताकि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनी रहे.NSUI ने यह भी कहा कि इस तरह के मामलों में समय पर जवाब और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाना जरूरी होता है, जिससे छात्रों के बीच किसी तरह की भ्रम की स्थिति न बने.

यह भी पढ़ें - NEET यूजी री एग्जाम एडमिट कार्ड जारी होने के बाद छात्र इन बातों का रखें विशेष ध्यान, परीक्षा से पहले पढ़ लें जरूरी निर्देश

अभ्यर्थियों के बीच बढ़ी चर्चा
देशभर से लाखों उम्मीदवार हर साल UPSC परीक्षा में शामिल होते हैं और इसे देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में गिना जाता है.ऐसे में इस तरह के आरोप सामने आने के बाद अभ्यर्थियों के बीच चर्चा तेज हो गई है. कई उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक प्रतिक्रिया और संभावित कदमों का इंतजार कर रहे हैं.कुछ छात्रों का मानना है कि ऐसे मामलों में स्पष्ट जानकारी जल्द जारी की जानी चाहिए ताकि परीक्षा से जुड़ी विश्वसनीयता पर असर न पड़े और अभ्यर्थियों के मन में उठ रहे सवालों का समाधान हो सके.

परीक्षा की पारदर्शिता पर फिर शुरू हुई बहस
प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और भरोसा बनाए रखना बेहद जरूरी माना जाता है. किसी भी परीक्षा को लेकर उठने वाले सवाल सीधे तौर पर लाखों उम्मीदवारों की तैयारी और भविष्य से जुड़े होते हैं. इसलिए ऐसे मामलों में तथ्यों के आधार पर जांच और आधिकारिक जानकारी को अहम माना जाता है.

आयोग की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस मामले को लेकर UPSC की ओर से कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है.आने वाले समय में आयोग की प्रतिक्रिया और संभावित जांच प्रक्रिया इस पूरे विवाद की दिशा तय कर सकती है. फिलहाल अभ्यर्थियों और शिक्षा जगत की नजर आगे आने वाले आधिकारिक अपडेट पर बनी हुई है.

यह भी पढ़ें - NEET UG री-एग्जाम देने वाले छात्रों को मिलेगी मुफ्त बस सेवा; सरकार का बड़ा फैसला

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

रजनी उपाध्याय बीते करीब छह वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली रजनी ने आगरा विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. बचपन से ही पढ़ने-लिखने में गहरी रुचि थी और यही रुचि उन्हें मीडिया की दुनिया तक ले आई.

अपने छह साल के पत्रकारिता सफर में रजनी ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया. उन्होंने न्यूज, एंटरटेनमेंट और एजुकेशन जैसे प्रमुख वर्टिकल्स में अपनी पहचान बनाई. हर विषय में गहराई से उतरना और तथ्यों के साथ-साथ भावनाओं को भी समझना, उनकी पत्रकारिता की खासियत रही है. उनके लिए पत्रकारिता सिर्फ खबरें लिखना नहीं, बल्कि समाज की धड़कन को शब्दों में ढालने की एक कला है.

रजनी का मानना है कि एक अच्छी स्टोरी सिर्फ हेडलाइन नहीं बनाती, बल्कि पाठकों के दिलों को छूती है. वर्तमान में वे एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां वे एजुकेशन और एग्रीकल्चर जैसे अहम सेक्टर्स को कवर कर रही हैं.

दोनों ही क्षेत्र समाज की बुनियादी जरूरतों से जुड़े हैं और रजनी इन्हें बेहद संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभालती हैं. खाली समय में रजनी को संगीत सुनना और किताबें पढ़ना पसंद है. ये न केवल उन्हें मानसिक सुकून देते हैं, बल्कि उनकी रचनात्मकता को भी ऊर्जा प्रदान करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

बिना खिलाड़ी बने आईपीएल जैसी बड़ी लीग्स का बनें हिस्सा, जानिए क्या है स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कोर्स?
बिना खिलाड़ी बने आईपीएल जैसी बड़ी लीग्स का बनें हिस्सा, जानिए क्या है स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कोर्स?
NEET UG की OMR शीट जारी, अब अपने जवाबों का करें मिलान; गलती मिलने पर ऐसे दर्ज करें आपत्ति
NEET UG की OMR शीट जारी, अब अपने जवाबों का करें मिलान; गलती मिलने पर ऐसे दर्ज करें आपत्ति
Medical Courses Without Neet: NEET क्लियर नहीं हुआ तो मत लो टेंशन ! बिना डॉक्टर बने कमाएं लाखों, इन कोर्स के लिए करें अप्लाई
NEET क्लियर नहीं हुआ तो मत लो टेंशन ! बिना डॉक्टर बने कमाएं लाखों, इन कोर्स के लिए करें अप्लाई
CCI Recruitment 2026: कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया में 148 पदों पर भर्ती, 9 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन
कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया में 148 पदों पर भर्ती, 9 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन
Advertisement

वीडियोज

Breaking | US Iran War | Hormuz Strait: होर्मुज पर कंट्रोल को लेकर ईरान ने धमका दिया! | Trump
Breaking | US Massive Attack on Iran: ईरान के 70 ठिकानों पर ट्रंप का विनाशक अटैक! | Khamenei
Akhilesh Yadav का Nitish Kumar की तरह U-TURN! |ABPLIVE
Evil Dead Burn देखने से पहले 100 बार सोचिए!
Tata Sierra EV Pros and Cons plus which battery pack to buy? #tata #tatasierraev #autolive
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
लालू यादव को 'सुप्रीम' राहत, चारा घोटाला मामले में SC ने जमानत रद्द करने से किया इनकार
लालू यादव को 'सुप्रीम' राहत, चारा घोटाला मामले में SC ने जमानत रद्द करने से किया इनकार
सांसद राजकुमार रोत के गनमैन पर जानलेवा हमला, साथी कांस्टेबल ने शराब के नशे में चाकू से किया वार
सांसद राजकुमार रोत के गनमैन पर जानलेवा हमला, साथी कांस्टेबल ने शराब के नशे में चाकू से किया वार
127 किलो का क्रिकेटर, एक कैच से बन गया था वर्ल्ड कप का हीरो, अब कहां हैं बरमूडा के ड्वेन लेवरॉक?
127 किलो का क्रिकेटर, एक कैच से बन गया था वर्ल्ड कप का हीरो, अब कहां हैं बरमूडा के ड्वेन लेवरॉक?
तारक मेहता' में नहीं कटेगा 'जेठालाल' का रोल, दिलीप जोशी के एग्जिट पर मेकर्स ने दी सफाई, बताया सारा सच
तारक मेहता' में नहीं कटेगा 'जेठालाल' का रोल, दिलीप जोशी के एग्जिट पर मेकर्स ने दी सफाई
5 घंटे तक 6 शहरों में बरसा बारूद... ईरान बोला- मार गिराया US का MQ-1, होर्मुज पर जंग से तेल महंगा
5 घंटे तक 6 शहरों में बरसा बारूद... ईरान बोला- मार गिराया US का MQ-1, होर्मुज पर जंग से तेल महंगा
E20 पेट्रोल पर आया वो सर्वे, जो उड़ा देगा केंद्र सरकार की नींद, NDA समर्थक ही हो गए खिलाफ, आंकड़ों ने चौंकाया
E20 पेट्रोल पर आया वो सर्वे, जो उड़ा देगा केंद्र सरकार की नींद, NDA समर्थक ही हो गए खिलाफ, आंकड़ों ने चौंकाया
एक ही खर्च में डबल कमाई! मछली पालन के साथ बिना मिट्टी के सब्जियां उगाने का ये है जादुई फॉर्मूला
एक ही खर्च में डबल कमाई! मछली पालन के साथ बिना मिट्टी के सब्जियां उगाने का ये है जादुई फॉर्मूला
E20 को लेकर सख्त हुई सरकार, ऐसे लोगों पर दिए कड़े एक्शन के निर्देश, जानिए क्या है मामला?
E20 को लेकर सख्त हुई सरकार, ऐसे लोगों पर दिए कड़े एक्शन के निर्देश, जानिए क्या है मामला?
Embed widget