एक्सप्लोरर

World Cancer Day 2024: हेल्थ इंश्योरेंस के साथ जरूर खरीदें ये प्रोडक्ट, कैंसर जैसी बीमारियों का आसान होगा इलाज!

Cancer Critical Illness Cover: आज के समय में कैंसर के मरीज तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. इस बारे में जागरूकता लाने के लिए 4 फरवरी को ‘विश्व कैंसर दिवस’ मनाया जाता है...

कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में भारी खर्च आता है, जो आपके वित्तीय भविष्य को खतरे में डाल सकता है. एक क्रिटिकल इलनेस कवर आपकी रेगुलर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का पूरक हो सकता है और अस्पताल में भर्ती होने के दौरान के सभी खर्चों का भुगतान कर सकता है.

साधारण हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी तभी पर्याप्त होती है, जब उसमें बीमा की रकम ठीक-ठाक हो. कैंसर, हृदय संबंधी बीमारियों, लीवर फेलियर और लीवर ट्रांसप्लांट जैसी गंभीर व पुरानी बीमारियों के इलाज में काफी ज्यादा खर्च आ सकता है. यह खर्च लाखों में होने की वजह से व्यक्ति को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है. यही कारण है कि सामान्य हेल्थ इंश्योरेंस कवर के अलावा एक क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी खरीदनी चाहिए.

क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी खरीदना क्यों है जरूरी?

एक साधारण हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी अस्पताल में भर्ती होने के दौरान सभी खर्चों का भुगतान करती है, लेकिन क्या होगा अगर आपकी बीमारी ठीक होने में अधिक समय लेती है या पुरानी है? या, इलाज चल रहा हो सकता है, जिसके लिए आपको काम से छुट्टी लेने की जरूरत पड़े? यहीं पर क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी मदद करती है. ऐसी पॉलिसी आम तौर पर लाभ-आधारित पॉलिसी होती हैं. यानी, पॉलिसी में सूचीबद्ध किसी गंभीर बीमारी का पता चलने पर वे आपको पूर्व-निर्धारित एकमुश्त राशि का भुगतान करते हैं, भले ही उपचार पर कितना भी खर्च हुआ हो. ऐसी पॉलिसियां कैंसर, स्ट्रोक, लीवर फेलियर, ऑर्गन ट्रांसप्लांट और दिल के दौरे जैसी जानलेवा बीमारियों को कवर करती हैं.

ये पॉलिसियां, जो जनरल और लाइफ इंश्योरेंस दोनों कंपनियों द्वारा ऑफर की जाती हैं, एक निश्चित संख्या में गंभीर बीमारियों को कवर करती हैं, जिनकी संख्या दो से लेकर 60 तक हो सकती है. आप उन्हें या तो स्टैंडअलोन पॉलिसियों के रूप में या अपनी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के साथ राइडर्स के रूप में खरीद सकते हैं. कैंसर, किडनी की समस्याएं और हृदय संबंधी गंभीर बीमारियां 30 से 40 वर्ष की आयु वर्ग की युवा पीढ़ी को भी प्रभावित कर रही हैं. ऐसे में हर व्यक्ति के लिए क्रिटिकल इलनेस कवर लेना बहुत ही महत्वपूर्ण है.

कितनी राशि की क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी जरूरी?

अगर आपका बेसिक हेल्थ कवर 5 लाख रुपये है, तो आप 20-25 लाख रुपये की क्रिटिकल केयर पॉलिसी खरीदने पर विचार कर सकते हैं. पॉलिसीधारक इस क्लेम राशि का उपयोग अन्य खर्चों के लिए कर सकते हैं, जो अस्पताल में भर्ती होने के खर्च से अधिक हो सकता हैं. उदाहरण के लिए, स्ट्रोक या ऑर्गन ट्रांसप्लांट के बाद लाइफस्टाइल में बदलाव होने से लंबे समय तक फिजियोथेरेपी सेशन की आवश्यकता हो सकती है. यह सर्जरी, कीमोथेरेपी या विकिरण के बाद होने वाले हेल्थ बेनिफिट के खर्चों को पूरा करने में पॉलिसीधारक की मदद करेगा, चाहे वे महंगी दवाएं हों अथवा रेगुलर कैल्शियम या विटामिन की दवाएं, जबकि रेगुलर पॉलिसी अस्पताल में भर्ती होने के बाद के कवर के हिस्से के रूप में फॉलो-अप, डायग्नोस्टिक टेस्ट और फार्मेसी बिलों का भुगतान करती हैं. यह कवरेज आमतौर पर 60-90 दिनों के बाद बंद हो जाता है. इसके अलावा, एकमुश्त राशि उन लोगों के भी काम आएगी, जिन्हें बीमारी और लंबी इलाज प्रक्रिया के कारण अपनी नौकरी छोड़नी पड़ती है.

कौन सी क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी खरीदनी चाहिए?

सभी क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी सभी गंभीर बीमारियों को कवर नहीं करती हैं. इसलिए पॉलिसी खरीदने से पहले सभी नियमों और शर्तों को ध्यानपूर्वक पढ़ें. उसके बाद ऐसी पॉलिसी का चयन करें, जो कई प्रकार की गंभीर बीमारियों को कवर करती हो.

इसके अलावा बीमाकर्ता क्लेम का भुगतान तभी करेगा, जब पॉलिसीधारक इलाज के बाद कम से कम 15 दिनों तक जीवित रहे. हालांकि कुछ पॉलिसी में 7 दिनों तक जीवित रहने के बाद भी क्लेम का भुगतान कर दिया जाता है. उदाहरण के लिए, कुछ कैंसर-विशिष्ट पॉलिसियों में, प्रारंभिक चरण के कैंसर के मामले में इंश्योरेंस राशि का केवल 25-50 प्रतिशत ही भुगतान किया जाएगा. इसके अलावा, आम तौर पर, इंश्योरेंस राशि का भुगतान हो जाने के बाद क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी समाप्त हो जाती है.

(लेखक सिद्धार्थ सिंघल पॉलिसीबाजार डॉट कॉम के हेल्थ इंश्योरेंस के हेड हैं.)

ये भी पढ़ें: आईटीसी से लेकर सन फार्मा तक, इस सप्ताह कई बड़े शेयर हो रहे हैं एक्स-डिविडेंड

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Inflation News: गर्मी की छुट्टियों के बीच इस राज्य में बढ़ गया स्कूल बस का किराया, पैरेंट्स का बिगड़ा बजट
गर्मी की छुट्टियों के बीच इस राज्य में बढ़ गया स्कूल बस का किराया, पैरेंट्स का बिगड़ा बजट
Wedding SIP: बिना कर्ज लिए करनी है शाही शादी? आज ही शुरू करें वेडिंग एसआईपी और बनाएं बड़ा फंड, समझें गणित
बिना कर्ज लिए करनी है शाही शादी? आज ही शुरू करें वेडिंग एसआईपी और बनाएं बड़ा फंड, समझें गणित
41% भारतीयों के मानसिक तनाव की बड़ी वजह है 'फाइनेंशियल गोल्स', युवाओं पर सबसे ज्यादा दबाव- रिपोर्ट
41% भारतीयों के मानसिक तनाव की बड़ी वजह है 'फाइनेंशियल गोल्स', युवाओं पर सबसे ज्यादा दबाव- रिपोर्ट
TCS Share Crash: टीसीएस के शेयरों में 9% की एतिहासिक गिरावट, कोविड काल के बाद सबसे बड़ा सिंगल-डे क्रैश
टीसीएस के शेयरों में 9% की एतिहासिक गिरावट, कोविड काल के बाद सबसे बड़ा सिंगल-डे क्रैश

वीडियोज

Sushmita Sen को 'Gold Digger' कहने वालों को Lalit Modi का जवाब, बोले- हर बिल वही चुकाती थीं
Top Speed 60 km पर क्या ये Practical है ? River Indie scooter full review | #riverindie #autolive
Malviya Nagar Restaurant Fire: मालवीय नगर से LIVE दर्दनाक तस्वीरें | Delhi Breaking News
Salman Khan के स्टारडम से लेकर Nepotism विवाद तक, Nikhil Dwivedi ने की बेबाक बात; Bobby Deol की भी जमकर तारीफ
May 2026 Car Sales Report: Tata vs Mahindra में कौन बना No.2? Nissan ने किया बड़ा धमाका! #autolive

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'एक साल के भीतर नरेंद्र मोदी नहीं होंगे प्रधानमंत्री', राहुल गांधी का बड़ा दावा, कहा- अंदर की जानकारी...
'एक साल के भीतर नरेंद्र मोदी नहीं होंगे प्रधानमंत्री', राहुल गांधी का बड़ा दावा, कहा- अंदर की जानकारी...
फिर साथ आएंगे उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे? शिवसेना के मंत्री के बयान से हलचल, 'जब राज ठाकरे...'
फिर साथ आएंगे उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे? शिवसेना के मंत्री के बयान से हलचल, 'जब राज ठाकरे...'
अफगानिस्तान टेस्ट से पहले मुश्किल में टीम इंडिया, स्टार खिलाड़ी पर मंडराया बाहर होने का खतरा
अफगानिस्तान टेस्ट से पहले मुश्किल में टीम इंडिया, स्टार खिलाड़ी पर मंडराया बाहर होने का खतरा
नेतन्याहू के साथ फोन पर गर्मागरम बहस के बाद बोले ट्रंप- ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोज्तबा से चाहता हूं मुलाकात
नेतन्याहू के साथ फोन पर गर्मागरम बहस के बाद बोले ट्रंप- ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोज्तबा से चाहता हूं मुलाकात
ममता बनर्जी की पार्टी में बड़ी टूट, ऋतब्रत बनर्जी के साथ बागी 58 टीएमसी MLA को स्पीकर की मंजूरी
ममता बनर्जी की पार्टी में बड़ी टूट, ऋतब्रत बनर्जी के साथ बागी 58 टीएमसी MLA को स्पीकर की मंजूरी
दिल्ली होटल में आग के बाद FIR, मालिक गिरफ्तार, LG की इमरजेंसी बैठक, अब होने जा रहा बड़ा एक्शन, 5 बड़ी बातें
दिल्ली होटल में आग के बाद FIR, मालिक गिरफ्तार, LG की इमरजेंसी बैठक, अब होने जा रहा बड़ा एक्शन, 5 बड़ी बातें
Karnataka New CM DK Shivakumar: डीके शिवकुमार के हाथ अब कर्नाटक की कमान, तीन साल बाद पावर ट्रांसफर, देखें नए मंत्रियों की पूरी लिस्ट
डीके शिवकुमार के हाथ अब कर्नाटक की कमान, तीन साल बाद पावर ट्रांसफर, देखें नए मंत्रियों की लिस्ट
पश्चिम बंगाल में TMC की टूट पर BJP की पहली प्रतिक्रिया, कहा- ममता बनर्जी की निर्ममता से...
पश्चिम बंगाल में TMC की टूट पर BJP की पहली प्रतिक्रिया, कहा- ममता बनर्जी की निर्ममता से...
Embed widget