प्राइवेट कर रहे हैं MBBS, ऐसे बनाएं अपनी हॉस्टल लाइफ का बजट
प्राइवेट कॉलेज में MBBS की फीस के साथ हॉस्टल और रोजमर्रा के खर्च भी बढ़ जाते हैं. ऐसे में आसान बजट प्लानिंग से छात्र अपने खर्च को बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं. जानें बजट प्लानिंग का आसान तरीका.

प्राइवेट कॉलेज से MBBS करना आसान नहीं होता. पढ़ाई की फीस ही काफी ज्यादा होती है और इसके साथ हॉस्टल, मेस, किताबें, मेडिकल इक्विपमेंट और रोजमर्रा के छोटे-बड़े खर्च भी जुड़े होते हैं. कई बार छात्र पढ़ाई और कॉलेज की फीस का तो हिसाब रखते हैं, लेकिन हॉस्टल में रहते हुए होने वाले खर्च का बजट पहले से तय नहीं करते. इसका असर महीने के आखिर में दिखाई देता है.
ऐसे में अगर आप भी प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में MBBS कर रहे हैं और हॉस्टल में रहते हैं, तो शुरुआत से ही अपने हॉस्टल लाइफ का बजट बनाना आपके लिए काफी मददगार हो सकता है. क्योंकि यह केवल कुछ समय की पढ़ाई नहीं बल्कि 4-5 साल का एक लंबा कोर्स होता है.
समझें हर महीने कितना खर्च करना है
बजट बनाने से पहले यह तय करें कि आपको हर महीने परिवार से कितनी पैसे मिलती है. इसके बाद उस पैसे में से जरूरी खर्च अलग करें. हॉस्टल या मेस का शुल्क अगर हर महीने देना है तो उसे सबसे पहले अलग रखें. इसके बाद मोबाइल रिचार्ज, आने-जाने का खर्च, रोजमर्रा का सामान और पढ़ाई से जुड़ी जरूरतों के लिए पैसे तय करें. अगर इसके बाद भी पैसे बचते हैं तो उन्हें आप जरूरत अनुसार अपने पर्सनल खर्च के लिए इस्तेमाल या सेविंग्स कर सकते हैं.
खाने-पीने का रखें हिसाब
हॉस्टल लाइफ में सबसे ज्यादा छोटे खर्च खाने-पीने पर होते हैं. कभी कैंटीन में स्नैक्स, कभी खाना पसंद न आने पर बाहर से खाना या ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना. एक-दो बार में यह खर्च ज्यादा नहीं लगता, लेकिन लगातार ऐसा करना आपके खर्च पर असर डाल सकता है. इसलिए पहले से तय करें कि महीने में बाहर खाने पर कितना खर्च करना है. मेस का खाना उपलब्ध है तो उसका ज्यादा इस्तेमाल करें और बाहर खाने को बजट के अंदर रखें.
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पढ़ाई के खर्च के लिए अलग बजट
MBBS में किताबें, नोट्स, एप्रन, स्टेथोस्कोप और दूसरी जरूरी चीजों पर भी खर्च होता है. जरूरी नहीं कि हर महीने इन चीजों पर पैसा लगे, लेकिन जब जरूरत पड़े तो अचानक ज्यादा पैसे खर्च हो सकते हैं. इसके लिए हर महीने थोड़े-थोड़े पैसे अलग रखना समय आने र मदद कर सकता है. इससे किताब या कोई जरूरी मेडिकल सामान खरीदते समय पूरे महीने का बजट नहीं बिगड़ेगा.
दोस्तों के साथ घूमना भी बजट में रखें
हॉस्टल लाइफ में दोस्तों के साथ घूमना-फिरना और बाहर खाने भी जाना पड़ता है. लेकिन इसके लिए एक तय खर्च रखना बेहतर है. अगर आप महीने में 1,000 रुपये तक बाहर घूमने या अन्य चीजों पर खर्च करना चाहते हैं, तो कोशिश करें कि उसी सीमा में रहें. इससे आपको हर बार खर्च करने से पहले सोचना भी पड़ेगा और महीने का बाकी खर्च बिगड़ेगा भी नहीं.
छोटे खर्चों को नजरअंदाज न करें
20, 50 या 100 रुपये का खर्च बहुत छोटा लगता है. लेकिन रोज होने वाले ऐसे खर्च महीने के अंत तक बड़ी रकम बन सकते हैं. इसलिए दिनभर में आपने कहां-कहां पैसे खर्च किए, इसका छोटा सा हिसाब मोबाइल में सेव करना एक अच्छा तरीका हो सकता है. जिससे महीने के अंत में आपको खुद पता चल जाएगा कि पैसा सबसे ज्यादा किस चीज पर खर्च हुआ.
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