सितंबर में फ्यूल की मांग घटकर 2 साल के निचले स्तर पर आई-सरकारी आंकड़ा
पीपीएसी की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में ईंधन उत्पादों की मांग घटकर सितंबर में 2 साल के निचले स्तर पर आ चुकी है.

नई दिल्लीः भारत में फ्यूल की मांग सितंबर में घटकर 2 साल के निचले स्तर पर आ गई है. हालांकि एलपीजी और पेट्रोल की खपत में गिरावट देखने को नहीं मिल रही है. पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (पीपीएसी) के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में पेट्रोलियम उत्पादों की खपत घटकर 16.01 मिलियन टन पर आ गई है और ये जुलाई 2017 के बाद से सबसे निचला स्तर है. जुलाई 2018 में पेट्रो प्रोडक्ट की खपत 16.06 मिलियन टन रही थी.
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डीजल की खपत देश में सबसे ज्यादा इस्तेमाल में लाए जाने वाले फ्यूल डीजल की खपत में भी 3.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है और ये गिरकर 58 लाख टन पर आ गई है.

पेट्रोल और एलपीजी की खपत में आई तेजी हालांकि पेट्रोल की बिक्री में 6.2 फीसदी की तेजी आई है और ये बढ़कर 23.7 लाक टन हो गया है. हालांकि जेट फ्यूल और एटीएफ की बिक्री में 1.6 फीसदी की गिरावट आई है और ये 666,000 टन पर पहुंच गया है. इसके अलावा एलपीजी खपत में भी 6 फीसदी की तेजी आती है और ये 21.8 लाख टन पर जा पहुंची है.
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केरोसिन जो कि तेजी से एलपीजी और नेचुरल गैस द्वारा रिप्लेस की जा रही है इसमें भी 38 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की जा चुकी है और इसकी खपत गिरकर 176,000 टन हो चुकी है.
पेट्रोलियम कोक की लागत भी बढ़ी पेट्रोलियम कोक की लागत भी इस दौरान बढ़ी है और ये 18 फीसदी बढ़कर 17.3 लाख टन पर जा पहुंची है.
रिपोर्ट में धीमे आउटलुक की संभावना इस रिपोर्ट के मुताबिक 2021 तक फ्यूल डिमांड घटकर 3.8 फीसदी हो जाएगी जबकि पिछले साल ये 4.6 फीसदी पर रही थी. रिपोर्ट के मुताबिक ग्लोबल नजरिए के साथ ही भारत की ईंधन की मांग का आउटलुक बेहद धीमा लग रहा है.
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Source: IOCL

























