एक्सप्लोरर

DU छात्रों को ग्लोबल एक्सपोजर, विदेश में एक सेमेस्टर की पढ़ाई

DU Semester Away Programme: सेमेस्टर अवे प्रोग्राम को अंडर ग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क के तहत तैयार किया गया है. इससे DU के छात्र साझेदारी विदेशी यूनिवर्सिटी में एक सेमेस्टर की पढ़ाई कर सकेंगे.

DU Semester Away Programme: दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए पढ़ाई से जुड़ी एक बड़ी पहल को मंजूरी मिल गई है. यूनिवर्सिटी के कार्यकारी परिषद ने Semester Away Programme को मंजूरी दे दी है. इस योजना के तहत ग्रेजुएशन के छात्र अपने कोर्स के दौरान एक सेमेस्टर किसी विदेशी हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में पढ़ सकेंगे. वहां अर्जित किए गए एकेडमिक क्रेडिट को दिल्ली यूनिवर्सिटी की डिग्री में जोड़ा जाएगा.

इस बैठक में परिषद ने 4 वर्षीय ग्रेजुएशन प्रोग्राम पूरा करने वाले छात्रों के लिए सीधे पीएचडी में एडमिशन से जुड़े नियमों में भी संशोधन को मंजूरी दी है. हालांकि दोनों फैसलों पर काउंसलिंग कार्यकारी परिषद के कुछ निर्वाचित सदस्यों ने आपत्ति भी दर्ज कराई और इन्हें लेकर शैक्षणिक व आर्थिक सवाल उठाए. 

क्या है Semester Away Programme?

सेमेस्टर अवे प्रोग्राम को अंडर ग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क (UGCF)- 2022 के तहत तैयार किया गया है. इसके जरिए दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र साझेदारी विदेशी यूनिवर्सिटी में एक सेमेस्टर की पढ़ाई कर सकेंगे. इस दौरान हासिल किए गए क्रेडिट के बाद उनकी डीयू की डिग्री में ट्रांसफर किए जाएंगे, जिससे उनकी पढ़ाई बिना किसी रूकावट के आगे बढ़ सकेगी.

योजना को लेकर क्यों उठे सवाल? 

कार्यकारी परिषद के निर्वाचित सदस्यों ने इस प्रस्ताव पर असहमति जताते हुए कहा कि कार्यक्रम के संशोधित स्वरूप और पहले के प्रस्ताव के बीच हुए बदलावों को स्पष्ट नहीं किया गया. उनका कहना था कि इस तरह की व्यवस्था पहले चल चुके ट्विनिंग प्रोग्राम जैसी हो सकती है, जिससे दिल्ली यूनिवर्सिटी की मौजूदा डिग्रियों का महत्व भी प्रभावित होने की आशंका है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर छात्र विदेश में पढ़ाई कर क्रेडिट अर्जित करेंगे तो भविष्य में ऐसे कार्यक्रम उच्च शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा दे सकते हैं.

ये भी पढ़ें-नौकरीपेशा भी कर सकेंगे ITI, यूपी में तीसरी शिफ्ट में होगी पढ़ाई

विदेश में पढ़ाई का खर्च भी बना चिंता का विषय 

इस योजना को लेकर सबसे बड़ी चिंता इसकी लागत को लेकर जताई गई. आपत्ति दर्ज कराने वाले सदस्यों का कहना है कि छात्रों को दिल्ली यूनिवर्सिटी की नियमित फीस के अलावा विदेशी यूनिवर्सिटी की फीस भी देनी पड़ सकती है. इसके साथ यात्रा, रहने और दूसरे खर्च भी जुड़ेंगे, जिससे यह अवसर केवल आर्थिक रूप से सक्षम छात्रों तक सीमित रह सकता है. हालांकि स्वीकृत प्रस्ताव में यह भी प्रावधान किया गया है कि छात्र बाहरी छात्रवृत्ति और मोबिलिटी ग्रांट के लिए आवेदन कर सकेंगे. इसके अलावा उपलब्ध संसाधनों के आधार पर दिल्ली यूनिवर्सिटी या संबंधित कॉलेज जरूरत और मेरिट के अनुसार आर्थिक सहायता भी दे सकते हैं. 

4 वर्षीय UG कोर्स  के बाद सीधे PhD में मिलेगा एडमिशन 

कार्यकारी परिषद में पीएचडी प्रवेश से संबंधित अध्यादेश में संशोधन को भी मंजूरी दी है. नए प्रावधान के अनुसार 4 वर्षीय ग्रेजुएट प्रोग्राम पूरा करने वाले छात्र अब सीधे पीएचडी में एडमिशन के पात्र होंगे. इसके लिए अभ्यर्थी के चार वर्षीय ग्रेजुएट प्रोग्राम में कम से कम 7.5 सीजीपीए होना जरूरी है. साथ ही उसके नाम से Scopus-indexed जर्नल में कम से कम एक रिसर्च प्रकाशन भी होना चाहिए. यह व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के अनुरूप लागू की गई है. 

सीधे पीएचडी प्रवेश पर भी जताई गई आपत्ति 

कुछ सदस्यों ने इस व्यवस्था पर भी सवाल उठाए. उनका कहना है कि ग्रेजुएशन स्तर की पढ़ाई पूरी करने के बाद तुरंत छात्र रिसर्च के लिए पर्याप्त रूप से तैयार नहीं होते. उनके अनुसार पीएचडी के लिए किसी विशेष विषय की गहरी समझ और रिसर्च एक्सपीरियंस जरूरी होता है. उन्होंने यह भी चिंता जताई है कि इस नए प्रावधान में प्रवेश से पहले विभागीय अनुसंधान समिति के स्तर पर प्रवेश परीक्षा या इंटरव्यू का स्पष्ट प्रावधान नहीं है. ऐसे में रिसर्च विषय की उपयोगिता और छात्र की रिसर्च क्षमता का सही मूल्यांकन कैसे होगा इस पर भी सवाल उठाए गए.

ये भी पढ़ें-बाहर से दिल्ली आकर पढ़ना कितना महंगा, लोकल स्टूडेंट्स के मुकाबले कितना बढ़ रहा खर्च?

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

DU छात्रों को ग्लोबल एक्सपोजर, विदेश में एक सेमेस्टर की पढ़ाई
DU छात्रों को ग्लोबल एक्सपोजर, विदेश में एक सेमेस्टर की पढ़ाई
क्या है दिल्ली की डबल काउंसिलिंग? जिसमें फंस रही MBBS सीटें 
क्या है दिल्ली की डबल काउंसिलिंग? जिसमें फंस रही MBBS सीटें 
नौकरीपेशा भी कर सकेंगे ITI, यूपी में तीसरी शिफ्ट में होगी पढ़ाई
नौकरीपेशा भी कर सकेंगे ITI, यूपी में तीसरी शिफ्ट में होगी पढ़ाई
बाहर से दिल्ली आकर पढ़ना कितना महंगा, लोकल स्टूडेंट्स के मुकाबले कितना बढ़ रहा खर्च?
बाहर से दिल्ली आकर पढ़ना कितना महंगा, लोकल स्टूडेंट्स के मुकाबले कितना बढ़ रहा खर्च?
Advertisement

वीडियोज

जंतर मंतर की पुलिस फाइल्स!
Nia Sharma ने किया Relationship Soft Launch? Sikander Singh संग Photos ने मचाई हलचल
Bollywood News: अभिषेक बच्चन से क्यों टूटी थी करिश्मा कपूर की सगाई? सालों बाद डायरेक्टर के इस बड़े दावे ने मचाया तहलका! (31.07.26)
Sairaab:😱Ishan-Nayanika के रिश्ते पर परिजनों का बवाल, मुश्किल घड़ी में बुरी तरह टूटी Nayanika #sbs
PM Modi Video | Gen-Alpha: Gen-Alpha की आवाज...मोदी हैं तो विकास मुमकिन | NEET Paper Leak
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
स्पेन में जमीन और समुद्र के रास्ते घुसपैठ, 50 हजार में से कितने लौटे मोरक्को?
स्पेन में जमीन और समुद्र के रास्ते घुसपैठ, 50 हजार में से कितने लौटे मोरक्को?
'मेरे पास शब्द नहीं...', कुलगाम आंतकी हमले पर बोलीं महबूबा मुफ्ती
'मेरे पास शब्द नहीं...', कुलगाम आंतकी हमले पर बोलीं महबूबा मुफ्ती
हार्दिक पांड्या के CSK में आते ही कप्तान का सबसे बड़ा सिर दर्द होगा खत्म, समझें कैसे
हार्दिक पांड्या के CSK में आते ही कप्तान का सबसे बड़ा सिर दर्द होगा खत्म
'गंदी नाली के कीडे बन गए हैं', सीजेपी प्रोटेस्ट पर फूटा मुकेश खन्ना का गुस्सा, बोले- ‘ये स्पॉन्सर्ड आंदोलन था’
'गंदी नाली के कीडे बन गए हैं', सीजेपी प्रोटेस्ट पर फूटा मुकेश खन्ना का गुस्सा, युवाओं को दी चेतावनी
PM मोदी को निशाना बनाने वाले मॉर्फ्ड कंटेंट को लेकर मेटा इंडिया के हेड पर केस दर्ज
PM मोदी को निशाना बनाने वाले मॉर्फ्ड कंटेंट को लेकर मेटा इंडिया के हेड पर केस दर्ज
LPG सिलेंडर 200 रुपए सस्ता, कोलकाता-दिल्ली समेत कहां-कहां घटे दाम?
LPG सिलेंडर 200 रुपए सस्ता, कोलकाता-दिल्ली समेत कहां-कहां घटे दाम?
Viral Video : ट्रेन में कैसे चोरी होता है फोन, वीडियो देख उड़ जाएंगे होश
ट्रेन में कैसे चोरी होता है फोन, वीडियो देख उड़ जाएंगे होश
दुनिया का पहला Email आखिर किसने भेजा था? जानिए पूरी कहानी
दुनिया का पहला Email आखिर किसने भेजा था? जानिए पूरी कहानी
Embed widget