1601 करोड़ की बिल्डिंग में शिफ्ट होंगे CM फडणवीस, ऐसे बचेगा करोड़ों का किराया
Maharashtra Government: महाराष्ट्र सरकार मुख्यमंत्री कार्यालय को एयर इंडिया बिल्डिंग में शिफ्ट करेगी. इससे सरकारी कामकाज तेज होगा और हर साल करीब 200 करोड़ रुपये की बचत होगी.

Maharashtra CM Office: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के ऑफिस को मुंबई के नरीमन पॉइंट लोकेटेड एयर इंडिया बिल्डिंग में शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है. इतना ही नहीं सरकार के बाकी मंत्रालय भी इसी बिल्डिंग में शिफ्ट होंगे. सरकार का मानना है कि इससे मैनेजमेंट का काम बेहतर होगा और हर साल करोड़ों रुपये के किराये की बचत भी होगी.
1601 करोड़ में खरीदी गई एयर इंडिया बिल्डिंग
दरअसल, महाराष्ट्र सरकार ने पिछले महीने 23 मंजिला एयर इंडिया बिल्डिंग को 1,601 करोड़ रुपये में खरीदा था. ये इमारत सरकारी जमीन पर लोकेटेड है और अब इसे राज्य का नया मेन ऑफिस बनाने की प्लान है. सरकार चाहती है कि मंत्रालय के बाहर अलग-अलग जगहों पर चल रहे सरकारी ऑफिस को एक ही बिल्डिंग में लाया जाए, ताकि काम आसान हो सके.
सिर्फ मुख्यमंत्री कार्यालय ही नहीं, बल्कि वो सब सरकारी डिपार्ट्मन्ट भी एयर इंडिया बिल्डिंग में शिफ्ट किए जाएंगे, जो फिलहाल किराये के ऑफिस से काम कर रहे हैं इससे सरकार को हर साल करीब 200 करोड़ रुपये के किराये की बचत होने का अंदाजा है. अभी मंत्रालय के आसपास जगह की कमी होने की वजह से कई डिपार्ट्मन्ट अलग-अलग बिल्डिंग में चल रहे हैं, जिस पर सरकार का बड़ा खर्च होता है.
यह भी पढ़ें: गोल्ड ज्वेलरी नहीं खरीद रहे लोग, 15% गिरी खरीदारी, कारण क्या-क्या हैं?
एक ही जगह होंगे सभी सरकारी डिपार्ट्मन्ट, काम होगा तेज
सरकार का कहना है कि सभी डिपार्ट्मन्ट एक ही कैम्पस में आने से फाइलों को सॉल्व जल्दी और आसानी से किया जा सकेगा. और डिपार्ट्मन्ट के बीच बेहतर कनेक्शन भी बनेगा इसका फायदा आम लोगों को भी मिलेगा, क्योंकि उन्हें अलग-अलग सरकारी ऑफिस के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे. साथ ही ऑफिसियल फैसले लेने की प्रोसेस भी पहले से ज्यादा तेज हो सकती है.
लेकिन ऑफिसर के शिफ्ट होने से पहले एयर इंडिया बिल्डिंग में जरूरी मरम्मत और कई लेटेस्ट फीचर्स भी जोड़ी जाएंगी.इसके बाद एक एक कर के मुख्यमंत्री कार्यालय और दूसरे देपार्टमेंट्स को यहां शिफ्ट किया जाएगा. सरकार को लगता है कि 1,601 करोड़ रुपये की ये खरीदारी आगे चलकर बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है. इससे एक तरफ किराये का बड़ा खर्च बचेगा, वहीं दूसरी तरफ सरकारी कामकाज भी पहले से ज्यादा सिस्टमैटिक और तेजी से होगा.
यह भी पढ़ें: महीने के आखिरी दिन शेयर बाजार में बहार, 78000 के पार सेंसेक्स; निफ्टी में भी तेजी























