Election 2022: आखिर कौन जीतेगा वोटरों को लुभाने वाले वादों की ये बाज़ी ?

Election 2022: साल 1972 में राजेश खन्ना-मुमताज़ की एक फ़िल्म आई थी 'दुश्मन'. उस फिल्म का ये गाना बेहद हिट हुआ था "वादा तेरा वादा, वादा तेरा वादा, वादे पे तेरे मारा गया, बन्दा मैं सीधा साधा पर, झूठा है तेरा वादा!"
उत्तरप्रदेश और पंजाब समेत पांच राज्यों की जनता पर इन दिनों वादों की बारिश हो रही है क्योंकि अगले साल की शुरुआत में वहां विधानसभा के चुनाव हैं. चुनावों से पहले तमाम राजनीतिक दलों ने वादों की कुछ ऐसी झड़ी लगा दी है, मानों वह चुनाव नहीं लड़ रहे बल्कि अपने प्रोडक्ट को बेचने का कोई दिवाली ऑफर दे रहे हों.
हालांकि चुनाव के बाद सरकार में आने वाली पार्टी अपने किये वादों में से कितने पूरे करती है, अक्सर ये लोग भूल जाते हैं. लेकिन चुनाव से पहले ही अगर कोई सरकार मतदाताओं को रिझाने के लिए कोई बड़ा वादा पूरा कर दिखाती है, तो उससे कुछ हद तक जनता का भला होता है, फिर चाहे सरकारी खजाना ही खाली क्यों न हो जाये.
पंजाब का किला बचाने के लिए कांग्रेस सरकार ने सोमवार को बिजली सस्ती करने का एलान करके राज्य की जनता को खुश करने की कोशिश की है. मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की सरकार ने बिजली की दरों में प्रति यूनिट तीन रुपये की कटौती करने का जो चुनावी दांव खेला है, वह कांग्रेस के लिए क्या मास्टर स्ट्रोक साबित होगा?
फिलहाल ये दावा कोई नहीं कर सकता लेकिन पार्टी नेताओं का मानना है कि गरीब और कमजोर वर्ग के साथ ही मध्यम वर्ग के एक बड़े तबके पर भी इसका असर पड़ेगा और उसका झुकाव कांग्रेस की तरफ होगा. ऐसा माना जा रहा है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की नई पार्टी के चुनावी मैदान में कूदने से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिये ही ये लोकप्रिय फैसला लिया गया है.
उधर, उत्तरप्रदेश की बात करें, तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस महीने के अंत में एक बड़ा चुनावी मास्टर स्ट्रोक खेलने जा रहे हैं. सपा और कांग्रेस के यूथ वोट बैंक पर सेंध लगाने के लिए उनकी सरकार प्रदेश के युवाओं को टेबलेट और स्मार्टफोन बांटने वाली है.
दरअसल, योगी सरकार का ये फैसला कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के चुनावी वादे की काट के तौर पर देखा जा रहा है. इस चुनाव में कांग्रेस का फोकस महिलाओं पर कुछ ज्यादा है, लिहाज़ा 40 फीसदी टिकट महिलाओं को देने की घोषणा करने के बाद प्रियंका गांधी ने छात्राओं के लिए भी बड़ा एलान किया था.
पिछले दिनों प्रियंका गांधी ने चुनावी वादा करते हुए कहा था कि अगर यूपी में कांग्रेस की सरकार बनी, तो हम इंटर पास छात्राओं को फ्री स्मार्टफोन और ग्रेजुएट पास छात्राओं को प्री इलेक्ट्रिक स्कूटी देंगे. बता दें कि राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान मुख्यमंत्री रहते हुए अखिलेश यादव ने भी छात्रों को लैपटॉप बांटे थे.
हालांकि इस बार अखिलेश यादव ने पार्टी का घोषणा पत्र आने से पहले ही ये वादा कर दिया है कि सपा की सरकार बनने पर यूपी की जनता को मुफ्त बिजली दी जायेगी. हालांकि उसका फार्मूला दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार की तर्ज़ पर ही होगा, यानी शुरुआती कुछ यूनिटों पर ही सरकार सब्सिडी देगी. हालांकि उन्होंने किसानों की कर्जमाफी के लिए अलग से फंड बनाने का भी चुनावी वादा किया है. अपनी पिछली सरकार में भी उन्होंने इसके लिए खास फंड बनाया था.
पंजाब में तीसरी ताकत बनकर उभरी केजरीवाल की आम आदमी पार्टी भी वादे करने में किसी से पीछे नहीं है. केजरीवाल चार राज्यों में ये एलान कर चुके हैं कि उनकी सरकार बनने पर लोगों को फ्री बिजली दी जाएगी. लेकिन अब वे बुजुर्गों को फ्री तीर्थ यात्रा कराने का भी चुनावी दांव खेल रहे हैं. गोवा के लोगों के लिए तो उन्होंने अयोध्या की यात्रा मुफ्त कराकर राम लला के दर्शन कराने का वादा कर दिया है.
उन्होंने ये भी ऐलान किया है कि जो हमारे ईसाई भाई बहन हैं, उनको हम वेलेंकनी की मुफ्त तीर्थयात्रा कराएंगे. जबकि मुस्लिम भाई बहनों को अजमेर शरीफ की यात्रा करवाएंगे. कई लोगों की साईंबाबा में श्रद्धा है, लिहाज़ा उन्हें शिरडी की मुफ्त यात्रा कराएंगे. लेकिन ये देखना दिलचस्प होगा कि वादों के इस मायाजाल में वोटर किस पार्टी पर सबसे ज्यादा भरोसा करता है.
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