एक्सप्लोरर

यहां लावारिस पड़े हैं ₹2.2 लाख करोड़ रुपए, इतनी बड़ी रकम का मालिक कोई नहीं, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

Unclaimed Assets: भारत के लोगों की बहुत बड़ी रकम जो उन्होंने बैंक के पास बतौर शेयर और एसेट्स रखी थी, वो अब लावारिस पड़ी है. इस संपत्ति का मालिक कौन है किसी को नहीं पता.

हम में से कई भारतीय लोग कई तरह का इन्वेस्टमेंट करते हैं. ये इन्वेस्टमेंट लॉन्ग टर्म होते हैं जिनको भविष्य के बारे में सोचकर हम जमा करवाते हैं. लेकिन ऐसी ही रकम भारतीयों की शेयर मार्केट और बैंकों में लावारिस पड़ी है. ये रकम कोई छोटी या थोड़ी नहीं बल्कि करोड़ों की रकम और एसेट्स हैं. इस बात का खुलासा 1 फाइनेंस रिसर्च द्वारा की गई एक स्टडी में हुई है.

करोड़ों में है रकम
1 फाइनेंस मैग्जीन की एक रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर 2025 तक करीब 89,000 करोड़ रुपये की रकम 1671 लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में फंसी हुई है. इस रिपोर्ट के मुताबिक ये सम्पत्ति बैंक डिपॉजिट, शेयर, इंश्योरेंस और EPF जैसे सेक्टर में लावारिस पड़ी है. ये सम्पत्ति कुल 2.2 लाख करोड़ रुपये की होगी, जिसका दावेदार कोई भी नहीं है. इतना ही नहीं ये पैसा और एसेट्स ना केवल लावारिस पड़े हैं बल्कि धीरे- धीरे महंगाई की मार भी झेल रहे हैं और अपनी वैल्यू कम करते जा रहे हैं.

कहां कितना पैसा है लावारिस?
ये पैसा बैंक से लेकर शेयर मार्केट तक में फंसा हुआ है. जिसमें बैंक डिपॉजिट में 97,545 करोड़ रुपये पड़े हैं, जिनका दावेदार कोई नहीं है. ये पैसा RBI के DEA फंड में जाता है. इस पैसे पर फंड के मुताबिक महज 3 प्रतिशत साधारण ब्याज मिलता है. इसके अलावा इक्विटी शेयर्स में 89,004 करोड़ रुपये 1671 लिस्टेड कंपनियों के शेयर में फंसी है. तो वहीं बीमा में 20,062 करोड़ रुपये पड़े हैं. ये रकम मैच्योरिटी, डेथ क्लेम या सरेंडर वैल्यू के रूप में है. तो वहीं ईपीएफ में 10,915 करोड़ रुपये पड़े हुए हैं, जनको क्लेम करने वाला कोई नहीं है. इसमें से 38 प्रतिशत ईपीएफ अकाउंट सालों से निष्क्रिय हैं. इसके अलावा म्यूचुअल फंड में भी करोड़ों रुपये लोगों के फंसे हैं. इसमें 3452 करोड़ रुपये ऐसे हैं जिनका कोई दावेदार नहीं है.

क्यों है ऐसी हालत?
इन्वेस्मेंट करते समय कुछ लोग ज़रूरी काम करना भूल जाते हैं. जैसे कई लोग इस दौरान नॉमिनी का नाम जोड़ना भूल जाते हैं या समय के साथ अपडेट नहीं करते हैं, इस वजह से ये पैसा फंस जाता है. निवेश के दौरान परिवार की जानकारी ना देना भी इसका एक बड़ा कारण है. कई लोगों को ये ही नहीं पता होता है कि क्लेम कैसे करना है, इस वजह से भी उनका पैसा अटका रह जाता है. इस वजह से निवेश करने के दौरान सभी प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए. साथ ही साथ परिवार के सदस्यों को भी अपने निवेश की जानकारी देना चाहिए.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Rupee Rise: मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच 'दबंग' बना भारतीय रुपया, करेंसी की रिंग में डॉलर को धोया
Rupee Rise: मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच 'दबंग' बना भारतीय रुपया, करेंसी की रिंग में डॉलर को धोया
8th Pay Commission की मीटिंग में न्यूनतम बेसिक सैलरी पर बड़ा मंथन, सीधे 72000 होगा वेतन!
8th Pay Commission की मीटिंग में न्यूनतम बेसिक सैलरी पर बड़ा मंथन, सीधे 72000 होगा वेतन!
Petrol News: 20 रुपए सस्ता होगा ये वाला पेट्रोल, सरकार ने एथेनॉल पर बना लिया नया प्लान, हरदीप पुरी ने क्या बताया?
20 रुपए सस्ता होगा ये वाला पेट्रोल, सरकार ने एथेनॉल पर बना लिया नया प्लान, हरदीप पुरी ने क्या बताया?
आपको तो नहीं दे गया कोई 500 का नकली नोट, सिगरेट बेचने वाली महिला के एक कदम ने किया सबका भला
आपको तो नहीं दे गया कोई 500 का नकली नोट, सिगरेट बेचने वाली महिला के एक कदम ने किया सबका भला

वीडियोज

Sansani: ट्रेन के 'सुहागरात कोच' का बवाल ! | Train Honeymoon Coach Video
Monsoon Alert | Weather: भारी बारिश से कहीं सड़कें बनी तालाब, कहीं घरों में घुसा पानी | Delhi Rain
Monsoon Alert | Flood 2026 | Janhit: चमकते वादे, डूबी सड़कें...स्मार्ट सिटी की कड़वी हकीकत | Rain
UP Election 2027: रोजगार और महंगाई के मुद्दे छोड़ 'सनातन' पर होगा यूपी चुनाव? | Akhilesh Yadav
PM Modi in Australia: Melbourne में पीएम ने गिनाईं भारत की उपलब्धियां | Operation Sindoor |

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
दिल्ली-NCR पानी-पानी, देश भर में आसमानी आफत की कहानी; कहीं लगा जाम, कहीं करंट से गई जान
दिल्ली-NCR पानी-पानी, देश भर में आसमानी आफत की कहानी; कहीं लगा जाम, कहीं करंट से गई जान
बदले की आग में उबल रहा ईरान, मशहद में नम आंखों के बीच अयातुल्ला अली खामनेई को किया गया सुपुर्द-ए-खाक
बदले की आग में उबल रहा ईरान, मशहद में नम आंखों के बीच खामनेई को किया गया सुपुर्द-ए-खाक
बांकीपुर उपचुनाव: कार-बाइक, सोना-चांदी, BJP प्रत्याशी अभिषेक सिन्हा की संपत्ति कितनी? 10वीं तक की पढ़ाई
बांकीपुर उपचुनाव: कार-बाइक, सोना-चांदी, BJP प्रत्याशी अभिषेक सिन्हा की संपत्ति कितनी? 10वीं तक की पढ़ाई
ZIM vs BAN: जिम्बाब्वे का एक और धमाका, बांग्लादेश को 13 रन से हराकर जीती सीरीज; कर दिया बड़ा कारनामा
जिम्बाब्वे का एक और धमाका, बांग्लादेश को 13 रन से हराकर जीती सीरीज; कर दिया बड़ा कारनामा
'इक्का' की स्क्रीनिंग में दिखीं सनी देओल की पत्नी पूजा, अक्षय खन्ना को लेकर एक्टर ने कहा ये
'इक्का' की स्क्रीनिंग में दिखीं सनी देओल की पत्नी पूजा, अक्षय खन्ना को लेकर एक्टर ने कहा ये
चीन की जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 28 लोगों की जलकर मौत, सामने आया खौफनाक Video
चीन की जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 28 लोगों की जलकर मौत, सामने आया खौफनाक Video
Explained: ...तो जंग की वजह सिर्फ तेल और होर्मुज स्ट्रेट नहीं! ईरानी जमीन के नीचे दबा कौन सा 'खजाना' चाहते ट्रंप?
...तो जंग की वजह सिर्फ तेल और होर्मुज नहीं! ईरानी जमीन के नीचे दबा कौन सा 'खजाना' चाहते ट्रंप?
गगनयान से 5G तक और ऑपरेशन सिंदूर से ग्रो मोर-अचीव मोर तक…, मेलबर्न में पीएम मोदी की बड़ी बातें
गगनयान से 5G तक और ऑपरेशन सिंदूर से ग्रो मोर-अचीव मोर तक…, मेलबर्न में पीएम मोदी की बड़ी बातें
Embed widget