IIT पैनल की हरी झंडी के बाद CBSE का नया री-इवैल्यूएशन पोर्टल तैयार, छात्रों को मिलेगा सुरक्षित सिस्टम
CBSE ने री-इवैल्यूएशन के लिए नया सुरक्षित पोर्टल लॉन्च किया, IIT पैनल से मंजूरी मिलने के बाद अब आंसर शीट का-री-इवैल्यूएशन अधिक पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से किया जाएगा.जानें कैसे काम करेगा ये पोर्टल?

- सीबीएसई ने उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन हेतु नया पोर्टल शुरू किया.
- पुराने पोर्टल में सुरक्षा कमियां थीं, इसलिए इसे बदलना पड़ा,.
- आईआईटी विशेषज्ञों ने सुरक्षा जांच के बाद नए पोर्टल को स्वीकारा.
- इससे हजारों छात्रों के पुनर्मूल्यांकन आवेदन अब सुरक्षित प्रक्रिया से होंगे.
CBSE बोर्ड के छात्रों के लिए एक अहम खबर सामने आई है.बोर्ड ने उत्तर पुस्तिकाओं के री-इवैल्यूएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के लिए नया पोर्टल तैयार किया है. इस पोर्टल को IIT के विशेषज्ञों की टीम ने सुरक्षा जांच के बाद मंजूरी दे दी है. इसके बाद अब हजारों छात्रों की कॉपियों की दोबारा जांच का रास्ता साफ हो गया है.
CBSE ने Coempt EduTeck को हटाया
CBSE ने री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया से Coempt EduTeck को बाहर कर दिया है. कंपनी पहले उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग और मूल्यांकन से जुड़े तकनीकी काम देख रही थी. सुरक्षा जांच में कुछ खामियां सामने आने के बाद बोर्ड ने उसकी सेवाएं बंद करने का फैसला लिया. अब री-इवैल्यूएशन का पूरा काम नए और अधिक सुरक्षित सिस्टम के जरिए किया जाएगा, जिसे IIT विशेषज्ञों की मंजूरी मिल चुकी है.
सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया नया सिस्टम
CBSE ने नया पोर्टल तैयार करते समय सुरक्षा पर खास जोर दिया है. IIT विशेषज्ञों का कहना है कि नए सिस्टम में कई अतिरिक्त सुरक्षा फीचर जोड़े गए हैं. पोर्टल का काम करने का तरीका पहले जैसा ही है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से इसे काफी मजबूत बनाया गया है ताकि किसी भी तरह का साइबर खतरा न रहे.
कई संस्थानों ने मिलकर किया काम
नए पोर्टल को तैयार करने में कई संस्थानों ने मिलकर योगदान दिया है.इसमें डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन आईआईटी मद्रास और आईआईटी कानपुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही. जहां एक तरफ तकनीकी सुधार और सुरक्षा को मजबूत करने का काम किया गया, वहीं दूसरी तरफ सिस्टम की कमजोरियों को खोजकर उन्हें दूर किया गया.
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CBSE ने अपने नियंत्रण में लिया डेटा
सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए CBSE ने मूल्यांकन से जुड़े सभी डेटा और रिकॉर्ड को अपने नियंत्रण वाले सर्वर पर ट्रांसफर कर दिया है.इससे अब छात्रों की जानकारी और परीक्षा रिकॉर्ड पर सीधे बोर्ड की निगरानी रहेगी. माना जा रहा है कि इससे डेटा लीक या अनधिकृत पहुंच की आशंका काफी कम हो जाएगी.
हजारों छात्रों ने किया आवेदन
री-इवैल्यूएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 7 जून थी. बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, 4 जून तक 70 हजार से ज्यादा आवेदन प्राप्त हो चुके थे. इनमें हजारों छात्रों ने मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए आवेदन किया, जबकि बड़ी संख्या में छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की मांग की.
नए पोर्टल के शुरू होने से छात्रों को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी प्रक्रिया का लाभ मिलेगा.इससे उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में भरोसा बढ़ेगा और छात्रों को यह विश्वास मिलेगा कि उनकी कॉपियों का मूल्यांकन सुरक्षित सिस्टम के जरिए किया जा रहा है.
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