एक्सप्लोरर

Budget 2026: हेल्थ सेक्टर में भारत के सामने बड़ी चुनौती, क्या इस बार बढ़ेगा मेडिकल बजट? जानें क्या कह रहे एक्सपर्ट

Medical Budget 2026-27: विश्व बैंक की 2022 की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि स्वास्थ्य पर खर्च के मामले में देशों के बीच बड़ा अंतर है. अमेरिका अपनी जीडीपी का लगभग 17 से 18 प्रतिशत स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च करता है.

Union Budget 2026-27: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी. इस बार बजट में उनके सामने कई अहम चुनौतियां होंगी, जिनमें मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और आम लोगों को रियायती दरों पर इलाज उपलब्ध कराना प्रमुख मुद्दे रह सकते हैं. विकसित देशों की तुलना में भारत सहित अधिकांश विकासशील देशों में स्वास्थ्य पर सरकारी खर्च अभी भी काफी कम है, जबकि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी मजबूत अर्थव्यवस्था की बुनियाद होती हैं.

विश्व बैंक की 2022 की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि स्वास्थ्य पर खर्च के मामले में देशों के बीच बड़ा अंतर है. अमेरिका अपनी जीडीपी का लगभग 17 से 18 प्रतिशत स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च करता है, जो प्रति व्यक्ति करीब 12 से 13 हजार डॉलर बैठता है. हालांकि, वहां सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था कमजोर है और निजी क्षेत्र पर निर्भरता ज्यादा है. जापान अपनी जीडीपी का 10 से 11 प्रतिशत मेडिकल सेक्टर पर खर्च करता है, जहां प्रति व्यक्ति खर्च 4,500 से 5,000 डॉलर तक है और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं काफी मजबूत मानी जाती हैं.

दुनिया में किस देश में मेडिकल पर कितना खर्च?

रूस स्वास्थ्य पर अपनी जीडीपी का करीब 5 से 6 प्रतिशत खर्च करता है, जहां प्रति व्यक्ति खर्च 800 से 1,000 डॉलर के बीच है, लेकिन वहां सेवाओं की गुणवत्ता में असमानता देखने को मिलती है. चीन ने पिछले एक दशक में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से निवेश बढ़ाया है और वह जीडीपी का 6 से 7 प्रतिशत मेडिकल सेक्टर पर खर्च करता है, जिससे प्रति व्यक्ति खर्च 700 से 900 डॉलर तक पहुंचता है.


Budget 2026: हेल्थ सेक्टर में भारत के सामने बड़ी चुनौती, क्या इस बार बढ़ेगा मेडिकल बजट? जानें क्या कह रहे एक्सपर्ट

इसके मुकाबले भारत स्वास्थ्य पर जीडीपी का केवल 3 से 4 प्रतिशत खर्च करता है और प्रति व्यक्ति खर्च महज 100 से 200 डॉलर के बीच है. हालांकि, आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं से स्थिति में धीरे-धीरे सुधार की कोशिश की जा रही है.

देश स्वास्थ्य पर जीडीपी खर्च (%) प्रति व्यक्ति स्वास्थ्य खर्च (USD)
अमेरिका 16.8% 12,000
जापान 11 4,150
रुस 5.3 1,474
चीन 5.0 731
भारत 3.6 209

भारत का कैसा पिछला मेडिकल बजट? 

पिछले बजटों की बात करें तो सरकार ने डिजिटल हेल्थ, मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, घरेलू उत्पादन और सस्ती दवाओं पर फोकस बढ़ाया है. वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में स्वास्थ्य मंत्रालय के लिए करीब 1 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था, जो पिछले वर्ष से लगभग 11 प्रतिशत अधिक था. इसमें आयुष्मान भारत के विस्तार, कैंसर की दवाओं पर कस्टम ड्यूटी में छूट, नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन व एम्स जैसे संस्थानों के लिए अतिरिक्त फंड की घोषणा की गई थी.

भारत में बजट पर कब कितना खर्च

साल स्वास्थ्य बजट (करोड़ रुपये)
2022-23 86,606
2023-24 88,956 
2024-25

90 हजार करोड़

2025-26

99,858.56

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

मेडिकल बजट 2026-27 को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि स्वास्थ्य पर जीडीपी का हिस्सा और बढ़ाया जाना चाहिए. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. शरद अग्रवाल के अनुसार, बजट में स्वास्थ्य खर्च को अलग-अलग मदों में स्पष्ट रूप से दिखाया जाना चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि कितना खर्च इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर हो रहा है और कितना वेतन व अन्य प्रशासनिक मदों में जा रहा है. उनका कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर खास ध्यान देना बेहद जरूरी है.

डॉ. अग्रवाल ने यह भी सुझाव दिया कि दवाओं, मेडिकल इक्विपमेंट और सर्जिकल उत्पादों को जीएसटी के दायरे से बाहर किया जाना चाहिए, ताकि इलाज की लागत कम हो सके. इसके साथ ही मेडिकल उपकरणों पर लगने वाले सीमा शुल्क में भी राहत दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि जैसे जीवन बीमा पर टैक्स छूट मिलती है, उसी तरह हेल्थ इंश्योरेंस को भी टैक्स में अतिरिक्त छूट देकर बढ़ावा दिया जाना चाहिए.


Budget 2026: हेल्थ सेक्टर में भारत के सामने बड़ी चुनौती, क्या इस बार बढ़ेगा मेडिकल बजट? जानें क्या कह रहे एक्सपर्ट

उनका मानना है कि कोविड-19 के बाद देश में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन अभी भी दूर-दराज के इलाकों में काफी काम किया जाना बाकी है. एंबुलेंस सेवाओं, ऑक्सीजन प्लांट, सोलर पैनल, जनरेटर, ऑपरेशन थिएटर, वेंटिलेटर और अन्य जरूरी उपकरणों की गुणवत्ता और उपलब्धता पर ध्यान देने की जरूरत है. कोविड काल में लगाए गए कई वेंटिलेटर आज खराब पड़े हैं, क्योंकि उनकी गुणवत्ता ठीक नहीं थी. इसलिए जरूरी है कि स्वास्थ्य बजट के तहत होने वाले खर्च की सख्त निगरानी हो और एक स्वतंत्र, निष्पक्ष संस्था इसके क्रियान्वयन और गुणवत्ता की जांच कर सके.

ये भी पढ़ें: ट्रंप की धमकियों से और तेज चमक रहा सोना, जानें आज 19 जनवरी को आपके शहर का ताजा भाव

राजेश कुमार पत्रकारिता जगत में पिछले करीब 14 सालों से ज्यादा वक्त से अपना योगदान दे रहे हैं. राष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दों से लेकर अपराध जगत तक, हर मुद्दे पर वह स्टोरी लिखते आए हैं. इसके साथ ही, किसी खबरों पर किस तरह अलग-अलग आइडियाज के साथ स्टोरी की जाए, इसके लिए वह अपने सहयोगियों का लगातार मार्गदर्शन करते रहे हैं. इनकी अंतर्राष्ट्रीय जगत की खबरों पर खास नज़र रहती है, जबकि भारत की राजनीति में ये गहरी रुचि रखते हैं. इन्हें क्रिकेट खेलना काफी पसंद और खाली वक्त में पसंद की फिल्में भी खूब देखते हैं. पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखने से पहले उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर ऑफ ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म किया है. राजनीति, चुनाव, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर राजेश कुमार लगातार लिखते आ रहे हैं.
Read
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

'माफी में अब देर हो गई', कर्नल सोफिया कुरैशी पर बयान देने वाले मंत्री पर भड़का SC, एमपी सरकार से पूछा- इन पर मुकदमा क्यों नहीं...
'माफी में अब देर हो गई', कर्नल सोफिया कुरैशी पर बयान देने वाले मंत्री पर भड़का SC, एमपी सरकार से पूछा- इन पर मुकदमा क्यों नहीं...
महाराष्ट्र में 29 मेयर पद के लिए लॉटरी से होगा आरक्षण, 22 जनवरी की तारीख तय
महाराष्ट्र में 29 मेयर पद के लिए लॉटरी से होगा आरक्षण, 22 जनवरी की तारीख तय
'जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को सौंपने की जरूरत...' आखिर क्यों और किसके रिटायरमेंट को लेकर बोल गए नितिन गडकरी
'जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को सौंपने की जरूरत...' आखिर क्यों और किसके रिटायरमेंट को लेकर बोल गए नितिन गडकरी
‘मैम क्या बोल रहा है? भाभी बोल!’ ड्रेसिंग रूम में विराट कोहली ने ली हर्षित राणा की चुटकी
‘मैम क्या बोल रहा है? भाभी बोल!’ ड्रेसिंग रूम में विराट कोहली ने ली हर्षित राणा की चुटकी
Advertisement

वीडियोज

Reliance Retail का Quick Commerce बना Profit Machine, Blinkit–Zepto अब भी Loss में | Paisa Live
विरासत में मिले घर की बिक्री: Capital Gains Tax बचाने का सही तरीका | Paisa Live
Noida Software Engineer Death:सिस्टम की लापरवाही ने लेली इंजीनियर की जान | ABP News
Noida Software Engineer Death:बचाई जा सकती थी Yuvraj की जान, सिस्टरम की लापरवाही से हो गया बड़ा हादसा
Breaking News: Aparna Yadav से जल्द तलाक लेंगे Prateek Yadav | UP News | ABP News
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.72 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.62 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'माफी में अब देर हो गई', कर्नल सोफिया कुरैशी पर बयान देने वाले मंत्री पर भड़का SC, एमपी सरकार से पूछा- इन पर मुकदमा क्यों नहीं...
'माफी में अब देर हो गई', कर्नल सोफिया कुरैशी पर बयान देने वाले मंत्री पर भड़का SC, एमपी सरकार से पूछा- इन पर मुकदमा क्यों नहीं...
महाराष्ट्र में 29 मेयर पद के लिए लॉटरी से होगा आरक्षण, 22 जनवरी की तारीख तय
महाराष्ट्र में 29 मेयर पद के लिए लॉटरी से होगा आरक्षण, 22 जनवरी की तारीख तय
'जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को सौंपने की जरूरत...' आखिर क्यों और किसके रिटायरमेंट को लेकर बोल गए नितिन गडकरी
'जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को सौंपने की जरूरत...' आखिर क्यों और किसके रिटायरमेंट को लेकर बोल गए नितिन गडकरी
‘मैम क्या बोल रहा है? भाभी बोल!’ ड्रेसिंग रूम में विराट कोहली ने ली हर्षित राणा की चुटकी
‘मैम क्या बोल रहा है? भाभी बोल!’ ड्रेसिंग रूम में विराट कोहली ने ली हर्षित राणा की चुटकी
गोविंदा ने भांजे कृष्णा अभिषेक को लेकर किया खुलासा, पत्नी सुनीता से बोले- मुझे सफोकेट मत करो
गोविंदा ने भांजे कृष्णा अभिषेक को लेकर किया खुलासा, पत्नी सुनीता से बोले- मुझे सफोकेट मत करो
BJP President Election 2026 Live: BJP अध्यक्ष पद के लिए नितिन नबीन ने किया नामांकन, अमित शाह- राजनाथ सिंह बने प्रस्तावक
BJP President Election 2026 Live: BJP अध्यक्ष पद के लिए नितिन नबीन ने किया नामांकन, अमित शाह- राजनाथ सिंह बने प्रस्तावक
Solar Eclipse Health Effects:सूर्य ग्रहण देखने से आंखें ही नहीं, ये अंग भी हो जाते हैं खराब, ऐसे समझें खतरा
सूर्य ग्रहण देखने से आंखें ही नहीं, ये अंग भी हो जाते हैं खराब, ऐसे समझें खतरा
BMC के मेयर को क्या पार्षदों से ज्यादा मिलती है सैलरी, जानें कितनी होती है तनख्वाह?
BMC के मेयर को क्या पार्षदों से ज्यादा मिलती है सैलरी, जानें कितनी होती है तनख्वाह?
Embed widget