एक्सप्लोरर

NEET विवाद के बाद NTA में बड़ा फेरबदल, जानें सरकार इसमें कैसे दे सकती है दखल और कया है कानूनी स्थिति?

केंद्र सरकार ने एनटीए में बड़े स्तर पर सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी है. नए पदों पर नियुक्ति से लेकर सुरक्षा, साइबर सिक्योरिटी, जांच व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे तक कई बदलाव किए जा रहे हैं.

नीट यूजी परीक्षा को लेकर चल रहे विवादों के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली एक बार फिर चर्चा में है. लगातार उठे सवालों के बीच के केंद्र सरकार ने एजेंसी में बड़े स्तर पर सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी है. नए पदों पर नियुक्ति से लेकर सुरक्षा, साइबर सिक्योरिटी, जांच व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे तक कई बदलाव किए जा रहे हैं. साथ ही एनटीए से जुड़े 47 अधिकारियों को हटाने और कुछ मामलों में कानूनी कार्रवाई की जानकारी भी सामने आई है.

इस इन सबके बीच एक बड़ा सवाल यह भी उठने लगा है कि जब एनटीए एक स्वायत्त संस्था है, तो सरकार इसमें कैसे दखल दे सकती हैं, क्या केंद्र सरकार सीधे बदलाव कर सकती है और इसकी कानूनी स्थिति क्या है?  

आखिर एनटीए में बदलाव की क्यों पड़ी जरूरत 

पिछले दो सालों में एनटीए की विश्वसनीयता पर कई सवाल उठे. नीट यूजी 2024 पेपर लीक मामले में बिहार पुलिस और बाद में सीबीआई की जांच शुरू हुई. वहीं यूजीसी नेट परीक्षा संभावित पेपर लीक की आशंका के चलते रद्द करनी पड़ी. इससे पहले सीयूईटी यूजी के शुरुआती संस्करण में भी तकनीकी और संचालन संबंधी गड़बड़ियां सामने आई. वहीं हाल ही में नीट यूजी पेपर 2026 लीक होने के बाद भी लगातार सवाल उठ रहे हैं और पेपर लीक को लेकर देशभर में प्रदर्शन जारी है. इन घटनाओं के बाद परीक्षा सुरक्षा, प्रश्न पत्रों की गोपनीयता, डेटा सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों की निगरानी और एजेंसी की प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. इसी के बाद केंद्र सरकार ने इसरो के पूर्व प्रमुख प्रो. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक हाई लेवल एक्सपर्ट कमेटी बनाई है, जिसने एनटीए में संस्थागत सुधारों की सिफारिश की. अब उन्हीं सिफारिश को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है.

एनटीए में क्या-क्या किए जा रहे हैं बदलाव 

एनटीए ने पहली बार चार वरिष्ठ स्तर के जनरल मैनेजर पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की है. इन अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल परीक्षा आयोजित करना ही नहीं होगी, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और वैज्ञानिक भी बनाना होगी. रिपोर्ट के अनुसार एनटीए ने 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त कर की है. इनमें कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और अपराधी कार्रवाई भी की जा सकती है. सरकार का कहना है कि कदम एजेंसी में जवाबदेही तय करने और व्यापक सुधार प्रक्रिया का हिस्सा है. आने वाले समय में प्रशासनिक राज्य और आउटसोर्सिंग व्यवस्था में भी बदलाव किए जा सकते हैं. 

ये भी पढ़ें-NEET Paper Leak: NTA की पेपर लीक पर बड़ी कार्रवाई, बर्खास्त किए गए 47 अधिकारी

एनटीए में कैसे दखल दे सकती है सरकार 

एनटीए को एक स्वायत्त संस्था है, लेकिन इसका संचालन पूरी तरह सरकार से अलग नहीं है. एजेंसी शिक्षा मंत्रालय के अधीन काम करती है और इसके प्रशासनिक व नीतिगत फैसलों में केंद्र सरकार की बड़ी भूमिका रहती है. एनटीए का गठन 2017 में शिक्षा मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संस्था के रूप में किया गया था. यह सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के तहत रजिस्टर्ड हैं और सूचना का अधिकार कानून के दायरे में आती है. वहीं एनटीए की गवर्निंग बॉडी का नेतृत्व उच्च शिक्षा विभाग के सचिव करते हैं, यही निकाय एजेंसी की नीतियां, प्रशासनिक दिशा और बड़े फैसलों को मंजूरी देता है. इसलिए आवश्यकता पड़ने पर शिक्षा मंत्रालय एनटीए में सुधारों को लागू कर सकता है. एनटीए में स्थायी पदों की संख्या भी सीमित है, कई अधिकारी डेपुटेशन के जरिए विभिन्न सरकारी विभाग और संस्थाओं से आते हैं. ऐसे में वरिष्ठ स्तर की नियुक्तियों और प्रशासनिक बदलाव में केंद्र सरकार की बड़ी भूमिका बनी रहती है. हालिया विवादों के बाद भी केंद्र सरकार एजेंसी के पूरे ढांचे की समीक्षा कर रही है. विशेषज्ञ समिति की सिफारिश के आधार पर आउटसोर्सिंग व्यवस्था, परीक्षा संचालन और कई बदलाव किए जा रहे हैं.

एनटीए की कानूनी हैसियत 

एनटीए कोई संवैधानिक संस्था नहीं है, एनटीए को राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करने के लिए बनाया गया है. वहीं इसका गठन शिक्षा मंत्रालय के तहत किया गया है और यह एक रजिस्टर्ड सोसाइटी के रूप में काम करती है. इसलिए एजेंसी को संचालन में स्वायत्तता जरूर प्राप्त है, लेकिन नीतिगत और प्रशासनिक संस्थागत स्तर पर केंद्र सरकार की इसमें भूमिका बनी रहती है. इसलिए जरूरत पड़ने पर सरकार इसमें सुधार, पुनर्गठन और प्रशासनिक बदलाव कर सकती है. 

ये भी पढ़ें-NEET UG 2026: जब NEET LEAK पर हो रहे थे प्रदर्शन, तब इस लड़के ने कर दिखाया कमाल

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

कविता एबीपी नेटवर्क नोएडा के साथ बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही है. वर्तमान में कविता का मुख्य फोकस शिक्षा, करियर और नौकरी से जुड़ी खबरों पर रहता है.

करीब 3.5 साल से पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी कव‍िता एबीपी नेटवर्क से पहले राजस्थान पत्रिका में काम कर चुकी है. यहां  उन्होंने नेशनल एडिशन और अलग-अलग सप्लीमेंट्स के लिए काम किया. राजस्थान पत्रिका में करियर की उड़ान और सी न्यूज जैसे कॉलम वह कवर करती थी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो के साथ काम करने का अवसर मिला, जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन की बारीकियों को समझने का अनुभव दिया. वहीं पत्रकारिता के अलावा कविता की खास रुचि खेल, विशेष रूप से क्रिकेट में है. राजस्थान पत्रिका में रहते हुए कविता ने मदर्स डे स्पेशल स्पोर्ट्स एडिशन में भी काम किया है.

पढ़ाई की बात करें तो कविता ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

बिहार 33320 पदों पर शिक्षक भर्ती की डेडलाइन आज, जानें आवेदन का पूरा तरीका 
बिहार 33320 पदों पर शिक्षक भर्ती की डेडलाइन आज, जानें आवेदन का पूरा तरीका 
भारत में सबसे ज्यादा सैलरी वाली नौकरी कौन, कितनी मिलती है तनख्वाह?
भारत में सबसे ज्यादा सैलरी वाली नौकरी कौन, कितनी मिलती है तनख्वाह?
कौन है देश का सबसे पढ़ा लिखा जीवित शख्स, क्या करते हैं वह?
कौन है देश का सबसे पढ़ा लिखा जीवित शख्स, क्या करते हैं वह?
क्या होता है ग्रेड-पे, इससे कैसे तय होती है सैलरी? जानें पूरा गणित
क्या होता है ग्रेड-पे, इससे कैसे तय होती है सैलरी? जानें पूरा गणित

वीडियोज

Sansani: दरिंदे पति ने हैवानियत की सारी हदें की पार!
Mallikarjun Kharge Statement: खरगे का विवादित बयान..सियासत में उबाल | Congress | Bihar | Patna
Mallikarjun Kharge Statement: कांग्रेस 'बाप' तक क्यों पहुंच गई? | Bihar News | Patna | Janhit
Anant Singh Inside Story: अनंत सिंह ने क्यों कहा JDU खत्म? | Nitish Kumar | Mokama | Bihar
Sandeep Chaudhary: रामलीला मैदान रैली पर बवाल..लोकतंत्र का है सवाल? | Congress Rally | INDIA Bloc

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
आजमगढ़, बदायूं... 'UP की सीटों का जिक्र कर अखिलेश पर क्यों ओवैसी हुए नाराज?
आजमगढ़, बदायूं... 'UP की सीटों का जिक्र कर अखिलेश पर क्यों ओवैसी हुए नाराज?
पुणे: केंद्र सरकार की लाइब्रेरी में उमर खालिद की किताब होने पर विवाद, उठाया गया यह कदम
पुणे: केंद्र सरकार की लाइब्रेरी में उमर खालिद की किताब, खड़ा हुआ विवाद
CJP नेताओं को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ने बताया 'कायर', कहा- 'जेल जाने से...'
CJP नेताओं को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ने बताया 'कायर', कहा- 'जेल जाने से...'
आमिर खान पर होना था हमला? फिर निशाने पर टाइगर श्रॉफ कैसे आ गए? जांच में चौंकाने वाला खुलासा
आमिर खान पर होना था हमला? फिर निशाने पर टाइगर श्रॉफ कैसे आ गए?
देवदत्त पडिक्कल 199 पर आउट, अंपायर के कारण 'डबल सेंचुरी' से चूके
देवदत्त पडिक्कल 199 पर आउट, अंपायर के कारण 'डबल सेंचुरी' से चूके
बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान 'अर्नब', हाई अलर्ट पर भारत, इन राज्यों में दिखेगा असर
बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान 'अर्नब', हाई अलर्ट पर भारत, इन राज्यों में दिखेगा असर
'सपा के गढ़ में पहली बार बहुजन समाज...', राजभर ने बढ़ा दी अखिलेश की टेंशन?
'सपा के गढ़ में पहली बार बहुजन समाज...', राजभर ने बढ़ा दी अखिलेश की टेंशन?
2 साल की बच्ची ने बजाया गजब का तबला, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम
2 साल की बच्ची ने बजाया गजब का तबला, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम
Embed widget