डॉ. चिन्मय पण्ड्या संग मंच साझा कर बोले ओम बिरला, अंतिम व्यक्ति तक जलती रहेगी अखंड ज्योति
गायत्री परिवार का जन्मशताब्दी महोत्सव शुरू, वंदनीया माताजी की स्मृति में विशेष डाक टिकट का अनावरण, इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में 20 हजार से अधिक श्रद्धालु जुटे.

वैदिक मंत्रों की गूंज, ध्वजारोहण और हजारों श्रद्धालुओं की आस्था के बीच शनिवार को अखिल विश्व गायत्री परिवार के तीन दिवसीय जन्मशताब्दी महोत्सव की दिल्ली में शुरुआत हुई. इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस आयोजन में 20 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया. हरिद्वार के बाद यह महोत्सव कादूसरा चरण है, जो 2 नवंबर तक चलेगा.
समारोह के दलनायक और देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि यह महोत्सव वंदनीया माताजी की जन्मशताब्दी, युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की तप-साधना और अखंड दीप के सौ वर्षों का ऐतिहासिक त्रिवेणी संगम है. उन्होंने कहा कि समाज का कल्याण तभी संभव है, जब व्यवस्था और नैतिक मूल्य साथ-साथ चलें. शुभारंभ पर डॉ. पण्ड्या ने ध्वजारोहण किया, वहीं शांतिकुंज के आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार से वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया. महोत्सव का सबसे खास पल वंदनीया माताजी की जन्मशताब्दी पर विशेष स्मृति डाक टिकट का अनावरण रहा.
लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला और केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की उपस्थिति में यह डाक टिकट जारी किया गया. गायत्री परिवार के लिए यह तीसरा अवसर है, जब उसकी स्मृति में डाक टिकट जारी हुआ है. इससे पहले 1991 में युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के नाम पर और 2021 में शांतिकुंज की स्वर्ण जयंती पर डाक टिकट जारी हो चुके हैं. यह डाक टिकट बीते सौ वर्षों की साधना, सेवा और लोकमंगल के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर याद दिलाता है.
अपने संबोधन में श्री ओम बिरला ने कहा कि गायत्री परिवार व्यक्ति, परिवार और राष्ट्र निर्माण के जरिए समाज में नई चेतना जगा रहा है. श्री सिंधिया ने उपस्थित जनसमुदाय को मातृत्व और भाईचारे के विस्तार, नारी सम्मान और भारतीय संस्कृति के संरक्षण तथा नई पीढ़ी में आध्यात्मिक चेतना जगाने के तीन संकल्प दिलाए. आयोजन की व्यवस्थाओं में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के करीब 650 विद्यार्थी सेवा दे रहे हैं. प्रज्ञा योग और विभिन्न राज्यों के लोकनृत्यों की प्रस्तुतियों ने भारतीय संस्कृति की विविधता को मंच पर जीवंत कर दिया. दिल्ली चरण में व्यक्ति, परिवार और राष्ट्र निर्माण के संकल्पों की समीक्षा की जा रही है. नारी जागरण, विश्व बंधुत्व और युग निर्माण के संदेश को समर्पित इस महोत्सव में देश के कई राज्यों से गणमान्य अतिथि और श्रद्धालु शामिल हुए.
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