ट्रंप का एक बयान और नीचे गिरने के बाद जोश में उठा रुपया, करेंसी की रिंग में डॉलर को खूब ‘धोया’
Indian Currency: विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, दावोस में ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को लेकर आठ यूरोपीय देशों पर लगाए जाने वाले संभावित शुल्क को रद्द करने की घोषणा से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है.

Dollar vs Rupee: पिछले साल भारतीय रुपये में भारी गिरावट देखने को मिली थी और नए साल की शुरुआत भी रुपये के लिए खास अच्छी नहीं रही. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया ऐतिहासिक रूप से 91 के पार चला गया था. अमेरिका की ओर से लगाए गए हाई टैरिफ और वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते निवेशक सहमे रहे, जिससे रुपये पर दबाव और बढ़ गया. हालांकि, इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने भारतीय मुद्रा को कुछ राहत दी है और बाजार में नए जोश का संकेत दिया है.
क्यों जोश में आया रुपया?
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका भारत के साथ जल्द ही एक बड़ी डील करने जा रहा है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ग्रीनलैंड को लेकर यूरोपीय देशों पर कोई नया टैरिफ लगाने का उनका इरादा नहीं है. इस बयान को भू-राजनीतिक तनाव में कमी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, जिसका सीधा असर रुपये और शेयर बाजार पर नजर आया.
ट्रंप के बयान के बाद गुरुवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 15 पैसे की मजबूती के साथ 91.50 प्रति डॉलर के स्तर पर खुला. यह तेजी ऐसे समय आई है जब एक दिन पहले ही रुपया अपने ऐतिहासिक निचले स्तर के करीब पहुंच गया था. बुधवार को रुपया करीब 68 पैसे टूटकर 91.65 के ऊपर चला गया था, जिसे अब तक का सर्वोच्चकालिक निम्न स्तर माना जा रहा है. उस गिरावट के पीछे वैश्विक अनिश्चितता और डॉलर की बढ़ी हुई मांग को मुख्य वजह बताया गया था.
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, दावोस में ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को लेकर आठ यूरोपीय देशों पर लगाए जाने वाले संभावित शुल्क को रद्द करने की घोषणा से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है. इसके अलावा, घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख ने भी रुपये को सहारा दिया और शुरुआती कारोबार में मजबूती देखने को मिली.
शेयर बाजार में उछाल
शेयर बाजार में भी इसका असर साफ दिखा. शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 533.37 अंक चढ़कर 82,443 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 157.20 अंक की बढ़त के साथ 25,314.70 पर कारोबार करता नजर आया. इस दौरान छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.02 प्रतिशत बढ़कर 98.78 पर रहा. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत भी 0.17 प्रतिशत बढ़कर 65.35 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई.
हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों का रुख अब भी पूरी तरह सकारात्मक नहीं है. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशक बिकवाल रहे और उन्होंने शुद्ध रूप से 1,787.66 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. इसके बावजूद, ट्रंप के बयान और वैश्विक तनाव में नरमी के संकेतों से रुपये और घरेलू बाजारों को फिलहाल राहत मिली है.
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Source: IOCL

























