इस बड़ी कंपनी पर आया मोतीलाल ओसवाल का दिल, खरीद डाले 10 करोड़ डॉलर के शेयर
Zepto: जेप्टो 5 बिलियन डॉलर के वैल्यूएशन पर सेकेंडरी ट्रांजेक्शन के जरिए 200-250 मिलियन डॉलर जुटाने की तैयारी में है. डील में मोतीलाल ओसवाल (फर्म), एडलवाइस हीरो फिनकॉर्प जैसे बड़े निवेशक शामिल होंगे.

Zepto: मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के फाउंडर मोतीलाल ओसवाल और रामदेव अग्रवाल ने क्विक कॉमर्स सर्विस प्लेटफॉर्म जेप्टो में 100 मिलियन डॉलर के शेयर खरीदे हैं. सूत्रों के हवाले से मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि दोनों में से हर एक ने इस फास्ट ट्रेड यूनिकॉर्न में 50-50मिलियन डॉलर के शेयर खरीदे हैं.
घरेलू निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ाने में जुटी कंपनी
रिपोर्ट के मुताबिक, यह सौदा एक ऐसे वक्त पर हुआ है जब जेप्टो कंपनी में ज्यादा हिस्सेदारी भारतीय निवेशकों के होने की कोशिश में जुटी हुई है. इस दौरान ओसवाल और अग्रवाल ने रॉकेट इंटरनेट, लैची ग्रूम जैसे जेप्टो के कुछ शुरुआती विदेशी निवेशकों से शेयर खरीद लिए हैं.
IPO की तैयारी कर रही क्विक कॉमर्स कंपनी जेप्टो सेकेंडरी ट्रांजेक्शन के जरिए 200-250 मिलियन डॉलर की फंड जुटाने की तैयारी में है. इस दौरान कंपनी में ज्यादा से ज्यादा भारतीय निवेशक अपनी हिस्सेदारी खरीद सकते हैं. इनमें मोतीलाल ओसवाल (फर्म), एडलवाइस हीरो फिनकॉर्प जैसे और भी कई बड़े नाम हैं. इस लेनदेन के बाद भी जेप्टो की कुल वैल्यू 5 बिलियन डॉलर की बनी हुई है.
इस वक्त आईपीओ लॉन्च करने का है प्लान
कंपनी विदेशी निवेशकों से ज्यादा से ज्यादा शेयर लेकर भारतीय निवेशकों को देने की कोशिश में जुटी है ताकि वह एक भारतीय कंपनी मानी जाए और उसे इसके तहत बिजनेस में कई सहूलियत मिल सके. कंपनी का प्लान आईपीओ के लॉन्च होने से पहले इसमें भारतीय निवेशकों की हिस्सेदारी 50 परसेंट से अधिक बढ़ाने का है. रिपोर्ट के मुताबिक, जेप्टो वित्त वर्ष 2026 या 2027 में अपना आईपीओ लॉन्च कर सकता है.
कंपनी ने शिफ्ट किया हेडक्वॉर्टर
इस साल जनवरी में लिस्टिंग के नियमों के मुताबिक जेप्टो ने अपना हेडक्वॉर्टर सिंगापुर से भारत शिफ्ट कर लिया. कंपनी का हेडक्वॉर्टर इस वक्त बेंगलुरु में है. जेप्टो ने अपनी पेरेंट कंपनी का नाम किरानाकार्ट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड से बदलकर जेप्टो प्राइवेट लिमिटेड कर दिया है. नवंबर 2024 में 5 बिलियन डॉलर के वैल्यूएशन पर घरेलू फंडिंग राउंड में 350 मिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाए थे.
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Source: IOCL





















