दिल्ली ब्लास्ट केस से जुड़ी अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर बड़ा एक्शन, NAAC ने भेजा नोटिस - मान्यता को लेकर हुआ खुलासा!
NAAC ने फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी को फर्जी मान्यता दिखाने पर नोटिस भेजा है. यूनिवर्सिटी पर अपनी वेबसाइट पर गलत जानकारी देकर छात्रों और अभिभावकों को गुमराह करने का आरोप लगा है.

दिल्ली ब्लास्ट केस में नाम आने के बाद फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी (Al-Falah University) एक बार फिर चर्चा में है. इस बार वजह पढ़ाई या स्टाफ नहीं, बल्कि फर्जी मान्यता दिखाना है. राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) ने यूनिवर्सिटी को एक शो-कॉज नोटिस भेजा है, जिसमें उस पर गलत जानकारी देने और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया गया है.
दिल्ली ब्लास्ट केस में नाम आने के बाद फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी (Al-Falah University) एक बार फिर चर्चा में है. इस बार वजह पढ़ाई या स्टाफ नहीं, बल्कि फर्जी मान्यता (Fake Accreditation) दिखाना है. राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) ने यूनिवर्सिटी को एक शो-कॉज नोटिस भेजा है, जिसमें उस पर गलत जानकारी देने और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया गया है.
NAAC का बड़ा खुलासा
NAAC की ओर से जारी नोटिस में साफ कहा गया है कि यह पाया गया है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी न तो NAAC से मान्यता प्राप्त है और न ही उसने Cycle-1 के लिए आवेदन किया है. इसके बावजूद यूनिवर्सिटी ने अपनी वेबसाइट पर यह दावा किया है कि उसकी तीन संस्थाओं को ‘A ग्रेड’ NAAC द्वारा दिया गया है.
Delhi terror blast case | National Assessment and Accreditation Council (NAAC) issued a show-cause notice to Al-Falah University in Faridabad for displaying false accreditation on its website.
— ANI (@ANI) November 13, 2025
The notice reads, "... It is brought to the notice of NAAC that the Al-Falah… pic.twitter.com/Wze75uqUmM
क्यों है यह मामला गंभीर?
NAAC यानी National Assessment and Accreditation Council भारत की एक प्रमुख संस्था है जो कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता का मूल्यांकन करती है. किसी भी यूनिवर्सिटी की NAAC ग्रेडिंग से यह पता चलता है कि वहां की शिक्षा, शोध और सुविधाओं का स्तर कितना अच्छा है.
विशेषज्ञों के अनुसार अगर कोई यूनिवर्सिटी फर्जी मान्यता दिखाकर छात्रों को एडमिशन देने की कोशिश करती है, तो यह धोखाधड़ी (Fraud) की श्रेणी में आता है. NAAC इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है और जांच के बाद संस्था पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है.
अल-फलाह यूनिवर्सिटी विवादों में
अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम हाल ही में दिल्ली ब्लास्ट केस से भी जुड़ा था. जांच एजेंसियों के अनुसार ब्लास्ट में मारा गया आरोपी डॉ. उमर इसी यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर था. उसके आतंक से जुड़ाव के बाद यूनिवर्सिटी पर पहले से ही कई सवाल उठे थे और अब NAAC की यह कार्रवाई संस्थान की साख को और झटका दे सकती है.
यह भी पढ़ें: बैंक ऑफ बड़ौदा में 2700 पदों पर भर्ती, आज से शुरू हुए आवेदन, जान लीजिए पूरी डिटेल्स
Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL





















