एक्सप्लोरर

जबरन छुट्टी और जबरदस्त तनाव, फिर भी घर नहीं आना चाहते भारतीय.. जानिए क्यों?

US Iran War: विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि यदि यह युद्ध लंबा चलता है, तो इसका असर खाड़ी देशों में काम कर रहे लाखों भारतीयों की नौकरियों और आय पर पड़ सकता है.

West Asia Tensions: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का वैश्विक असर देखने को मिल रहा है. इसका सीधा प्रभाव उन भारतीयों पर भी पड़ रहा है, जो खाड़ी देशों में काम करते हैं और वहां से कमाई कर अपने परिवारों को पैसे भेजते हैं. हालांकि, पश्चिम एशिया में चल रही भीषण लड़ाई के बावजूद ये प्रवासी भारतीय वापस भारत लौटना नहीं चाहते.

रिक्रूटमेंट एक्सपर्ट्स के अनुसार, ये कामगार अपनी नौकरियां सुरक्षित रखना चाहते हैं. साथ ही, वे अपने देश में रह रहे परिवारों की आर्थिक मदद जारी रखना चाहते हैं. फिलहाल इन कामगारों को समय पर मजदूरी मिल रही है, लेकिन अगर ईरान से जुड़ा यह युद्ध लंबा खिंचता है, तो इनके सामने बड़ा संकट खड़ा हो सकता है और उनकी नौकरियां भी खतरे में पड़ सकती हैं.

क्यों वापस नहीं लौटना चाहते भारतीय?

इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, अपना डॉट को के सीईओ कार्तिक नारायण का कहना है कि भारतीय ब्लू-कॉलर वर्कर्स खाड़ी देशों में हर महीने 30 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक कमा लेते हैं. वहीं, भारत में उन्हें लगभग आधी कमाई ही मिलती है. यही कारण है कि प्रवासी कामगार इन देशों की ओर आकर्षित होते हैं.

उन्होंने बताया कि खाड़ी देशों में करीब 90 लाख भारतीय ब्लू-कॉलर नौकरियों में कार्यरत हैं, जो निर्माण, तेल, सेवा क्षेत्र और अन्य श्रम-प्रधान कामों में लगे हुए हैं.

क्या पड़ सकता है असर?

खाड़ी देशों में काम के लिए भेजने वाली कंपनी फ्यूचर्स स्टाफिंग सॉल्यूशंस के संस्थापक फहरान आजमी के अनुसार, कई कामगारों को एहतियातन अवकाश पर जाने के लिए कहा गया है.

गौरतलब है कि ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले तथा उसके बाद तेहरान की जवाबी कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है. इसके बाद ईरान की ओर से अमेरिका के पश्चिम एशियाई सहयोगी देशों जैसे- यूएई, कतर, बहरीन और सऊदी अरब पर ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं.

बुधवार तक यह संघर्ष 19वें दिन में प्रवेश कर चुका है. ऐसे में विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि यदि यह युद्ध लंबा चलता है, तो इसका असर खाड़ी देशों में काम कर रहे लाखों भारतीयों की नौकरियों और आय पर पड़ सकता है.

ये भी पढ़ें: वेस्ट एशिया टेंशन के बीच नहीं थम रही रुपये की गिरावट, डॉलर के मुकाबले फिर निकला दम

राजेश कुमार पत्रकारिता जगत में पिछले करीब 14 सालों से ज्यादा वक्त से अपना योगदान दे रहे हैं. राष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दों से लेकर अपराध जगत तक, हर मुद्दे पर वह स्टोरी लिखते आए हैं. इसके साथ ही, किसी खबरों पर किस तरह अलग-अलग आइडियाज के साथ स्टोरी की जाए, इसके लिए वह अपने सहयोगियों का लगातार मार्गदर्शन करते रहे हैं. इनकी अंतर्राष्ट्रीय जगत की खबरों पर खास नज़र रहती है, जबकि भारत की राजनीति में ये गहरी रुचि रखते हैं. इन्हें क्रिकेट खेलना काफी पसंद और खाली वक्त में पसंद की फिल्में भी खूब देखते हैं. पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखने से पहले उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर ऑफ ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म किया है. राजनीति, चुनाव, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर राजेश कुमार लगातार लिखते आ रहे हैं.
Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Share Market: खुलते ही रॉकेट सा भागा शेयर बाजार, पहली बार 78000 के पार पहुंचा सेंसेक्स, निफ्टी भी आगे
खुलते ही रॉकेट सा भागा शेयर बाजार, पहली बार 78000 के पार पहुंचा सेंसेक्स, निफ्टी भी आगे
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर: DA मर्जर पर आया वित्त मंत्रालय का बड़ा फैसला, क्या सैलरी स्ट्रक्चर में होगा बदलाव?
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर: DA मर्जर पर आया वित्त मंत्रालय का बड़ा फैसला, क्या सैलरी स्ट्रक्चर में होगा बदलाव?
Gold- Silver Price Today: सस्ता हुआ सोना, चांदी में भी बड़ी गिरावट, खरीदारी से पहले जान लें आज के नए रेट
Gold- Silver Price Today: सस्ता हुआ सोना, चांदी में भी बड़ी गिरावट, खरीदारी से पहले जान लें आज के नए रेट
LPG Rate Today: क्या घरेलू गैस सिलेंडर के उपभोक्ताओं के लिए आज हुआ कुछ बड़ा ऐलान? जानें एलपीजी का अपडेटेड रेट
क्या घरेलू गैस सिलेंडर के उपभोक्ताओं के लिए आज हुआ कुछ बड़ा ऐलान? जानें एलपीजी का अपडेटेड रेट

वीडियोज

Aamir Khan की शादी में Kiran Rao क्यों नहीं दिखीं?
Vaibhav Sooryavanshi: डेब्यू कैप पाते ही रो पड़े वैभव सूर्यवंशी! 15 साल की उम्र में रच दिया इतिहास!.
Diljit Dosanjh की Sutluj रिलीज के 2 दिन बाद ही ZEE5 से क्यों हटाई गई?
Hyundai Creta Electric अब ₹10.99 लाख में! BAAS क्या है? सस्ती EV का पूरा सच | Creta EV Explained
Shilpa Shinde की धमाकेदार एंट्री, Lock Upp 2 में बढ़ेगा ड्रामा

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
S Jaishankar In Bahrain: जिस खाड़ी देश पर ईरान ने बरसाईं मिसाइलें, वहां पहुंचा भारत, एस जयशंकर ने पीएम मोदी का दिया मैसेज
जिस खाड़ी देश पर ईरान ने बरसाईं मिसाइलें, वहां पहुंचा भारत, एस जयशंकर ने पीएम मोदी का दिया मैसेज
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले से लेकर चंपत राय के इस्तीफे तक क्या-क्या हुआ? जानें- पूरी टाइमलाइन
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले से लेकर चंपत राय के इस्तीफे तक क्या-क्या हुआ? जानें- पूरी टाइमलाइन
सऊदी अरब तेल पर कितना दे रहा डिस्काउंट, भारत की हो जाएगी बल्ले-बल्ले, डीजल-पेट्रोल के दाम घटेंगे?
सऊदी अरब तेल पर कितना दे रहा डिस्काउंट, भारत की हो जाएगी बल्ले-बल्ले, डीजल-पेट्रोल के दाम घटेंगे?
IND VS ENG: नेट्स में वैभव सूर्यवंशी के साथ बड़ा 'हादसा', रुक गई पूरी टीम की प्रैक्टिस, जानिए क्या हुआ
IND VS ENG: नेट्स में वैभव सूर्यवंशी के साथ बड़ा 'हादसा', रुक गई पूरी टीम की प्रैक्टिस, जानिए क्या हुआ
Welcome To The Jungle BO Day 11: दूसरे मंडे पटरी से उतरी 'वेलकम टू द जंगल', जानें-11 दिनों में फिल्म ने कितना वसूला बजट
दूसरे मंडे पटरी से उतरी 'वेलकम टू द जंगल', जानें-11 दिनों में फिल्म ने कितना वसूला बजट
'चंपत राय की छवि अब भी बेदाग', राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक के बाद बोले कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि
'चंपत राय की छवि अब भी बेदाग', राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक के बाद बोले कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि
बेटी ने माता-पिता से छिपाया सच, जब फ्लाइट में सामने आई एयर होस्टेस बिटिया तो भावुक हुए पैरेंट्स- वीडियो वायरल
बेटी ने माता-पिता से छिपाया सच, जब फ्लाइट में सामने आई एयर होस्टेस बिटिया तो भावुक हुए पैरेंट्स
एआई पार्टनर कहीं दिल न तोड़ दे! चीन को सता रहा है डर, सरकार करने जा रही यह काम
एआई पार्टनर कहीं दिल न तोड़ दे! चीन को सता रहा है डर, सरकार करने जा रही यह काम
Embed widget