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Sundar Pichai: सुंदर पिचई ने ऐतिहासिक छंटनी पर एक साल बाद जताया अफसोस, 12 हजार कर्मचारियों की गई थी नौकरी

Sundar Pichai on Layoffs: गूगल के सीईओ सुंदर पीछे ने कहा है कि हमें और बेहतर तरीके के लोगों को फैसले के बारे में सूचित करना चाहिए था. छंटनी के हमारे तरीके से कर्मचारियों के मनोबल पर बुरा असर हुआ.

Sundar Pichai on Layoffs: दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी गूगल ने एक साल पहले लगभग 12000 कर्मचारियों को एक झटके में नौकरी से निकाल दिया था. इस छंटनी को कंपनी के इतिहास में सबसे बुरे दिनों के तौर पर याद किया जाता है. इस ऐतिहासिक छंटनी के लिए ग्लोबल टेक कंपनी गूगल की काफी आलोचना भी हुई थी. अब एक साल बाद गूगल के सीईओ सुंदर पिचई (Sundar Pichai) ने इस फैसले पर अफसोस जताया है. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को इस तरीके से छंटनी के बारे में जानकारी देना ठीक नहीं था.

मंदी की आशंका के चलते निकाले थे कर्मचारी 

साल 2023 की शुरुआत गूगल के कर्मचारियों के लिए बहुत बुरी रही थी. सॉफ्टवेयर सेक्टर की दिग्गज कंपनी गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट (Alphabet) ने 12 हजार लोगों को नौकरी से निकालने का ऐलान किया था. कंपनी का दावा था कि आईटी सेक्टर में मंदी की आशंका के चलते यह फैसला लेना पड़ रहा है. 

कर्मचारियों के मनोबल पर बुरा प्रभाव पड़ा

बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के अनुसार, एक बैठक के दौरान उनसे जब इस फैसले के बारे में पूछा गया कि तो पिचई ने कहा कि लगभग एक साल पहले हमें अपने कर्मचारियों को घटाने का फैसला लिया था. यह फैसला हमने ग्रोथ, पीएंडएल और मनोबल पर प्रभाव डालकर किया. हमने प्रभावित कर्मचारियों को सूचित करने का सही तरीका नहीं आजमाया. इससे कर्मचारियों के मनोबल पर बुरा प्रभाव पड़ा.

25 सालों में ऐसा कभी नहीं हुआ

सुंदर पिचई ने कहा कि किसी भी कंपनी के लिए छंटनी करना बहुत मुश्किल फैसला होता है. गूगल में हमने 25 सालों में ऐसा समय कभी नहीं देखा. हालांकि, अगर हम ऐसा नहीं करते तो भविष्य में और बुरा हो सकता था. कंपनी बड़े संकट में फंस सकती थी. दुनिया में तेजी से हो रहे बदलावों से निपटने में हमें चुनौतियों का सामना करना पड़ता. हम नई तकनीकों पर निवेश नहीं कर पाते.

छंटनी को ढंग से नहीं संभाल पाई गूगल 

रिपोर्ट के मुताबिक, जब पिचई से पूछा गया कि छंटनी को कैसे संभाला जाए तो उन्होंने माना कि गूगल ने इस प्रक्रिया को अच्छी तरह से नहीं संभाला. हमें और बेहतर तरीके से इस फैसले को लागू करना चाहिए था. हमें प्रभावित होने वाले कर्मचारियों को एक ही समय में सूचित नहीं करना चाहिए था. हम छंटनी को अलग तरीके से भी लागू कर सकते थे.

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