महाराष्ट्र में मेधावी छात्रों को NEET-JEE और CET की मुफ्त तैयारी कराएगा प्रशासन
महाराष्ट्र के नांदेड़ जिला प्रशासन ने ग्रामीण परिवारों के 200 मेधावी छात्रों को मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग देने का फैसला किया गया है.

महाराष्ट्र के नांदेड़ जिला प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्र के होनहार और जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए एक सराहनीय कदम उठाया है. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में पड़ रहे सूखे की स्थिति और आर्थिक तंगी को ध्यान में रखते हुए, जिला प्रशासन ने ग्रामीण परिवारों के 200 मेधावी छात्रों को मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग देने का फैसला किया गया है. इस पहल के तहत एलिजिबल स्टूडेंट्स को राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे नीट, जेईई, एमएचटी-सीईटी की फ्री और स्ट्रक्चर तैयारी कराई जाएगी. इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वित्तीय परेशानी या कमजोर आर्थिक स्थिति किसी भी प्रतिभाशाली छात्र को उच्च शिक्षा हासिल करने से न रोक सके.
किस मिलेगा इस योजना का लाभ?
फ्री कोचिंग का फायदा उठाने के लिए जिला प्रशासन ने कुछ शर्ते तय की गई है. दरअसल यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों के लिए है. वहीं वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्र के जिला परिषद, हाई स्कूल और सरकार से सहायता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में कक्षा 10वीं में पढ़ रहे छात्र इसके लिए एलिजिबल होंगे. इस विशेष कार्यक्रम के लिए कुल 200 मेधावी विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा.
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दिसंबर में होगी चयन परीक्षा
जिला प्रशासन की ओर से जारी सूचना के अनुसार इस कोचिंग कार्यक्रम में एडमिशन के लिए विद्यार्थियों का चयन एक प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होगा. यह चयन परीक्षा दिसंबर में आयोजित की जाएगी. वहीं परीक्षा पास करने वाले 200 चयनित छात्रों को एक्सपर्ट टीचर्स की ओर से मेडिकल, इंजीनियरिंग और दूसरे प्रोग्राम के लिए तैयारी कराई जाएगी. जिला प्रशासन ने ग्रामीण इलाकों के सभी पात्र विद्यार्थियों से इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है.
क्यों जरूरी माना जा रहा है यह कदम?
आमतौर पर संपन्न परिवारों के छात्र इन कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए लाखों रुपये फीस देकर बड़े कोचिंग संस्थानों का सहारा लेते हैं, जबकि ग्रामीण और गरीब परिवारों के बच्चे पैसों के अभाव में इस कंपटीशन में पीछे छूट जाते हैं. वहीं सूखे की मार झेल रहे नांदेड़ जिले में प्रशासन की यह पहल ग्रामीण छात्रों को समान अवसर प्रदान करने के लिए शुरू की जा रही है, ताकि वे सभी देश के टॉप टेक्निकल और मेडिकल संस्थानों में एडमिशन पा सके.
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