अगर CBSE Board के रिजल्ट और परीक्षा को लेकर है कन्फूजन तो पढ़ें ये खबर
CBSE Board Exam 2020: 10वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स अगर सीबीएसई परीक्षा को लेकर हैं असमंजस की स्थिति में हैं तो पढ़ें नीचे दिए गये प्रश्नों के उत्तर

CBSE बोर्ड को लेकर मन में हैं कुछ सवाल तो यहां पायें उनके जवाब
सिलेबस सबके लिए हमेशा सेम ही रहता है और हमेशा सेम ही रहेगा. बोर्ड सभी स्टूडेंट्स के लिये एक ही तरह की परीक्षा का आयोजन करता है.
नहीं, इसकी परमिशन बोर्ड नहीं देता अगर कोई स्टूडेंट इंप्रूवमेंट एग्जाम में बैठ रहा है तो वो साथ ही में एडिशनल सब्जेक्ट का पेपर नहीं दे सकता.
इवैलुएशन के बाद अंक बढ़ भी सकते हैं और घट भी सकते हैं, ये वैरीफिकेशन के रिजल्ट पर निर्भर करता है. यहां यह ध्यान रहे कि अगर वैरीफिकेशन के बाद अंक कम हो जाते हैं तो, कैंडीडेट को कम अंकों को ही स्वीकार करना होता है.
हां, अगर अंक बदलते हैं तो नई मार्कशीट इश्यू होती है. इस नई मार्कशीट को पाने के लिए स्टूडेंट को पुरानी मार्कशीट सरेंडर करनी पड़ती है.
सीबीएसई बोर्ड में कक्षा बारह के एक स्टूडेंट को कंपार्टमेंट एग्जाम देने के कुल तीन मौके दिए जाते हैं.
हां, मिसिंग स्टेप्स के नंबर काटे जाते हैं. स्टेप वाइस मार्किंग इस बात पर भी निर्भर करती है कि प्रश्न कितने अंकों का है. हर स्टेप के अंक होते हैं. अगर आप कोई प्रश्न गलत भी करते हैं तो आप ने जितने स्टेप्स तक प्रश्न सही किया है उसके अंक आपको दिए जाते हैं. इस बारे में विस्तार से जानने के लिए सीबीएसई बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से मार्किंग स्कीम डाउनलोड कर सकते हैं.
नहीं, ऐसा कोई नियम नही है लेकिन बहुत लंबा उत्तर लिखने पर कई बार एग्जामिनर मुख्य बातों को पढ़ नहीं पाता इसलिए सलाह यही दी जाती है कि आंसर टू द प्वाइंट लिखें.
हां, स्पेलिंग मिस्टेक के अंक कट सकते हैं.
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Source: IOCL



























