Hiring Outlook Survey: नौकरीडॉटकॉम ने अपने सर्वे में कहा, 92 फीसदी कंपनियों की है अगले 6 महीने में हायरिंग की योजना
Naukri Hiring Outlook Survey: 2023 में अगले छह महीने में रोजगार के नए अवसर जगने वाले हैं. कंपनियां बड़े पैमाने पर हायरिंग की योजना बना रही हैं.

Hiring Outlook Survey: जो लोग नौकरी की तलाश कर रहे हैं या फिर नौकरी बदलने की सोच रहे हैं उनके लिए अच्छी खबर है. ज्यादातर कंपनियां 2023 की दूसरी छमाही में नई भर्ती करने की प्लानिंग कर रही हैं. इसमें नये पदों के साथ ही छोड़कर जाने वाले लोगों के स्थान पर होने वाली नियुक्तियां भी शामिल है.
नौकरीडॉटकॉम ने हायरिंग सर्वे जारी किया है. इस हायरिंग आउटलुक सर्वे के मुताबिक, अधिकतर कंपिनयों ने हायरिंग करने की प्रतिबद्धता जाहिर की है. ये कंपनियां बिजनेस डेवलपमेंट, मार्केटिंग और ऑपरेशन रोल्स के पदों पर नियुक्ति कर सकती हैं.
नौकरी हायरिंग आउटलुक सर्वे के मुताबिक, नियुक्ति करने वाले करीब 92 फीसदी को उम्मीद है कि वे प्रोफेशनल्स की हायरिंग करेंगी. सर्वे में भाग लेने वाली कंपनियों में 47 फीसदी का कहना है कि वे नए लोगों के साथ ही छोड़कर जाने वालों की जगह पर भी हायरिंग करेंगी. 26 फीसदी का कहना है कि वे केवल नए जॉब्स के लिए ही भर्तियां करेंगी. वहीं 20 फीसदी कंपनियों का कहना है कि वे अगले छह महीने तक मौजूदा वर्कफोर्स को बरकरार रखेंगी और कोई नई भर्ती करने का उनका इरादा नहीं है. 4 फीसदी कंपनियां ऐसी भी थीं जिन्होंने कहा कि वे जुलाई से दिसंबर के बीच छंटनी करेंगी.
इस सर्वे में 1,200 से अधिक भर्ती करने वाली कंपनियों और सलाहकारों ने हिस्सा लिया है. ये सर्वे देशभर में कंपनियों उद्योगों में भर्ती के रुझान को मापने के लिए साल में दो बार किया जाता है. नौकरीडॉटकॉम के चीफ बिजनेस ऑफिसर पवन गोयल ने कहा, सर्वे में शामिल 92 फीसदी ने भर्तियां होने का अनुमान लगाते हुए कहा कि वे स्टैंडर्ड हायरिंग प्रैक्टिस को अपनाने जा रही हैं.
सर्वे में कैम्पस हायरिंग की भी बात कही गई है. 36 फीसदी नियोक्ता का कहना है कि वे कैम्पस हायरिंग करने की योजना बना रही हैं. 11 फीसदी का मानना है कि अगले छह महीने में कैम्पस हायरिंग जोर पकड़ने वाला है. वहीं 39 फीसदी का कहना है कि फिलहाल कैम्पस हायरिंग पर रोक लगा रखा है.
सैलेरी बढ़ोतरी पर सर्वे में शामिल 42 फीसदी नियोक्ता ने कहा कि उनकी कंपनी ने 10 फीसदी से कम इंक्रीमेंट ऑफर किया है. जबकि 31 फीसदी का कहना है कि उनके यहां इंक्रीमेंट 10 से 15 फीसदी के बीच के रेंज में रहा है. जबकि 6 फीसदी का कहना है कि उनके यहां मौजूदा अप्रेजल साइकिल में इंक्रीमेंट 30 फीसदी से ज्यादा रहा है.
ये भी पढ़ें
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















