एलन मस्क की एजेंसी ने लिया दुनिया को हिला देने वाला फैसला! DOGE ने कहा बंद कर दो USAID
USAID की स्थापना 1960 के दशक में अमेरिकी सरकार की ओर से मानवीय सहायता कार्यक्रम चलाने के लिए की गई थी. इस एजेंसी में लगभग 10,000 कर्मचारी काम करते हैं, जिनमें से दो-तिहाई विदेशों में तैनात हैं.

अमेरिकी सरकार की विदेशी सहायता एजेंसी USAID (United States Agency for International Development) को बंद करने का फैसला किया गया है. एलन मस्क के नेतृत्व वाली Department of Government Efficiency (DOGE) ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 25 सितंबर तक एजेंसी के सभी कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया जाएगा.
64 साल पुरानी थी संस्था
USAID की स्थापना 1960 के दशक में अमेरिकी सरकार की ओर से मानवीय सहायता कार्यक्रम चलाने के लिए की गई थी. इस एजेंसी में लगभग 10,000 कर्मचारी काम करते हैं, जिनमें से दो-तिहाई विदेशों में तैनात हैं. ट्रंप प्रशासन ने फरवरी में ही इस एजेंसी को बंद करने और इसके कार्यों को State Department में मर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी.
मिलने लगे नोटिस
सूत्रों के अनुसार, USAID के मानव संसाधन विभाग ने एक कॉन्फ्रेंस कॉल में सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को सूचित किया है कि अगस्त तक सभी 10,000 से अधिक स्थानीय कर्मचारियों को नौकरी से हटाने के नोटिस जारी कर दिए जाएंगे. इसके साथ ही विदेशों में तैनात अमेरिकी राजनयिकों और सरकारी अधिकारियों को भी वापस बुला लिया जाएगा.
ट्रंप ने लगाए थे गंभीर आरोप
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क ने बिना किसी सबूत के USAID पर गंभीर आरोप लगाए थे. ट्रंप ने इसे "रेडिकल लेफ्ट लूनाटिक्स" द्वारा संचालित बताया था, जबकि मस्क ने इसे "अपराधिक संगठन" करार दिया था. इन आरोपों के बाद से ही एजेंसी को बंद करने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी.
विदेशी सहायता कार्यक्रमों पर पड़ेगा असर
USAID के बंद होने से दुनिया भर में चल रहे कई मानवीय सहायता कार्यक्रम प्रभावित होंगे. एजेंसी ने अब तक 5,200 से अधिक अनुबंध समाप्त कर दिए हैं और 900 कर्मचारियों को पहले ही नौकरी से हटा दिया गया है. State Department अब USAID के कुछ कार्यों को संभालेगा, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह पूरी तरह से इसकी जगह नहीं ले पाएगा.
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Source: IOCL






















