यस बैंक चला 16000 करोड़ वाला 'तुरुप का पत्ता', क्या अब शेयर मचाएगा गदर
यस बैंक में 20 प्रतिशत की हिस्सेदारी के बाद जापानी कंपनी एसएमबीसी सबसे बड़ा शेयरधारक बन गई है. यस बैंक ने आर्टिकल ऑफ एसोसिएशनमें भी बदलाव का फैसला किया है, ताकि एसबीआई और एसएमबीसी को अधिकार दिया जा सके.

Yes Bank To Raise Funds: निजी क्षेत्र के यस बैंक ने मास्टर स्ट्रोक चलते हुए 16 हजार करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि जुटाने का फैसला किया है. ये फंड इक्विटी और डेट दोनों तरह से जुटाया जाएगा. यस बैंक की 3 जून की देर शाम हुई बैठक में इस बारे में फैसला लिया गया. बैंक की तरफ से स्टॉक मार्केट को एक्सचेंज फाइलिंग में बताया गया कि 7500 करोड़ रुपये तक की रकम इक्विटी जारी कर के और बाकी 8500 करोड़ की रकम डेट इंस्ट्रूमेंट्स (इंडियन या फॉरेन करेंसी में) जुटाया जाएगा. हालांकि इससे शेयर होल्डर्स की हिस्सेदारी 10% से ज्यादा नहीं घटेगी.
वैसे यस बैंक की तरफ से इस फंड का किस तरह से उपयोग किया जाएगा, इस बारे में विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया गया है. जपान की समितोमो मिस्तुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन यानी एसएमबीसी के साथ यस बैंक की फंड रेजिंग को लेकर हुए महत्वपूर्ण शेयर खरीद डील के बाद ये बातें सार्वजनिक हुई है.
क्यों होता है फंड रेजिंग
किसी भी कंपनी की तरफ से फंड रेजिंग का मकसद अपने लिए पूंजी जुटाने और भविष्य में वृद्धि को समर्थन देने को लेकर होता है. इसके अलावा एक उद्देश्य लैंडिंग क्षमता का बढ़ाना भी होता है.
जैसे ही यस बैंक की तरफ से कारोबार बढ़ाने के लिए 16 हजार करोड़ रुपये जाने की खबर सामने आयी है, उसके बाद इसके शेयर में बुधवार की सुबह शुरुआती कारोबार के दौरान 0.72 प्रतिशत की तेजी दिखी और ये 21.01 रुपये पर कारोबार कर रहा था. निवेशकों को उम्मीद है कि यस बैंक के शेयर में आगे उछाल देखने को मिल सकता है. गौरतलब है कि इस बैंक के शेयर ने पिछले तीन महीने के दौरान 27.78 प्रतिशत का रिटर्न दिया है.
जापानी कंपनी की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी
यस बैंक में 20 प्रतिशत की हिस्सेदारी के बाद जापानी कंपनी एसएमबीसी सबसे बड़ा शेयरधारक बन गई है. यस बैंक ने आर्टिकल ऑफ एसोसिएशनमें भी बदलाव का फैसला किया है, ताकि एसबीआई और एसएमबीसी को अधिकार दिया जा सके.
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Source: IOCL





















