अब डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और डिग्री प्रोग्राम करें ऑनलाइन, UGC ने ऑनलाइन कोर्सेज को दी मंजूरी
UGC के फैसले के बाद शिक्षण संस्थान अब उन कोर्सेज में ऑनलाइन प्रोग्राम ऑफर कर सकते हैं जिनमें वह 5 साल से रेगुलर, ओपन या डिस्टेंस से डिग्री या डिप्लोमा दे रहे हों.

एकेडमिक सेशन 2018-19 से देश की यूनिवर्सिटी और उच्छ शिक्षण संस्थान अंडर ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और डिप्लोमा प्रोग्राम को ऑनलाइन ऑफर कर सकते हैं. 24 मई को हुई मीटिंग में यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) ने ऑनलाइन प्रोग्राम के लिए रेगुलेशन को मंजूरी दे दी है.
मानव एंव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, ''उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अहम बदलाव करते हुए UGC ऑनलाइन कोर्सेज के लिए रेगुलेशन को मंजूरी दे रहा है. इससे पहले तक इस तरह का कोई रेगुलेशन नहीं बनाया गया था.''
In a landmark reform in the field of Higher Education, University Grants Commission has approved UGC (Online Courses) Regulations. There was no such regulations earlier. @ugc_india #TransformingIndia #ugconlinecourses
— Prakash Javadekar (@PrakashJavdekar) May 24, 2018
उन्होंने आगे कहा, ''इस फैसले के बाद उच्च शिक्षण संस्थान ऐसे कोर्सेज में डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और डिग्री प्रोग्राम ऑफर करत सकते हैं, जिनमें वह पिछले 5 साल से रेगुलर कोर्स चला रहे हों.''
Or in Open and Distance Learning mode and from which at least one batch has been graduated and approved by the statutory councils, as applicable. @ugc_india #TransformingIndia #ugconlinecourses
— Prakash Javadekar (@PrakashJavdekar) May 24, 2018
UGC के फैसले के बाद शिक्षण संस्थान अब उन कोर्सेज में ऑनलाइन प्रोग्राम ऑफर कर सकते हैं जिनमें वह 5 साल से रेगुलर, ओपन या डिस्टेंस से डिग्री या डिप्लोमा दे रहे हों. हालांकि शिक्षण संस्थान इंजिनियरिंग, मेडिशन, डेनटल, फार्मेसी, नर्सिंग जैसे प्रैक्टिकल्स वाले कोर्सेज में ऑनलाइन प्रोग्राम ऑफर नहीं कर सकते.
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Source: IOCL























