एक्सप्लोरर

कैम्ब्रिज डिक्शनरी में शामिल हुआ नया शब्द 'Parasocial', जानें क्या होता है इसका मतलब?

कैंब्रिज डिक्शनरी ने 2025 का वर्ड ऑफ द ईयर ‘पैरासोशल’ चुना, जो लोगों और सेलिब्रिटी या एआई चैटबॉट्स के बीच बनने वाले एकतरफा भावनात्मक रिश्ते को दर्शाता है.

प्रसिद्ध अंग्रेजी शब्दकोश कैंब्रिज डिक्शनरी हर साल की तरह इस साल भी अपना वर्ड ऑफ द ईयर 2025 लेकर आया है. इस बार जिस शब्द ने जगह बनाई है, वह है ‘पैरासोशल’. यह शब्द आज की सोशल मीडिया वाली दुनिया में तेजी से बढ़ती एक खास तरह की भावनात्मक आदत को बताता है. जहां लोग अपने पसंदीदा सेलिब्रिटी, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर या यहां तक कि एआई चैटबॉट्स के साथ एकतरफा रिश्ता महसूस करने लगते हैं. यह रिश्ता असली दुनिया में मौजूद नहीं होता, लेकिन मन में एक गहरा जुड़ाव बना रहता है.

अगर आप भी कभी किसी एक्टर, गायक, यूट्यूबर या किसी किरदार को देखकर यह महसूस करते हैं कि वह आपको समझते हैं, या आप उन्हें अपने करीबियों की तरह देखते हैं, तो यह एक ‘पैरासोशल’ व्यवहार है. कैंब्रिज डिक्शनरी ने इसी बढ़ते ट्रेंड को देखते हुए इस शब्द को साल का सबसे खास शब्द घोषित किया है.
क्यों चुना गया ‘पैरासोशल’ शब्द?

सोशल मीडिया ने लोगों की जिंदगी में बड़ी जगह बना ली है. इंस्टाग्राम, यूट्यूब, रील्स और व्लॉग अब लोगों की रोजमर्रा की रूटीन का हिस्सा बन चुके हैं. लाखों लोग अपने पसंदीदा इन्फ्लुएंसर्स को फॉलो करते हैं, उनकी हर पोस्ट, हर अपडेट और हर छोटी बात को बड़े ध्यान से देखते हैं.

बहुत से लोग तो किसी सेलिब्रिटी को अपने परिवार जैसा मानने लगते हैं. ऐसा लगता है जैसे वह उन्हें जानते हों, समझते हों. लेकिन असल में यह रिश्ता सिर्फ एक तरफा होता है. यही एकतरफा जुड़ाव पैरासोशल रिलेशनशिप कहलाता है.

कैंब्रिज डिक्शनरी ने बताया कि इस साल सोशल मीडिया में इस तरह के जुड़ाव की चर्चा बहुत ज्यादा बढ़ी है. लोग अपनी पसंदीदा हस्तियों की जिंदगी से इतनी गहराई से जुड़ने लगे हैं कि यह एक बड़े सामाजिक ट्रेंड का रूप ले चुका है. इसी वजह से ‘पैरासोशल’ शब्द को वर्ड ऑफ द ईयर चुना गया.

क्या है ‘पैरासोशल’ का मतलब?

‘पैरासोशल’ का मतलब है एक ऐसा रिश्ता जिसमें भावना तो बहुत होती है, लेकिन वह रिश्ता सिर्फ आपकी तरफ से होता है. इसमें आप अपने पसंदीदा एक्टर्स या इन्फ्लुएंसर्स को अपना दोस्त या करीब समझने लगते हैं. उनकी लाइफ से बहुत ज्यादा जुड़ जाते हैं. उनके दुख-सुख को महसूस करते हैं. लेकिन उन्हें आपकी मौजूदगी के बारे में पता भी नहीं होता. फिर भी यह भावनात्मक रिश्ता आपके मन में एक असली रिश्ते जैसा गहरा असर डालता है.

पहली बार कब इस्तेमाल हुआ ‘पैरासोशल’ शब्द?

यह शब्द नया नहीं है. इसका इतिहास काफी पुराना है. 1956 में शिकागो यूनिवर्सिटी के दो समाजशास्त्रियों ने पहली बार ‘पैरासोशल’ शब्द का इस्तेमाल किया था. तब टीवी नया-नया था और रिसर्चर्स ने देखा कि टीवी देखने वाले लोग स्क्रीन पर दिखने वाले सेलिब्रिटी के साथ एक भावनात्मक जुड़ाव महसूस करते हैं. कई लोग तो उनकी तरह बनना चाहते थे, उनकी तरह कपड़े पहनते थे या उनकी तरह बात करते थे. यही जुड़ाव आगे चलकर ‘पैरासोशल रिलेशनशिप’ कहलाया. आज वही रिश्ता सोशल मीडिया के कारण कई गुना बढ़ गया है.

यह भी पढ़ें - BPSC Result : बीपीएसी प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट हुआ जारी; जानें कितने छात्र हुए सफल

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

रजनी उपाध्याय बीते करीब छह वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली रजनी ने आगरा विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. बचपन से ही पढ़ने-लिखने में गहरी रुचि थी और यही रुचि उन्हें मीडिया की दुनिया तक ले आई.

अपने छह साल के पत्रकारिता सफर में रजनी ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया. उन्होंने न्यूज, एंटरटेनमेंट और एजुकेशन जैसे प्रमुख वर्टिकल्स में अपनी पहचान बनाई. हर विषय में गहराई से उतरना और तथ्यों के साथ-साथ भावनाओं को भी समझना, उनकी पत्रकारिता की खासियत रही है. उनके लिए पत्रकारिता सिर्फ खबरें लिखना नहीं, बल्कि समाज की धड़कन को शब्दों में ढालने की एक कला है.

रजनी का मानना है कि एक अच्छी स्टोरी सिर्फ हेडलाइन नहीं बनाती, बल्कि पाठकों के दिलों को छूती है. वर्तमान में वे एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां वे एजुकेशन और एग्रीकल्चर जैसे अहम सेक्टर्स को कवर कर रही हैं.

दोनों ही क्षेत्र समाज की बुनियादी जरूरतों से जुड़े हैं और रजनी इन्हें बेहद संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभालती हैं. खाली समय में रजनी को संगीत सुनना और किताबें पढ़ना पसंद है. ये न केवल उन्हें मानसिक सुकून देते हैं, बल्कि उनकी रचनात्मकता को भी ऊर्जा प्रदान करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

आज भी अदालत और पुलिस महकमें में क्यों होता है उर्दू शब्दों का इस्तेमाल, कहां से हुई थी इसकी शुरुआत?
आज भी अदालत और पुलिस महकमें में क्यों होता है उर्दू शब्दों का इस्तेमाल, कहां से हुई थी इसकी शुरुआत?
NEET UG 2026 छात्रों को बड़ी राहत, फीस रिफंड के लिए बैंक डिटेल जमा करने की तारीख बढ़ी
NEET UG 2026 छात्रों को बड़ी राहत, फीस रिफंड के लिए बैंक डिटेल जमा करने की तारीख बढ़ी
Karnataka New CM: कितने पढ़े लिखे हैं कर्नाटक के होने वाले सीएम डीके शिवकुमार, जानिए प्रमोशन के बाद कितनी मिलेगी सैलरी
कितने पढ़े लिखे हैं कर्नाटक के होने वाले सीएम डीके शिवकुमार, जानिए प्रमोशन के बाद कितनी मिलेगी सैलरी
CBSE के नए मार्किंग सिस्टम पर बढ़ा बवाल, शिक्षा मंत्री बोले- छात्रों के हित में है OSM
CBSE के नए मार्किंग सिस्टम पर बढ़ा बवाल, शिक्षा मंत्री बोले- छात्रों के हित में है OSM

वीडियोज

NEET छात्रों के हक में Rajnath Singh का बड़ा कदम! | NTA | Dharmendra Pradhan | Latest News
‘Satarangi’ की cast ने खोले कई राज, emotions और action से भरी है कहानी
Bakrid Clash | Maharashtra: बकरीद पर पर भयंकर बवाल! | Eid Al Adha | Qurbani Controversy
Bakrid 2026: बकरीद पर Maharashtra में हिंदू संगठन का प्रदर्शन | Eid Al Adha
Bakrid 2026: बकरीद पर Maharashtra में हिंदू संगठन का प्रदर्शन | Eid Al Adha | Qurbani Controversy

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
बीजेपी संगठन में बड़ा फेरबदल, हरियाणा समेत इन 4 राज्यों के बदले प्रदेश अध्यक्ष
बीजेपी संगठन में बड़ा फेरबदल, हरियाणा समेत इन 4 राज्यों के बदले प्रदेश अध्यक्ष
बांकीपुर सीट से जन सुराज के चुनाव लड़ने पर JDU का बड़ा बयान, 'प्रशांत किशोर भी…'
बांकीपुर सीट से जन सुराज के चुनाव लड़ने पर JDU का बड़ा बयान, 'प्रशांत किशोर भी…'
Karnataka CM News: DK शिवकुमार को CM की कुर्सी तक ले जाने में प्रियंका गांधी का बड़ा रोल, पढ़ें इनसाइड स्टोरी
DK शिवकुमार को CM की कुर्सी तक ले जाने में प्रियंका गांधी का बड़ा रोल, पढ़ें इनसाइड स्टोरी
रितेश देशमुख का खास शख्स के नाम इमोशनल पोस्ट, शेयर की 'राजा शिवाजी' के बिहाइंड द सीन की फोटोज
रितेश देशमुख का खास शख्स के नाम इमोशनल पोस्ट, शेयर की 'राजा शिवाजी' के बिहाइंड द सीन की फोटोज
Asia Pacific Security Report: भारत के सामने मंडरा रहा डबल खतरा? डरा रही IISS की 150 पन्नो की रिपोर्ट, नो पीस का जिक्र
भारत के सामने मंडरा रहा डबल खतरा? डरा रही IISS की 150 पन्नो की रिपोर्ट, नो पीस का जिक्र
केन्या के गर्ल्स स्कूल में भीषण आग, 16 छात्राओं की मौत,70 से ज्यादा घायल; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
केन्या के गर्ल्स स्कूल में भीषण आग, 16 छात्राओं की मौत,70 से ज्यादा घायल; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
CSIR UGC-NET 2026 के लिए आवेदन शुरू, रिसर्च और प्रोफेसर बनने का सपना अब होगा पूरा
CSIR UGC-NET 2026 के लिए आवेदन शुरू, रिसर्च और प्रोफेसर बनने का सपना अब होगा पूरा
कितने रुपये की आती है सबसे ज्यादा दूध देने वाली मुर्रा भैंस? इससे कितनी होती है महीने की कमाई
कितने रुपये की आती है सबसे ज्यादा दूध देने वाली मुर्रा भैंस? इससे कितनी होती है महीने की कमाई
Embed widget