एक्सप्लोरर

ट्रम्प-ज़ेलेंस्की विवाद: क्यों अब रूस-यूक्रेन जंग से खुद को अमेरिका कर रहा किनारा?

यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि वे अपने देश को नाटो सदस्यता मिलने के बाद राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे देंगे. इससे पहले ट्रंप ने जेलेंस्की को तानाशाह तक बता दिया था. दरअसल, हाल ही में अमेरिका के पूर्व और अब फिर से निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की पर तीखी टिप्पणी की और यूक्रेन में नए चुनाव कराने की ज़रूरत पर जोर दिया. मार-ए-लागो में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रम्प ने ज़ेलेंस्की को "तानाशाह" करार दिया और उन्हें रूस-यूक्रेन युद्ध को ठीक से न संभाल पाने के लिए ज़िम्मेदार ठहराया. ट्रम्प का यह बयान तब आया जब यह खबरें सामने आईं कि अमेरिका और रूस के बीच सऊदी अरब में एक उच्चस्तरीय वार्ता होने जा रही है, जिसमें ज़ेलेंस्की को दावत नहीं दिया गया.

ट्रम्प की ज़ेलेंस्की पर नाराज़गी के कारण

ट्रम्प की ज़ेलेंस्की से नाराज़गी के कई कारण हो सकते हैं. पहला, ट्रम्प को लगता है कि ज़ेलेंस्की ने 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के दौरान जो बाइडेन का पक्ष लिया था. 2019 में ट्रम्प पर महाभियोग चलाने की एक बड़ी वजह ये भी थी कि उन्होंने ज़ेलेंस्की पर दबाव डाला था कि वे बाइडेन के बेटे हंटर बाइडेन के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच शुरू करें. इसके अलावा, ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के कई नेता यूक्रेन को दी जाने वाली अमेरिकी सैन्य सहायता पर सवाल उठाते रहे हैं और इसे अमेरिकी करदाताओं के पैसे की बर्बादी मानते हैं.

दूसरी वजह यह है कि ट्रम्प यूक्रेन युद्ध को ख़त्म करने के लिए रूस के साथ समझौते की वकालत करते रहे हैं, जबकि ज़ेलेंस्की हर कीमत पर युद्ध जारी रखना चाहते हैं. ट्रम्प का कहना है की  अमेरिका को अब इस युद्ध में और अधिक संसाधन नहीं लगाने चाहिए, जबकि ज़ेलेंस्की इसे पश्चिमी लोकतंत्र के लिए अस्तित्व की वजूद  की लड़ाई बताते हैं.

सऊदी अरब में शांति वार्ता और ज़ेलेंस्की की गैरमौजूदगी 

रूस और अमेरिका के बीच संभावित वार्ता की खबरें मीडिया में छाई हुई हैं, लेकिन इसमें सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस बातचीत  में यूक्रेन को शामिल नहीं किया गया. इसका सीधा संकेत यह है कि अमेरिका अब यूक्रेन से जुड़े मुद्दों को खुद संभालना चाहता है और ज़ेलेंस्की की भूमिका कम हो रही है. पश्चिमी देशों में कई विश्लेषकों का मानना है कि ट्रम्प प्रशासन यूक्रेन युद्ध को सुलझाने के लिए रूस के साथ किसी न किसी तरह का समझौता करना चाहता है, जिसमें ज़ेलेंस्की की कठोर नीतियों के लिए ज्यादा जगह नहीं होगी.

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज़ ने ज़ेलेंस्की के हक़ में अपना समर्थन दोहराया है, लेकिन ये भी सच है की  यूरोप भी इस लड़ाई से थक चुका है. कई यूरोपीय देशों में यूक्रेन को दी जाने वाली आर्थिक और सैन्य सहायता को लेकर नाराज़गी बढ़ती जा रही है.

क्या अमेरिका यूक्रेन से दूरी बना रहा है?

ट्रम्प की टिप्पणी और सऊदी अरब वार्ता के संकेतों को देखते हुए यह सवाल उठता है कि क्या अमेरिका अब धीरे-धीरे यूक्रेन से दूरी बना रहा है? बाइडेन प्रशासन ने पिछले दो वर्षों में यूक्रेन को भारी सैन्य सहायता दी थी, लेकिन रिपब्लिकन पार्टी के सरकार में आने के बाद अब यह रुख बदल सकता है.

न्यूयॉर्क पोस्ट और वाशिंगटन पोस्ट जैसे अमेरिकी मीडिया हाउसों के मुताबिक़, ट्रम्प यूक्रेन को वित्तीय मदद देने के पक्ष में नहीं हैं और वे यूरोपीय देशों को इस युद्ध की जिम्मेदारी लेने के लिए कह सकते हैं. ट्रम्प पहले भी कह चुके हैं कि अमेरिका को दुनिया के "थानेदार" की भूमिका नहीं निभानी चाहिए और उसे अपनी घरेलू समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए.

यूक्रेन युद्ध का भविष्य क्या होगा?

अगर अमेरिका ने यूक्रेन को समर्थन देना कम कर दिया, तो इसका सबसे बड़ा फायदा रूस को होगा. क्रेमलिन पहले ही संकेत दे चुका है कि वह शांति वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन उसकी शर्तें यूक्रेन के लिए मंज़ूर नहीं हो सकतीं. अगर ज़ेलेंस्की पर दबाव बढ़ता है और उन्हें नए चुनाव के लिए मजबूर किया जाता है, तो यह रूस के लिए एक कूटनीतिक जीत होगी.

वहीं, अगर ट्रम्प अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान रूस के साथ किसी तरह का समझौता कर लेते हैं, तो यह यूक्रेन के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है. हालांकि, यह भी मुमकिन है कि यूक्रेन पश्चिमी देशों के समर्थन से अपना जंग जारी रखे और रूस के खिलाफ नई सैन्य रणनीति अपनाए.

निष्कर्ष

ट्रम्प और ज़ेलेंस्की के बीच बढ़ती तल्खी यह इशारा करती है कि अमेरिका की विदेश नीति में बड़ा बदलाव आ सकता है. ट्रम्प प्रशासन यूक्रेन युद्ध को प्राथमिकता देने के बजाय अमेरिका के घरेलू मुद्दों पर ध्यान देना चाहता है. वहीं, सऊदी अरब में होने वाली  शांति वार्ता से संकेत मिलता है कि अमेरिका अब यूक्रेन को सीधे बातचीत से बाहर रखते हुए रूस के साथ कोई नई संधि कर सकता है.

आने वाले महीनों में ज़्यादातर मुल्कों की साथ ही पॉलिटिकल्स पंडित की नज़र इस बात पर होगी की क्या ट्रम्प ज़ेलेंस्की पर और अधिक दबाव डालते हैं और क्या यूक्रेन को अमेरिका के बिना ही अपने भविष्य की रणनीति बनानी होगी. यह युद्ध कैसे खत्म होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि ट्रम्प, पुतिन और पश्चिमी नेता आने वाले महीनों में क्या निर्णय लेते हैं.

[नोट- उपरोक्त दिए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं. यह ज़रूरी नहीं है कि एबीपी न्यूज़ ग्रुप इससे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही ज़िम्मेदार है.] 

View More

ओपिनियन

Sponsored Links by Taboola
25°C
New Delhi
Rain: 100mm
Humidity: 97%
Wind: WNW 47km/h

टॉप हेडलाइंस

US Israel Iran Strike: 1,88,70,00,00,00,000 रुपये, ईरान में अमेरिका के युद्ध का खर्च, ट्रंप ने बताया कब तक चलेगी जंग?
1,88,70,00,00,00,000 रुपये, ईरान में अमेरिका के युद्ध का खर्च, ट्रंप ने बताया कब तक चलेगी जंग?
Ghaziabad News: यूट्यूबर सलीम पर हमले के दोनों आरोपी सगे भाई ढेर, दूसरे का भी पुलिस ने किया एनकाउंटर
गाजियाबाद: यूट्यूबर सलीम पर हमले के दोनों आरोपी सगे भाई ढेर, दूसरे का भी पुलिस ने किया एनकाउंटर
मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के बीच भारत ने कर दिया कमाल! इस हथियार से कांपेगा पाकिस्तान, अमेरीका भी हैरान
मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के बीच भारत ने कर दिया कमाल! इस हथियार से कांपेगा पाकिस्तान, अमेरीका भी हैरान
अनस सैफी संग उड़ी अफेयर की अफवाह, वड़ा पाव गर्ल ने बदला धर्म? चंद्रिका दीक्षित ने किया रिएक्ट
अनस सैफी संग उड़ी अफेयर की अफवाह, वड़ा पाव गर्ल ने बदला धर्म? चंद्रिका दीक्षित ने किया रिएक्ट
ABP Premium

वीडियोज

Vasudha: 😧Hanumant का License जब्त गाड़ी और नौकरी दोनों गए हाथ से, अब क्या करेगी Vasudha?
Israel Iran War: खामेनेई की मौत से जल उठा Pakistan ! | Khamenei | Trump । Iraq Protest | Breaking
Israel Iran War: Beirut में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर इजरायली सेना का बड़ा हमला| Netanyahu | Trump
Israel Iran War: Khamenei को इजरायली फोर्स IDF ने बताया आतंकी | Netanyahu | Trump
Israel Iran War: B2 बॉम्बर की एंट्री..तबाह हो जाएगा ईरान! | Khamenei | Trump | Netanyahu | Breaking

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
US Israel Iran Strike: 1,88,70,00,00,00,000 रुपये, ईरान में अमेरिका के युद्ध का खर्च, ट्रंप ने बताया कब तक चलेगी जंग?
1,88,70,00,00,00,000 रुपये, ईरान में अमेरिका के युद्ध का खर्च, ट्रंप ने बताया कब तक चलेगी जंग?
Ghaziabad News: यूट्यूबर सलीम पर हमले के दोनों आरोपी सगे भाई ढेर, दूसरे का भी पुलिस ने किया एनकाउंटर
गाजियाबाद: यूट्यूबर सलीम पर हमले के दोनों आरोपी सगे भाई ढेर, दूसरे का भी पुलिस ने किया एनकाउंटर
मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के बीच भारत ने कर दिया कमाल! इस हथियार से कांपेगा पाकिस्तान, अमेरीका भी हैरान
मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के बीच भारत ने कर दिया कमाल! इस हथियार से कांपेगा पाकिस्तान, अमेरीका भी हैरान
अनस सैफी संग उड़ी अफेयर की अफवाह, वड़ा पाव गर्ल ने बदला धर्म? चंद्रिका दीक्षित ने किया रिएक्ट
अनस सैफी संग उड़ी अफेयर की अफवाह, वड़ा पाव गर्ल ने बदला धर्म? चंद्रिका दीक्षित ने किया रिएक्ट
भारतीय टीम के प्रैक्टिस टाइम में अचानक किया गया बदलाव, मचा हड़कंप, क्या ‘चंद्र ग्रहण’ है वजह
भारतीय टीम के प्रैक्टिस टाइम में अचानक किया गया बदलाव, मचा हड़कंप, क्या ‘चंद्र ग्रहण’ है वजह
Viral Video: गुरुग्राम ऑफिस में होली की धूम, लैपटॉप हाथ में लेकर डांस करता कर्मचारी हुआ वायरल
गुरुग्राम ऑफिस में होली की धूम, लैपटॉप हाथ में लेकर डांस करता कर्मचारी हुआ वायरल
होली पर सेहत से न करें समझौता, ऐसे पहचानें आपका गुलाल असली है या मिलावटी
होली पर सेहत से न करें समझौता, ऐसे पहचानें आपका गुलाल असली है या मिलावटी
Holi 2026 Warning: सिंथेटिक रंगों से स्किन-आंखों और फेफड़ों को कैसे हो सकता है नुकसान? जानें इनसे बचने का तरीका
सिंथेटिक रंगों से स्किन-आंखों और फेफड़ों को कैसे हो सकता है नुकसान? जानें इनसे बचने का तरीका
Embed widget