Xप्लेन: ₹25,000 तक सैलरी पर ज्यादा PF कटने से 4 बड़े फायदे और कैसे नुकसान? जानें सबकुछ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने EPFO के तहत वेतन सीमा को 15,000 रुपए प्रति माह से बढ़ाकर 25,000 रुपए करने को मंजूरी मिल गई. ये बदलाव 17 सितंबर 2026 से लागू हो गया है.

मान लें कि आपकी सैलरी 20,000 रुपए है. आज तक आपकी PF कटौती 15,000 रुपए पर होती थी यानी 1,800 रुपए महीने. अब 17 सितंबर 2026 से आपकी PF कटौती 25,000 हजार पर होगी यानी 3,000 रुपए महीने. हर महीने 1,200 रुपए ज्यादा कटेंगे. यानी साल भर में 14,400 रुपए आपकी जेब से ज्यादा निकलेंगे. हालांकि, ये पैसा गायब नहीं हो रहा. ये आपकी रिटायरमेंट की जमा पूंजी बन रहा है और आपकी पेंशन भी इससे बढ़ेगी. तो यह फायदा है या नुकसान या है दोनों...
सबसे पहले: असर किस पर पड़ेगा और किस पर नहीं
ये बदलाव हर कर्मचारी पर एक जैसा असर नहीं डालेगा. तीन कैटेगरी बनती हैं:
कैटेगरी-1: जिनकी बेसिक सैलरी 15,000 रुपए से कम है. इन पर कोई असर नहीं. उनकी PF कटौती पहले भी उनकी असली सैलरी पर हो रही थी, अब भी हो रही है.
कैटेगरी-2: जिनकी बेसिक सैलरी 15,000 रुपए से 25,000 रुपए के बीच है. ये सबसे ज्यादा प्रभावित कर्मचारी हैं. इनकी PF कटौती पहले 15,000 रुपए की सीमा पर होती थी, अब असली सैलरी पर होगी. इनकी इन-हैंड सैलरी घटेगी, लेकिन PF और पेंशन दोनों बढ़ेंगी.
कैटेगरी-3: जिनकी बेसिक सैलरी 25,000 रुपए से ज्यादा है और जो पहले से ऊंची सैलरी पर PF कंट्रीब्यूट कर रहे हैं. इन पर कोई अनिवार्य असर नहीं. ये चाहें तो ऊपर की सीमा पर योगदान जारी रख सकते हैं.
जिनकी सैलरी 25,000 रुपए से ज्यादा है, लेकिन PF कटौती 15,000 रुपए की सीमा पर हो रही थी, उनके लिए नया योगदान ऑप्शनल रहेगा.
इससे कर्मचारियों को क्या फायदा होगा?
आपके और हमारे जैसे कर्मचारियों को 4 बड़े फायदे होंगे...
फायदा-1: रिटायरमेंट कॉर्पस बढ़ जाएगा
PF में कर्मचारी और कंपनी दोनों 12-12 प्रतिशत डालते हैं. पहले 15,000 रुपए की सीमा पर हर महीने 1,800 रुपए कटता था. अब 25,000 रुपए पर 3,000 रुपए कटेंगे. कुल 2,400 रुपए अतिरिक्त हर महीने PF में जमा होगा.
फायदा-2: पेंशन में बड़ी छलांग
20 साल या ज्यादा की नौकरी पर 2 साल का बोनस भी मिलता है. मतलब 30 साल की नौकरी वाले को 32 साल की सेवा गिनी जाती है.

यहां ध्यान रखने वाली बात है कि 15,000 रुपए की सीमा पर सबसे ज्यादा पेंशन 7,500 रुपए बनती थी. अब 25,000 रुपए पर ये 12,500 रुपए तक पहुंच सकती है.
फायदा-3: बीमा कवर बढ़ेगा
EDLI के तहत जीवन बीमा कवर बढ़ेगा. 25,000 रुपए की सैलरी पर बीमा कवर 10.5 लाख तक पहुंच सकता है. अभी ये 7 लाख के आसपास है. अगर कर्मचारी की मृत्यु हो जाए, तो परिवार को ज्यादा रकम मिलेगी.
फायदा-4: सरकारी पेंशन सहयोग बढ़ेगा
सरकार हर कर्मचारी की पेंशन में 1.16% डालती है. पहले ये 15,000 रुपए पर गिना जाता था यानी 174 रुपए प्रति माह. अब 25,000 रुपए पर 290 रुपए प्रति माह होगा. ये पैसा कर्मचारी की जेब से नहीं जाता, बल्कि सरकार अपनी तरफ से डालती है.
तो क्या इससे कर्मचारियों को नुकसान भी होगा?
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इसके 3 बड़े नुकसान भी है...
नुकसान-1: इन-हैंड सैलरी सीधे घटेगी
ये सबसे बड़ा और सबसे तुरंत महसूस होने वाला नुकसान है. जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 15,000 रुपए से 25,000 रुपए के बीच है, उनकी हर महीने की टेक-होम सैलरी 1,200 रुपए तक कम हो जाएगी.
एक उदाहरण से समझिए- मान लीजिए किसी की बेसिक सैलरी 20,000 रुपए है. पहले PF कटौती 1,800 रुपए (15,000 रुपए का 12%) थी, यानी हाथ में 18,200 रुपए आते थे. अब असली सैलरी पर 12% कटेगा यानी 2,400 रुपए. अब हाथ में 17,600 रुपए आएंगे. महीने के 600 रुपए कम.
अगर बेसिक सैलरी 25,000 रुपए है, तो पहले 1,800 रुपए कटता था, अब 3,000 रुपए कटेगा. सीधे 1,200 रुपए कम हाथ में आएंगे.
जिनकी सैलरी 15,000 रुपए के करीब है, उन पर असर कम होगा. जो 25,000 रुपए के करीब हैं, उन पर सबसे ज्यादा. लेकिन उन कर्मचारियों के लिए राहत की बात है जिनकी पूरी सैलरी 15,000 रुपए से कम है. इनका PF पहले भी पूरी सैलरी पर कट रहा था, अब भी कटेगा. उनकी इन-हैंड सैलरी पर कोई फर्क नहीं.
नुकसान-2: महीने का बजट बिगड़ेगा
1,200 रुपए महीने का कम होना छोटी बात लगती है, लेकिन जिन परिवारों की आमदनी 20,000-25,000 रुपए है, उनके लिए ये बड़ी रकम है. घर का किराया, बच्चों की फीस, राशन और बिजली-पानी महीने की तय आमदनी पर चलता है. 1,200 रुपए कम आने का मतलब है कि महीने के आखिर में कुछ चीजें काटनी पड़ सकती हैं. खासकर छोटे शहरों और कस्बों में काम करने वाले कर्मचारियों पर ये दबाव ज्यादा होगा.
नुकसान-3: पैसा लंबे समय के लिए ब्लॉक होगा
PF का पैसा रिटायरमेंट तक नहीं निकाल सकते. यानी आज की जरूरतों के लिए जो 1,200 रुपए हाथ में आते थे, वो अब सालों बाद मिलेंगे. जिन लोगों को मेडिकल खर्च, बच्चों की पढ़ाई या घर के किसी काम के लिए तुरंत पैसों की जरूरत होती है, उनके लिए ये बड़ी दिक्कत है. PF से पैसा निकालने के नियम बहुत सख्त हैं और हर जरूरत में नहीं निकाला जा सकता.
किसे सबसे ज्यादा फायदा, किसे सबसे ज्यादा नुकसान?
सबसे ज्यादा फायदा उन कर्मचारियों को होगा, जो लंबी नौकरी करते हैं और रिटायरमेंट की प्लानिंग कर रहे हैं. 25-30 साल की नौकरी वाले कर्मचारी की पेंशन 5,786 रुपए से बढ़कर 9,643 रुपए हो सकती है यानी महीने के 3,857 रुपए ज्यादा. रिटायरमेंट के बाद हर महीने ये फर्क पड़ेगा. साथ ही, बीमा कवर भी 7 लाख रुपए से 10.5 लाख रुपए तक पहुंच सकता है.
सबसे ज्यादा नुकसान उन कर्मचारियों को होगा, जिनकी सैलरी 25,000 रुपए के करीब है और जिनका महीने का बजट तंग है. इनकी इन-हैंड सैलरी 1,200 रुपए तक घटेगी. अगर महीने की आमदनी 25,000 रुपए है और उसमें से 3,000 रुपए PF में जाएंगे, तो हाथ में 22,000 रुपए बचेंगे. इस रकम में घर चलाना मुश्किल हो सकता है. छोटे शहरों में ये असर ज्यादा दिखेगा.
सबसे ज्यादा दबाव MSME और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों पर पड़ेगा. इनके पास PF का बढ़ा खर्च एडजस्ट करने की गुंजाइश कम है. अगर कंपनी में 50 कर्मचारी हैं और हर एक पर 600 रुपए महीने ज्यादा खर्च आता है, तो महीने के 30,000 रुपए और साल के 3.6 लाख रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. एक छोटी कंपनी के लिए ये बड़ी रकम है.
सिर्फ नए कर्मचारियों पर लागू नहीं
ये बदलाव सिर्फ नए कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा. जो कर्मचारी पहले से EPFO का सदस्य है और जिसकी सैलरी 15,000 रुपए से 25,000 रुपए के बीच है, उस पर भी ये लागू होगा. मतलब अगर आपकी सैलरी पहले 15,000 रुपए थी और अब बढ़कर 20,000 रुपए हो गई है, तो आपकी PF कटौती अब असली सैलरी पर होगी.
श्रम मंत्रालय ने कहा है कि दिशा निर्देश जल्द ही जारी किए जाएंगे. उसमें ये साफ किया जाएगा कि कंपनियां अपना PF हिस्सा कर्मचारी की सैलरी से नहीं काट सकती. साथ ही, उन कर्मचारियों के लिए क्या नियम होंगे जो पहले से 25,000 रुपए से ऊपर की सैलरी पर PF दे रहे थे, ये भी साफ होगा.





















