नहीं बाज आ रहे राष्ट्रपति ट्रंप, किया एक और बड़ा दावा, क्या इससे बढ़ेंगी भारत की मुश्किलें?
India US Relations: ट्रंप प्रशासन ने भारतीय वस्तुओं पर आयात शुल्क दोगुना कर 50 प्रतिशत कर दिया है, जिसमें रूसी तेल खरीद पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ भी शामिल है.

Trump Claims on Russian Oil: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने विवादास्पद बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं. इससे पहले भी वह भारत-अमेरिका संबंधों में अपने बयानों और दावों से तनाव पैदा कर चुके हैं — जैसे पहलगाम हमले को रुकवाने का श्रेय खुद को देने की कोशिश. अब ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध को रोकने के प्रयासों के बीच भारत को लेकर एक और बड़ा दावा किया है.
क्या है ट्रंप का नया दावा?
ट्रंप ने कहा है कि भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद करने पर सहमति जताई है और साल के अंत तक यह आयात ‘लगभग बंद’ कर देगा. उनका कहना है कि ये एक ‘प्रक्रिया’ है जिसमें कुछ समय लगेगा. उन्होंने यह भी कहा कि अब वे चीन को भी ऐसा करने के लिए राजी करने की कोशिश करेंगे. ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भारत ने उनसे कहा है कि वे रूसी तेल खरीदना बंद करने जा रहे हैं. यह एक प्रक्रिया है, आप अचानक नहीं रुक सकते... साल के अंत तक वे इसे लगभग बंद कर देंगे, यानी करीब 40 प्रतिशत तक कम कर देंगे.
अमेरिका का ऐसा मानना है कि नई दिल्ली की तरफ से मॉस्को से क्रूड ऑयल की खरीदारी परोक्ष तौर पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को युद्ध के लिए आर्थिक सहायता देने के समान है.
हाई टैरिफ और ट्रंप के बयानों की वजह से हाल के दिनों में नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच संबंधों में खिंचाव देखा गया है. ट्रंप प्रशासन ने भारतीय सामानों के ऊपर 50 प्रतिशत हाई टैरिफ लगा दिया है. इनमें 25 प्रतिशत बेसिक टैरिफ है, जबकि रूस से तेल की खरादीरी की वजह से जुर्माने के तौर पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया है. हालांकि, भारत ने ट्रंप के इस कदम को अनुचित, अन्यायपूर्ण और अव्यवहारिक करार दिया है.
क्या ट्रंप के दावे में दम है?
ट्रंप ने ये भी कहा कि वे जल्द ही चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे और रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के उपायों पर चर्चा करेंगे. उन्होंने कहा कि वे और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुख्य रूप से इस बारे में बात करेंगे कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को कैसे खत्म किया जाए — चाहे वह तेल, ऊर्जा या किसी अन्य माध्यम से हो.
ट्रंप ने आरोप लगाया कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन और बराक ओबामा की नीतियों के कारण चीन और रूस एक-दूसरे के करीब आए हैं. ट्रंप इस महीने के अंत में दक्षिण कोरिया में होने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) शिखर सम्मेलन में शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे.
अपनी व्यापार नीति का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि आज टैरिफ की वजह से अमेरिका एक मजबूत देश हैं. पहले ये हमारे खिलाफ इस्तेमाल होते थे, जिससे अमेरिका कमजोर हुआ और कर्ज 37 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया. अब टैरिफ ने हमें समृद्ध बनाया है और संघर्षों को रोकने में भी मदद की है. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने आठ युद्धों को रोका, जिनमें से ‘‘पांच या छह सिर्फ टैरिफ की वजह से’’ रुके. ट्रंप ने यह भी दोहराया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य तनाव को रोकने में भूमिका निभाई थी.
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