भारत पर 50% टैरिफ के बाद अब ट्रंप ने चीन को दी 200% लगाने की धमकी, जानें क्या है पूरा मामला
Trump Tariffs: ट्रंप ने कहा कि विश्व की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं यूएस और चीन मिलकर बेहतर रिश्ते बनाएंगी. लेकिन उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे बीजिंग को बर्बाद भी कर सकते हैं.

Trump Warns To China: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत पेनल्टी के तौर पर अतिरिक्त टैरिफ 27 अगस्त की सुबह करीब सवा नौ बजे से प्रभावी हो गया. इस बीच अब अमेरिकी राष्ट्रपति ने चीन के ऊपर 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी है. राष्ट्रपति ट्रंप ने यह दावा किया कि चीन में करीब 200 विमान नहीं उड़ान भर पा रहे हैं क्योंकि हमने उन्हें जानबूझकर बोइंग के पार्ट्स नहीं दिए. उनका यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब चीन को बोइंग की तरफ से करीब 500 विमान बेचने को लेकर सौदा चल रहा है. यह व्यापारिक सौदे में यूएस के एयरोस्पेस के महत्व को दिखाता है.
चीन को ट्रंप की धमकी
ट्रंप ने कहा कि विश्व की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं यूएस और चीन मिलकर बेहतर रिश्ते बनाएंगी. लेकिन उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे बीजिंग को बर्बाद भी कर सकते हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने बीजिंग की रेयर अर्थ पॉलिसी का हवाला देते हुए कहा कि अगर वाशिंगटन को मैग्नेट की सप्लाई करना बीजिंग बंद कर देगा तो वह उसके ऊपर 200 प्रतिशत तक का भारी भरकम टैरिफ लगा सकते हैं.
ट्रंप ने साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्योंग के साथ ओवल ऑफिस में द्विपक्षीय बैठक से ठीक पहले चीन के साथ विवादों को लेकर कहा कि वाशिंगटन की स्थिति बीजिंग की तुलना में काफी बेहतर है. उन्होंने कहा कि वे जल्द ही चीन का दौरा कर सकते हैं और हाल में उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बातचीत भी हुई है.
90 दिनों के लिए रुका ट्रेड वॉर
गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में जब पहली बार अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की तरफ से 2 अप्रैल को दुनियाभर के देशों के खिलाफ टैरिफ लगाने का ऐलान किया गया था. उस समय चीन के जवाबी एक्शन के बाद दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर शुरू हो गया था. लेकिन, दोनों देशों के बीच बातचीत के बाद इसे फिलहाल शांत किया गया है.
दोनों देशों के बीच 12 अगस्त को 90 दिनों के लिए व्यापारिक स्थिति को जस का तस रखने का फैसला किया गया है. इससे पहले ट्रंप की तरफ से चीनी सामानों के ऊपर टैरिफ की दरें बढ़ाकर 145 प्रतिशत तक कर दी गई थी. लेकिन दोनों देशों के बीच बातचीत के बाद ये दरें फिलहाल तीस प्रतिशत किया गया है.
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Source: IOCL






















