अमेरिकी राजदूत के उम्मीद भरे बयान के बीच अब US-इंडिया ट्रेड डील को लेकर आ गया ये बड़ा अपडेट
भारत-अमेरिका के बीच संभावित बातचीत ऐसे समय पर टली है, जब अमेरिका की ओर से एक नई चेतावनी दी गई है. अमेरिका ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा सकता है.

India-US Trade Deal: भारत पहुंचे अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के उस बयान के उलट, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक बातचीत मंगलवार से शुरू होगी, इस हफ्ते दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को लेकर किसी भी तरह की औपचारिक वार्ता तय नहीं है. बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल इस तरह की कोई योजना पहले से निर्धारित नहीं की गई है.
रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि वाणिज्य मंत्रालय को वॉशिंगटन की ओर से बातचीत को लेकर कोई औपचारिक संदेश नहीं मिला है. नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा कि भारत द्वारा हाल में दिए गए प्रस्तावों पर पहले अमेरिका में आंतरिक समीक्षा की जाएगी, उसके बाद ही आगे किसी तरह का फैसला लिया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि कम से कम इस महीने भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर कोई बातचीत होने की संभावना नहीं है और न ही इस हफ्ते या निकट भविष्य के लिए कोई बैठक तय की गई है.
टल गई बातचीत
भारत-अमेरिका के बीच संभावित बातचीत ऐसे समय पर टली है, जब अमेरिका की ओर से एक नई चेतावनी दी गई है. अमेरिका ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा सकता है. इस बीच जहां अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दोनों देशों के बीच संवाद जारी रहने की बात कही है, वहीं अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने किसी भी समझौते पर जल्द मुहर लगने को लेकर संदेह जताया है. उन्होंने इसके लिए संवाद में कमी और बड़े अवसरों के चूकने को जिम्मेदार बताया है.
भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ
फिलहाल अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगा रहा है. इसमें 25 प्रतिशत बेस टैरिफ शामिल है, जबकि रूस से सस्ते दाम पर तेल खरीदने के चलते भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ जुर्माने के रूप में लगाया गया है.
गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से व्यापारिक बातचीत चल रही है, लेकिन कृषि क्षेत्र में किसानों को संरक्षण देने के मुद्दे पर भारत अपने बाजार खोलने को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए है. अब तक दोनों देशों के बीच कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया है. ऐसे में आगे व्यापारिक बातचीत को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, हालांकि दोनों पक्षों के बीच किसी समझौते की उम्मीद अब भी बरकरार है.
Source: IOCL























