एक्सप्लोरर

अडानी के शेयरों के भाव गिराने वाली 'हिंडनबर्ग' है बड़ी खिलाड़ी, एक दांव में कमा लेती है अरबों

हिंडनबर्ग रिसर्च की स्थापना  2017 में नाथन एंडरसन ने की थी. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार हिंडनबर्ग ने साल 2020 के बाद से 30 कंपनियों की रिसर्च रिपोर्ट पेश किया है

बीते 24 जनवरी को हिंडनबर्ग रिसर्च ने अडानी ग्रुप पर एक रिपोर्ट पेश किया था. इस रिपोर्ट ने पूरी दुनिया में हलचल मचा कर रख दी. उस दिन से आज तक संसद से लेकर सड़क तक बस इसी रिपोर्ट की चर्चा हो रही है. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद से अडानी के शेयरों में काफी गिरावट आई है और इस ग्रुप की मार्केट वैल्यू भी बेहद गिर गई है. साथ ही निवेशकों को भी जबरदस्त नुकसान झेलना पड़ रहा है. 

पूरे मामले में एक नाम जो सबसे ज्यादा चर्चा में रहा वह है हिंडनबर्ग. सवाल उठता है कि आखिर हिंडनबर्ग अन्य कंपनियों के शेयर गिराकर कैसे अरबों कमाती है? अडानी के शेयर्स गिरने का हिंडनबर्ग को क्या फायदा हुआ?

पहले ये जानते है कि ये कंपनी क्या काम करती है?

हिंडनबर्ग एक अमेरिकन इन्वेस्टमेंट कंपनी है जो फोरेंसिक वित्तीय अनुसंधान (Forensic Financial Research) का काम करती है. हिंडनबर्ग रिसर्च की वेबसाइट की मानें तो यह कंपनी किसी भी अन्य कंपनी के निवेश (Investment), इक्विटी ( Equity), क्रेडिट (Credit) और डेरिवेटिव (Derivatives) पर शोध करती है और शेयर मार्केट की  बारीकियों का विश्लेषण करके और कई सूत्रों की मदद से किसी कंपनी में हो रही धोखाधड़ी को सबसे सामने लेकर आती है. 

ऐसा करने से हिंडनबर्ग को क्या फायदा होता है? 

रिपोर्ट की मानें तो हिंडनबर्ग एक शॉर्ट सेलर है. आसान भाषा में समझे तो शेयर मार्केट में दो तरह के निवेशक होते है. ऐसे समझिये की शेयर बाज़ार में आप उस कंपनी के शेयर खरीदते हैं जिसके शेयरों के दाम भविष्य में बढ़ने वाले होते हैं. जब शेयर के दाम बढ़ जाते हैं तो आप उन्हें बेच देते हैं.

लेकिन, शॉर्ट सेलिंग इसके उलट है. इसमें किसी भी कंपनी के शेयर की खरीद और बिक्री तब की जाती है जब उनके दाम भविष्य में गिरने की संभावना होती है. ऐसे में शॉर्ट सेलर अपने पास शेयर न होते हुए भी इन्हें बेचता है. लेकिन, वो शेयर खरीदकर नहीं बेचता बल्कि उधार लेकर बेचता है.

उदाहरण के तौर पर समझे तो जब शॉर्ट सेलर को उम्मीद होती है  कि 100 रुपये का शेयर 60 रूपए पर पहुंच सकता है तो वो ब्रोकर से शेयर उधार लेकर इसे दूसरे निवेशक को बेचता है, जो इसे 100 रुपये के दाम पर खरीदने को तैयार होता हैं. और जब ये  शेयर 60 रुपये  तक गिर जाता है तब शॉर्ट सेलर इसे 60 रूपए के दाम पर खरीदकर ब्रोकर को वापस लौटा देते है. इस तरह हर शेयर पर उन्हें  40 रुपये का लाभ होता है. 

इसे एक जुए की तरह माना जाता है. जिसमें अगर आपका अंदाजा सही हुआ तब तो फायदा ही फायदा है लेकिन अगर नहीं तब कुछ खास असर नहीं पड़ेगा. यही काम करने का आरोप हिंडनबर्ग पर लगता है. कहा जाता है की हिंडनबर्ग भी कंपनी के शेयर गिराकर ऐसे प्रॉफिट कमाती है.

हिंडनबर्ग ऐसे मौकों पर करता है किसी कंपनी की जांच 

  • अकाउंटिंग में अनियमितताएं
  • अहम पदों पर 'अयोग्य' व्यक्ति
  • अघोषित लेन-देन
  • किसी तरह की ग़ैर-क़ानूनी, अनैतिक व्यापार या वित्तीय रिपोर्टिंग प्रैक्टिस

अब जानते है कि इस कंपनी के पीछे कौन है?  

हिंडनबर्ग रिसर्च की स्थापना  2017 में नाथन एंडरसन ने की थी. कनेक्टिकट विश्वविद्यालय से इंटरनेशनल बिजनेस में ग्रेजुएट डिग्री प्राप्त करने वाले एंडरसन ने एक डेटा कंपनी फैक्टसेट रिसर्च सिस्टम्स से करियर की शुरुआत की थी. यहां उनका काम इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट कंपनियों से जुड़ा हुआ था. 

फिर उन्होंने साल 2017 में अपनी शॉर्ट-सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च को शुरू किया. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार हिंडनबर्ग ने साल 2020 के बाद से 30 कंपनियों की रिसर्च रिपोर्ट पेश किया है और रिपोर्ट रिलीज़ होने के अगले ही दिन उस कंपनी के शेयर औसतन 15 फ़ीसदी तक गिए गए.

इसी रिपोर्ट में बताया गया कि आने वाले छह महीने में हिंडनबर्ग की रिपोर्ट की गई कंपनियों के शेयरों में औसतन 26 फ़ीसदी से ज़्यादा की गिरावट दर्ज की गई. हिंडनबर्ग की अपनी वेबसाइट में उन रिपोर्ट्स की लिस्ट भी देती है, जो वो सितंबर 2020 से लेकर अब तक पब्लिश कर चुकी है.

इसका नाम हिंडनबर्ग ही क्यों पड़ा?

6 मई 1937 को अमेरिका के मैनचेस्टर के पास हिंडनबर्ग नाम का एक जर्मन एयर स्पेसशिप उड़ान भरने के समय हवा में ही क्रैश हो गया था. ये हादसा इतना भयानक था कि इसमें 30 से ज्यादा  लोगों की मौत हो गई थी. इसी घटना की याद में इस कंपनी का नाम भी हिंडनबर्ग रखा गया. 

इस नाम के पीछे का मकसद था कि हिंडनबर्ग की तरह ही शेयर मार्केट में लाभ कमाने के लिए होने वाली गड़बड़ियों पर नजर रखकर पोल खोलना.  जिससे शेयर मार्केट में घोटालों के कारण होने वाले क्रैश को रोका जा सके. 

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Gen Z के लिए Cool बनेंगे सरकारी बैंक, लेकिन कैसे? वित्त मंत्री ने समझाया
Gen Z के लिए Cool बनेंगे सरकारी बैंक, लेकिन कैसे? वित्त मंत्री ने समझाया
2000 रुपए महंगा हुआ सोना, चांदी ने भी मारी छलांग, यहां से चेक करें ताजा रेट
Gold-Silver Price Today: 2000 रुपए महंगा हुआ सोना, चांदी ने भी मारी छलांग, यहां से चेक करें ताजा रेट
आज आपके शहर में कितने का बिक रहा घरेलू सिलेंडर, कमर्शियल सिलेंडर का भी देखें रेट
LPG Rate Today 19 August: आज आपके शहर में कितने का बिक रहा घरेलू सिलेंडर, कमर्शियल सिलेंडर का भी देखें रेट
3 महीने तक कोई टोल नहीं, उद्घाटन से पहले होगा हाइवे का 'फिटनेस टेस्ट'
3 महीने तक कोई टोल नहीं, उद्घाटन से पहले होगा हाइवे का 'फिटनेस टेस्ट'

वीडियोज

Bollywood News: अपराध और हिंसा के बीच गुड्डू और स्वीटी का अनोखा रोमांस बना हाइलाइट (18.08.26)
Mahadev & Sons: 😱Rajji-Mogra में खूनी जंग! ऐन वक्त पर हीरो स्टाइल में पहुंचे Dheeraj #sbs
Pakistan News: नकलची पाकिस्तान का फ्लॉप शो देखिए! ABPLIVE
Prashant Kishor Oath Ceremony: प्रशांत किशोर ने ली शपथ! विधायक बनते ही किए 4 बड़े ऐलान |ABPLIVE
ChatGPT Viral Video: AI का कमाल! भीड़ में खोई चप्पल, ChatGPT ने ऐसे ढूंढ निकाली, वीडियो चौंका देगा!

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
जेल में इमरान खान से मिलीं नूरीन नियाजी, क्या हुई भाई-बहन की बात?
जेल में इमरान खान से मिलीं नूरीन नियाजी, क्या हुई भाई-बहन की बात?
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर सियासी बवाल, जानें क्या हैं ACB के आरोप
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर सियासी बवाल, जानें क्या हैं ACB के आरोप
ये अकेला खिलाड़ी 9 IPL टीमों के लिए खेला, नाम सुनकर चौंक जाएंगे
ये अकेला खिलाड़ी 9 IPL टीमों के लिए खेला, नाम सुनकर चौंक जाएंगे
सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी के बाद 'महाप्रभु जगन्नाथ' की रिलीज डेट हुई कंफर्म, जानें कब सिनेमाघरों में देगी दस्तक
'महाप्रभु जगन्नाथ' की रिलीज डेट हुई कंफर्म, जानें कब सिनेमाघरों में देगी दस्तक
आज आपके शहर में कितने का बिक रहा घरेलू सिलेंडर, कमर्शियल सिलेंडर का भी देखें रेट
LPG Rate Today 19 August: आज आपके शहर में कितने का बिक रहा घरेलू सिलेंडर, कमर्शियल सिलेंडर का भी देखें रेट
भारत में बनेंगे डिफेंस से जुड़े 405 उपकरण, 3070 करोड़ होंगे खर्च
भारत में बनेंगे डिफेंस से जुड़े 405 उपकरण, 3070 करोड़ होंगे खर्च
Teacher Shortage in Delhi Government Schools: दिल्ली के सरकारी स्कूलों में टीचर्स की भारी कमी, पढ़ाई पर पड़ रहा असर
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में टीचर्स की भारी कमी, पढ़ाई पर पड़ रहा असर
Shimla Tour Package: शिमला-कुफरी घूमने का शानदार मौका! IRCTC लाया सबसे सस्ता टूर पैकेज
शिमला-कुफरी घूमने का शानदार मौका! IRCTC लाया सबसे सस्ता टूर पैकेज
Embed widget