यूएस फेड के रेट कटौती संकेत के बाद उछले IT के शेयर, जबरदस्त तेजी के साथ खुला भारतीय बाजार, सेंसेक्स 200 के पार
Stock Market: मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिकी फेड की दर कटौती की उम्मीद से लिक्विडिटी में बढ़ोतरी होगी और इसका फायदा उभरते बाजारों को मिलेगा. आईटी कंपनियों के शेयरों में उछाल विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने के कारण है.

Stock Market Today: अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दर में कटौती के संकेत मिलते ही एशियाई बाजारों से लेकर भारत के शेयर बाजार तक जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है. हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार 25 अगस्त 2025 की शुरुआत होते ही निवेशकों का उत्साह बढ़ गया और बाजार हरे निशान में खुला.
सुबह करीब सवा नौ बजे बीएसई सेंसेक्स 203.14 अंक की छलांग लगाकर 81,509.99 पर पहुंच गया. इसके बाद 300 अंक ऊपर चढ़ गया. वहीं एनएसई निफ्टी 50 भी 53.20 अंक ऊपर चढ़कर खुला. शुरुआती कारोबार में आईटी, बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के स्टॉक्स में अच्छी खरीदारी देखने को मिल रही है.
आईटी स्टॉक्स में तेजी
सेंसेक्स की कंपनियों में आज इन्फोसिस के शेयरों में सबसे ज्यादा करीब 1.5% की तेजी रही. इसके अलावा एचसीएल टेक, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, एनटीपीसी, एशियन पेंट्स और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में भी मजबूती दिखी. वहीं जिन शेयरों में गिरावट दर्ज हुई उनमें सबसे ज्यादा नुकसान भारती एयरटेल के स्टॉक्स में देखने को मिला. इसके अलावा सन फार्मा, आईसीआईसीआई बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर और मारुति के शेयर भी लाल निशान में ट्रेड कर रहे हैं.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि फेड की संभावित दर कटौती से ग्लोबल लिक्विडिटी बढ़ने की उम्मीद है, जिससे आईटी और मेटल सेक्टर को खासा फायदा मिल सकता है.
बाजार में बढ़ेगी विदेशी निवेशकों का भरोसा
गौरतलब है कि अमेरिका में रेट कटौती का सीधा असर भारत समेत उभरते बाजारों पर देखने को मिलता है, जहां निवेशक आकर्षित होते हैं. यही वजह है कि फेडरल रिजर्व के संकेतों के बाद एशियाई बाजारों के साथ-साथ भारतीय बाजार में भी तेजी लौट आई है.
दरअसल, बीते कुछ सत्रों से लगातार विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय इक्विटी मार्केट से पैसा निकाल रहे थे और जोरदार बिकवाली हावी थी. लेकिन अब रेट कटौती की उम्मीद से बाजार में फिर से लिक्विडिटी आने की संभावना है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है. हालांकि, दूसरी तरफ रेट कटौती से अमेरिकी डॉलर की मजबूती में भी इजाफा होगा. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसका असर उभरते बाजारों की करेंसी पर पड़ सकता है, जिससे रुपए में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)






















