जिनके पास पहले से है LPG कनेक्शन, PNG लेने के बाद क्या उन्हें भी सरेंडर करना पड़ेगा सिलेंडर? क्या है नया नियम
New LPG Rules: PNG कनेक्शन लेने के बाद कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या अब LPG सिलेंडर रखना पड़ेगा बंद. सरकार ने नियमों में बदलाव किया है. जिससे कई उपभोक्ताओं पर असर पड़ सकता है. जान लें नए नियम.

New LPG Rules: देश में रसोई गैस को लेकर इन दिनों काफी चर्चा हो रही है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर ऊर्जा बाजार पर दिख रहा है और इसी बीच सरकार ने घरेलू गैस व्यवस्था को लेकर एक अहम फैसला लिया है. कई शहरों में अब तेजी से पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG का नेटवर्क बढ़ रहा है. जिससे लोगों को सिलेंडर के झंझट से राहत मिल रही है. इसी बदलाव को देखते हुए सरकार ने LPG कनेक्शन से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया है.
जिन घरों में पहले से एलपीजी कनेक्शन है और बाद में पीएनजी लगवा लिया गया है. अब क्या उन्हें सिलेंडर सरेंडर करना पड़ेगा. बहुत से लोग इसे लेकर कन्फ्यूज हैं. दरअसल सरकार का कहना है कि जो लोग पूरी तरह सिलेंडर पर निर्भर हैं. उन्हें सिलेंडर पहले मिलना चाहिए. इसी वजह से अब गैस डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को थोड़ा सही करने के लिए यह कदम उठाया गया है. चलिए आपको बताते हैं कि नया नियम क्या कहता है और किन लोगों पर इसका असर पड़ेगा.
PNG वाले घरों को नहीं मिलेगा LPG कनेक्शन
सरकार की नई अधिसूचना के मुताबिक जिन घरों में पहले से PNG कनेक्शन मौजूद है. उन्हें घरेलू LPG कनेक्शन नहीं दिया जाएगा. इसका सीधा मतलब यह है कि अगर किसी घर में पाइपलाइन से गैस की सप्लाई शुरू हो चुकी है. तो वहां नया एलपीजी कनेक्शन लेने की परमिशन नहीं होगी. सरकार का तर्क है कि पीएनजी एक स्थायी और लगातार मिलने वाली गैस सुविधा है. इसलिए ऐसे घरों को सिलेंडर की जरूरत नहीं पड़ती. कई बड़े शहरों में पहले ही पीएनजी नेटवर्क तेजी से फैल चुका है और आने वाले समय में और ज्यादा इलाकों तक यह सुविधा पहुंचाने की योजना है.
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दोनों कनेक्शन होने पर करना होगा LPG सरेंडर
नई व्यवस्था के तहत अगर किसी उपभोक्ता के पास एक साथ PNG और LPG दोनों कनेक्शन मौजूद हैं. तो उन्हें अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा. सरकार ने साफ किया है कि ऐसे उपभोक्ताओं को आगे सिलेंडर की रिफिलिंग नहीं दी जाएगी. अच्छी बात यह है कि एलपीजी सरेंडर करने पर किसी तरह का जुर्माना नहीं लगाया जाएगा.
उपभोक्ता अपने नजदीकी गैस एजेंसी या संबंधित कंपनी के ऑनलाइन पोर्टल के जरिए भी यह प्रोसेस पूरी कर सकते हैं. लेकिन अगर कोई व्यक्ति नियमों का पालन नहीं करता और दोनों कनेक्शन बनाए रखता है. तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है. इ
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
सरकार का कहना है कि इस फैसले का मकसद गैस संसाधनों का सही और बैलेंस इस्तेमाल सुनिश्चित करना है. देश में अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं जो पूरी तरह LPG सिलेंडर पर निर्भर हैं और उनके पास PNG का ऑप्शन उपलब्ध नहीं है. अगर पीएनजी वाले घर भी एलपीजी सिलेंडर लेते रहेंगे तो सप्लाई पर एक्सट्रा दबाव बनेगा. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार चाहती है कि जिनके पास पाइपलाइन गैस की सुविधा है. वह सिलेंडर छोड़ दें जिससे सीमित संसाधन जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सकें.
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