जीएसटी की मुनाफाखोरी रोकने के लिए सरकार ने बनाई अथॉरिटी
सरकार की ओर से लगातार जीएसटी को सरल करने के प्रयास किए जा रहे हैं. हाल ही में सरकार ने जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद करीब 175 चीजों को 28 प्तरिशत के स्लैब से निकाल कर 18 प्रतिशत के स्लैब में रखा था.

नई दिल्ली: जीएसटी की मुनाफाखोरी रोकने के लिए सरकार ने अथॉरिटी बनाई. जीएसटी के सरलीकरण की प्रकिया में सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. जीएसटी काउंसिल के सदस्ट और बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने संकेत दिए हैं कि सरकार जीएसटी में चार के बजाए सिर्फ दो टैक्स स्लैब करने पर विचार कर रही है.
सुशील मोदी ने कहा, ''जीएसटी में रेट से जुड़ा मुद्दा खत्म हो गया है. अब कई राज्यों में कर का संग्रह बढ़ता जा रहा है. इसीलिए हम आने वाले समय में देखेंगे कि क्या स्थिति है. इसके बाद आने वाले दिनों में जीएसटी काउंसिल विचार करेगी कि क्या स्लैब को कम किया जा सकता है. तुरंत ये कहना मुश्किल है लेकिन आने वाले समय में काउंसिल इस पर विचार जरूर करेगी.''
सुशील मोदी ने कहा, ''दुनिया के कई देशों में टैक्स के चार पांच स्लैब हैं, लेकिन राज्य और केंद्र के राजस्व संग्रह को देखते हुए आने वाले दिनों में इसे कम किया जा सकता है. इस वित्तीय वर्ष में अभी ऐसी कोई उम्मीद नहीं दिख रही है.''
सुशील मोदी ने कहा, "अभी भी बहुत सारी चीजों को 28% से 18% में लाया जा सकता है और 18% से कई चीजों को 5% टैक्स में लाया जा सकता है. आज कुछ लोग 28% टैक्स की बात करते हैं. कई चीजों पर 28% टैक्स है लेकिन ये वही चीजें हैं जिनमें जीएसटी से पहले 32% तक टैक्स था.''
सुशील मोदी ने एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए कहा, ''जीएसटी में सबसे बड़ा बदलाव ये हुआ है कि करीब 175 से ज्यादा वस्तुओं को 28 प्रतिशत के स्लैब से घटाकर 18 प्रतिशत के स्लैब में लाया गया है. इसमें आम आदमी के उपयोग अधिकतर चीजें हैं. हम उम्मीद करते हैं कि जब 10% की कमी हुई है तो इसका लाख जनता को मिलना चाहिए. अगर कंपनियां ऐसा नहीं करतीं हैं तो उन पर कार्रवाई की जाएगी.''
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