क्रेडिट कार्ड यूजर की हो जाए मौत तो कौन चुकाएगा बकाया रकम? जानें क्या हैं नियम
Credit card: रिवॉड्स, कैशबैक बेनिफिट्स, डिस्काउंट के चलते आज के समय में खासकर युवाओं के बीच क्रेडिट कार्ड पॉपुलर होता जा रहा है. एक बार इसकी आदत लग गई, तो छुड़ाना मुश्किल हो जाता है.

Credit card: आज के समय में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल लोग बड़े पैमाने पर कर रहे हैं. लोगों की जेबों में रखी वॉलेट में आपको दो से तीन क्रेडिट क्रेडिट कार्ड तो मिल ही जाएंगे. क्रेडिट कार्ड इसलिए भी पॉपुलर हो रहे हैं क्योंकि यह तेजी से एडवांस्ड फंड पाने का एक आसान जरिया है.
HDFC बैंक, SBI और ICICI बैंक जैसे टॉप लेंडर अलग-अलग जरूरतों को पूरा करने के लिए कस्टमर्स को क्रेडिट कार्ड की सुविधा मुहैया करा रहे हैं. इनके लिए एप्लीकेशन प्रॉसेस डिजिटल और आसान है. आमतौर पर बैंक क्रेडिट कार्ड की लिमिट उधार लेने वाले की इनकम और क्रेडिट स्कोर के आधार पर तय करते हैं. क्रेडिट कार्ड के इसी बढ़ते इस्तेमाल के साथ क्या आपने कभी सोचा है कि अगर कार्ड होल्डर की अचानक से मौत हो जाए, तो बकाए रकम का क्या होता है? कौन इसकी भरपाई करता है?
परिवार पर नहीं डाला जाता बोझ
आमतौर पर जब क्रेडिट कार्ड यूजर की मौत हो जाती है, तो बैंक उसकर प्रॉपर्टी या एसेट्स से बकाया वसूलने की कोशिश करता है. मान लीजिए अगर मृतक के नाम कोई पॉलिसी है या निवेश है या कोई प्रॉपर्टी उसके नाम है, तो बैंक कानूनी तरीके से इनसे अपना बकाया वसूल लेता है, लेकिन इनके न होने की स्थिति में उधार लेने वाले के परिवार पर कोई बोझ या दबाव नहीं डाला जाता है क्योंकि क्रेडिट कार्ड का बकाया चुकाने की जिम्मेदारी सिर्फ कार्ड होल्डर की होती है. ऐसे में उसकी किसी परिस्थिति में मौत हो जाने पर कर्ज भी खत्म हो जाता है. इसके अलावा, अगर बकाया रकम उधार लेने वाले की एसेट्स या प्रॉपर्टी की वैल्यू से ज्यादा है, तो बची हुई रकम को लेंडर बैड डेट या नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) मानता है.
क्या कहती है RBI की गाइडलाइंस?
RBI की गाइडलाइंस में लेंडर को सलाह दी गई है कि कर्ज वसूलने की कोशिश में किसी व्यक्ति के खिलाफ धमकी या उत्पीड़न, चाहे वह शारीरिक हो या मानसिक, का सहारा न लें. जिसमें क्रेडिट कार्ड होल्डर के परिवार के किसी सदस्य या उसके दोस्त या रेफरेंस देने वालों को धमकी देने, अपमानित करने या उनकी प्राइवेसी में दखल देने जैसे काम शामिल हैं. दूसरी ओर, FD-बैक्ड क्रेडिट कार्ड जैसे सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड के मामले में कर्ज देने वाले क्रेडिट कार्ड से जुड़े फिक्स्ड डिपॉजिट को बेचकर बकाया वसूल कर सकते हैं.
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Source: IOCL






















