पाकिस्तान में ईरानी नोट क्यों जमा कर रहे हैं लोग? रद्दी के भाव बिक रहे रियाल, इससे क्या होगा?
Iran Rial Investment: पाकिस्तान में लोग सस्ता ईरानी रियाल खरीद रहे हैं. हालांकि एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह बेहद जोखिम वाला निवेश हैं. आइए जानते हैं आखिर पाकिस्तान में लोग ऐसा क्यों कर रहे हैं.

- पाकिस्तान में लोग ईरान की रियाल के पुराने नोट जमा कर रहे हैं।
- सस्ती उपलब्धता और भविष्य में कीमत बढ़ने की उम्मीद है।
- विशेषज्ञों के अनुसार, यह निवेश बेहद जोखिम भरा हो सकता है।
- धोखाधड़ी या पैसे डूबने का खतरा भी बना हुआ है।
Pakistan Rial Demand: पड़ोसी देश पाकिस्तान में इन दिनों एक अलग तरह का ट्रेंड देखने को मिल रहा है. लोग ईरान की करेंसी रियाल के पुराने नोट और सिक्के तेजी से जमा कर रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि इसके पीछे कोई ऑफिशियल लेन-देन नहीं है, बल्कि भविष्य में कीमत बढ़ने की उम्मीद की वजह से लोग ऐसा कर रहे हैं. आइए जानते हैं, इस पूरे मामले को.
पाकिस्तान में क्यों बढ़ रही है ईरानी रियाल की मांग?
1. बहुत सस्ती मिल रही है करेंसी: ईरानी रियाल दुनिया की कमजोर करेंसी में गिनी जाती है. पाकिस्तान के स्थानीय बाजारों में यह बड़ी मात्रा में पहुंच रही है. खासकर कबाड़ जैसे सामान के साथ. इसी वजह से लोग बेहद कम कीमत में लाखों रियाल खरीद रहे हैं.
2. भविष्य में फायदा मिलने की उम्मीद: खरीदारों को लगता हैं कि अगर आगे चलकर ईरान की अर्थव्यवस्था में सुधार आता है या फिर ईरान पर लगाए गए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटते हैं, तो मौजूदा करेंसी की वैल्यू बढ़ जाएगी. ऐसा होने से वे अच्छा-खासा मुनाफा कमा पाएंगे. इन दोनों वजहों से पाकिस्तान में रियाल की मांग बढ़ रही है.
3. रियाल से बनेंगे अमीर: अमीर बनने की चाहत की वजह से लोग ईरानी करेंसी को लॉटरी की टिकट समझ खरीद रहे हैं.
करेंसी का कबाड़ जैसा हाल
ईरानी रियाल की हालत ऐसी हो गई है कि कई जगह इसे लगभग रद्दी कागज की तरह देखा जा रहा हैं. इसकी बड़ी वजह वहां की तेज महंगाई है. जिसके कारण लोगों का अपनी ही करेंसी पर भरोसा कम हो गया है. हालात तो ऐसे हो गए है कि, ईरान के लोग रियाल की जगह डॉलर या सोने को ज्यादा सुरक्षित मानते हैं और उसी पर भरोसा करते हैं.
इसमें छिपा है बड़ा जोखिम
1. विशेषज्ञों के मुताबिक, ईरानी रियाल में पैसा लगाना काफी जोखिम भरा हो सकता है. इसकी वजह यह है कि ईरान की अर्थव्यवस्था पहले से ही दबाव में है. जिससे की वजह से आगे की स्थित के बारे में कुछ पता नहीं है.
2. इसके अलावा पाकिस्तान में इस करेंसी के लिए कोई कानूनी एक्सचेंज मार्केट नहीं है. ऐसे में लोगों के साथ धोखाधड़ी होने या फिर पैसा पूरी तरह डूब जाने का खतरा भी हो सकता है.
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