Indian Economy: वित्त वर्ष 2025 में सरकारी खपत बढ़ने का अनुमान, घटेंगे फिस्कल डेफिसिट और महंगाई
Indian Economy: सरकार का अनुमान है कि वह अपने फिस्कल डेफिसिट के लक्ष्य 4.9 प्रतिशत को बेहतर बनाएगी और वित्त वर्ष 2025 के लिए इसे 4.8 प्रतिशत पर रखेगी.

Indian Economy: देश के आम बजट में वित्त मंत्री ने मिडिल क्लास को खुश करने वाले बजट प्रावधानों पर ज्यादा ध्यान दिया है. बजट के बाद तमाम एनालिसिस और विश्लेषण से यह पता चल रहा है कि वित्त मंत्री की कोशिश आम जनता को खुश करने की रही है. इसके साथ साथ अर्थव्यवस्था के कुछ बड़े कारकों पर भी सरकार का ध्यान है जिसमें फिस्कल डेफिसिट, महंगाई, टैक्सेशन, आर्थिक विकास दर के साथ साथ और कई आर्थिक पहलुओं पर बात हुई है.
सरकारी खपत बढ़ोतरी में सुधार का अनुमान
रविवार को जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक राज्य और केंद्र सरकारों के राजस्व व्यय में बढ़ोतरी को देखते हुए वित्त वर्ष 2025 में सरकारी खपत बढ़ोतरी में सुधार होने का अनुमान है, जबकि निजी खपत बढ़ोतरी ग्रामीण मांग, महंगाई दर में कमी और अनुकूल आधार से प्रेरित होने की उम्मीद है. पीडब्ल्यूसी की 'बजट 2025-26: भारत के समावेशी विकास को बढ़ावा' रिपोर्ट में कहा गया है कि सेवाओं के निर्यात में मजबूत बढ़ोतरी के कारण निर्यात में भी मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. यह रिपोर्ट बजट की मुख्य बातों, आर्थिक दृष्टिकोण और प्रमुख कर तथा विनियामक प्रस्तावों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करती है, जो आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक प्रगति को आकार देंगे.
पहले अग्रिम अनुमानों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024 में 8.2 प्रतिशत के मुकाबले भारत की आर्थिक बढ़ोतरी वित्त वर्ष 2025 में 6.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद है. इसका मुख्य कारण शहरी खपत में कमी, उच्च खाद्य महंगाई दर, पूंजी निर्माण में धीमी बढ़ोतरी और वैश्विक प्रतिकूलताएं हैं.
भारत 2025 में दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश
हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि मजबूत घरेलू बाजार, बढ़ती कामकाजी आयु वाली आबादी और मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक फंडामेंटल्स की बदौलत भारत 2025 में दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश बना रहेगा.
फिस्कल डेफिसिट के लक्ष्य को हासिल करने में आगे बढ़ेगी भारत सरकार
सरकार का अनुमान है कि वह अपने फिस्कल डेफिसिट के लक्ष्य 4.9 प्रतिशत को बेहतर बनाएगी और वित्त वर्ष 2025 के लिए इसे 4.8 प्रतिशत पर रखेगी. इसने वित्त वर्ष 26 के लिए 4.4 प्रतिशत का राजकोषीय घाटा भी बजट में रखा है, जिससे वित्त वर्ष 26 तक 4.5 प्रतिशत से कम घाटा हासिल करने की उसकी प्रतिबद्धता बनी हुई है. आर्थिक सर्वेक्षण में वित्त वर्ष 26 में 6.3 प्रतिशत से 6.8 प्रतिशत की सीमा में बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है.
रिपोर्ट में कहा गया है, "वित्त वर्ष 2026 में महंगाई दर औसतन 4.5 प्रतिशत तक कम होने की उम्मीद है, जिसमें अच्छी फसल और सामान्य मानसून की उम्मीद के साथ अनुकूल खाद्य महंगाई दर और कमोडिटी की कीमतों में नरमी से मदद मिलेगी."
रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) प्रवाह में अस्थिरता कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भारतीय कच्चे तेल के आयात बास्केट की कीमतों में कमी आने के कारण विनिमय दर, जो दबाव में रही है, में सुधार होना चाहिए.
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Source: IOCL





















