कीर्ति आजाद के बाद संजय मांजरेकर ने किया विवादित पोस्ट, टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया को मिली जीत पर ये क्या कह दिया
भारत के पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने हाल ही वर्ल्ड चैंपियन बनी भारत को लेकर एक विवादित पोस्ट शेयर किया है. उन्होंने 1983 और 2011 के वनडे वर्ल्ड कप की तुलना में टी20 वर्ल्ड कप 2026 को कमतर बताया है.

Sanjay Manjrekar Raised Questions On Team India Victory: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 को जीतकर टीम इंडिया ने रिकॉर्ड तीसरी बार खिताब अपने नाम की है. भारतीय टीम ये कारनामा करने वाली पहली टीम बन गई है. भारत के वर्ल्ड चैंपियन बनने पर पूरे देश में जश्न का माहौल है. भारत के अलावा दुनिया की कोई और क्रिकेट टीम तीन बार टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी नहीं जीत पाई है. टीम इंडिया ने साल 2007, 2024 और अब 2026 में न्यूजीलैंड को खिताबी मुकाबले में 96 रन से हारकर चैंपियन बनी है. भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम की इस उपलब्धि से पूरा देश गौरवान्वित है, तो कुछ पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने टीम इंडिया की जीत पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं.
संजय मांजरेकर ने किया विवादित पोस्ट
संजय मांजरेकर अक्सर अपने बयानों के कारण विवाद में बने रहते हैं. अब उन्होंने टीम इंडिया को टी20 वर्ल्ड कप 2026 में मिली जीत पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, ‘समय के साथ हमें हर साल दिए जाने वाले इन वर्ल्ड खिताबों को सही परिप्रेक्ष्य में देखना होगा. चुनौती और प्रतिष्ठा के मामले में भारत की टी20 वर्ल्ड कप जीतें कपिल देव की कप्तानी में साल 1983 और धोनी की कप्तानी में 2011 में मिली 50 ओवरों के वर्ल्ड कप जीत के मुकाबले कहीं भी नहीं ठहरतीं हैं.’
In time we need to put these world titles given out every year in proper perspective.
— Sanjay Manjrekar (@sanjaymanjrekar) March 10, 2026
India’s T20 WC wins don’t come remotely close to their 50 overs WC wins of 1983 under Kapil Dev & 2011 under Dhoni in terms of its pure challenge & it’s sanctity.
क्या टी20 वर्ल्ड कप की जीत 1983 और 2011 से कमतर है?
संजय मांजरेकर के इस बयान से सोशल मीडिया पर बवाल मचा हुआ है. मांजरेकर अपने बयान से साफ तौर पर टी20 वर्ल्ड कप की उपलब्धियों पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन सवाल ये भी है कि क्या टीम इंडिया को तीन-तीन टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी जीतने के लिए मेहनत नहीं करनी पड़ी. मौजूदा दौर में टीम इंडिया क्रिकेट में सुपर पावर है, जिस बात को आज पूरी दुनिया स्वीकार कर रही है. कपिल देव की कप्तानी हो या फिर महेंद्र सिंह धोनी की, हर दौर में टीम इंडिया का अपना एक संघर्ष रहा है. ये उसी संघर्ष और मेहनत का परिणाम है कि आज भारतीय क्रिकेट का पूरी दुनिया में दबदबा देखने को मिल रहा है, लेकिन उपलब्धियों की तुलना करना एक तरीके से जीत का अपमान है.
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Source: IOCL


















