एक्सप्लोरर

पुस्तक समीक्षा:सिलक्यारा के सत्रह दिन संघर्ष और आशा की कहानी

समाज में होने वाली घटनाएँ और हादसे अक्सर हमारे दिलों पर गहरा असर छोड़ते हैं, और जब उन घटनाओं को लेखक अपनी लेखनी के माध्यम से सजीव बना देता है, तो पाठक उसमें खो जाता है. वो 17 दिन, कुमार राजीव रंजन सिंह द्वारा लिखित एक ऐसी ही पुस्तक है जो उत्तराखंड के सिलक्यारा सुरंग हादसे पर आधारित है और पाठकों को एक ऐसी यात्रा पर ले जाती है, जहाँ वे हर उस पल का अनुभव करते हैं जो उस भयानक त्रासदी के दौरान घटा.

12 नवंबर 2023 की सुबह, जब पूरा देश दीपावली की तैयारियों में व्यस्त था, उत्तरकाशी के धरासू-यमुनोत्री मार्ग पर बन रही सिलक्यारा-बड़कोट सुरंग का एक हिस्सा ढह गया. इस हादसे में सुरंग में काम कर रहे 41 मजदूर फंस गए. ये वह पल था जिसने हर किसी के दिल में एक सन्नाटा भर दिया और इस घटना पर पूरे देश की निगाहें टिक गईं. वो 17 दिन एक ऐसी पुस्तक है जो न केवल इस घटना का ब्योरा देती है बल्कि मानवीय धैर्य, जिजीविषा और जीवन के प्रति अटूट विश्वास को भी गहराई से प्रस्तुत करती है.

जीवन के लिए जंग का सजीव चित्रण

कुमार राजीव रंजन सिंह की इस पुस्तक में उस 17 दिनों की यात्रा का विस्तार से वर्णन किया गया है जिसमें रेस्क्यू ऑपरेशन की हर कठिनाई को दर्शाया गया है. लेखक ने इस ऑपरेशन में शामिल टीमों के प्रयास, उनके सामने आने वाली चुनौतियाँ और मजदूरों के जीवन के लिए की गई हरसंभव कोशिश को इतने बारीकी से उकेरा है कि हर पंक्ति पाठकों को बाँधे रखती है.

खास बात यह है कि इस किताब में लेखक ने रेस्क्यू ऑपरेशन में इस्तेमाल हुई ‘रैट-होल’ खनन तकनीक और अन्य महत्वपूर्ण प्रयासों का उल्लेख किया है, जो इस घटना को समझने में सहायक सिद्ध होते हैं.

रेस्क्यू ऑपरेशन की कामयाबी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भूमिका को भी पुस्तक में महत्व दिया गया है. प्रधानमंत्री मोदी इस पूरे ऑपरेशन पर व्यक्तिगत नजर रख रहे थे और हर दिन घटनाओं की अपडेट ले रहे थे. इसी तरह, मुख्यमंत्री धामी ने खुद घटनास्थल पर कैंप बनाकर पल-पल की जानकारी प्राप्त की. इन राजनैतिक और प्रशासनिक प्रयासों के साथ-साथ वहां मौजूद हर एक रेस्क्यू कर्मी की मेहनत, रैट माइनर्स का साहस, और मजदूरों की जीवटता ने मिलकर इस ऑपरेशन को सफल बनाया.

लेखन शैली है सरल और संजीदा

लेखक की लेखन शैली सरल, संजीदा और स्पष्ट है, जिससे पाठक हर घटना को गहराई से महसूस कर पाते हैं. उन्होंने घटनाओं का वर्णन करते हुए तकनीकी और संवेदनशीलता का अद्भुत संतुलन बनाए रखा है. लेखक ने इस पुस्तक में पत्रकारिता के दृष्टिकोण को बनाए रखते हुए इसे कहानी के रूप में प्रस्तुत किया है, जिससे पाठकों की उत्सुकता हर पृष्ठ के साथ बढ़ती जाती है.

किताब की एक और विशेषता इसका व्यवस्थित विभाजन है. 22 अध्यायों में बंटे इस दस्तावेज़ में हर अध्याय एक नए दृष्टिकोण को प्रस्तुत करता है, जो पाठकों को बांधे रखने में सक्षम है. त्रासदी के बीच फंसे मजदूरों के संघर्ष, उनके धैर्य, और बचाव दल के प्रयासों को दर्शाने में लेखक ने कोई कसर नहीं छोड़ी है. यह पुस्तक इस त्रासदी के हर पहलू को गहराई से प्रस्तुत करती है और इसमें केवल घटनाओं का वर्णन नहीं है, बल्कि उन घटनाओं के पीछे की मानवीय संवेदनाओं का भी बखूबी चित्रण है.

कुल मिलाकर, वो 17 दिन एक ऐसी पुस्तक है जो न केवल सिलक्यारा सुरंग हादसे की जानकारी देती है बल्कि इस घटना से जुड़े हर व्यक्ति के प्रयास और धैर्य को श्रद्धांजलि अर्पित करती है. कुमार राजीव रंजन सिंह ने अपनी लेखनी से इस त्रासदी को सजीव बना दिया है, जिससे यह पुस्तक पाठकों के दिल में एक गहरी छाप छोड़ जाती है. यह पुस्तक किसी भी पाठक के लिए संग्रहणीय है और यह उम्मीद की जा सकती है कि लेखक भविष्य में भी इसी तरह की संवेदनशील और समाजोपयोगी कृतियों का सृजन करेंगे.

पुस्तक : वो 17 दिन

लेखक  : कु. राजीव रंजन सिंह

मूल्य   : रु 599

प्रकाशक : डायमंड बुक्स

[नोट- उपरोक्त दिए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं.यह ज़रूरी नहीं है कि एबीपी न्यूज़ ग्रुप इससे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही ज़िम्मेदार है.]

View More

ओपिनियन

Sponsored Links by Taboola
25°C
New Delhi
Rain: 100mm
Humidity: 97%
Wind: WNW 47km/h

टॉप हेडलाइंस

राहुल गांधी को BJP में कौन नेता पसंद? दिया जवाब, 'हैलो अंकल...'
राहुल गांधी को BJP में कौन नेता पसंद? दिया जवाब, 'हैलो अंकल...'
सरकार की कमी, पैलेट गन, 6% शिक्षा बजट..., Gen Z के सामने मोहन भागवत का कबूलनामा
सरकार की कमी, पैलेट गन, 6% शिक्षा बजट..., Gen Z के सामने मोहन भागवत का कबूलनामा
कांवड़ियों पर टिप्पणी को लेकर साजिद रशीदी पर भड़के BJP विधायक, NSA लगाने की मांग
कांवड़ियों पर टिप्पणी को लेकर साजिद रशीदी पर भड़के BJP विधायक, NSA लगाने की मांग
आसमान से गिरी बिजली, 24 साल के खिलाड़ी की मौत; वीडियो वायरल 
आसमान से गिरी बिजली, 24 साल के खिलाड़ी की मौत; वीडियो वायरल 

वीडियोज

Sansani: अतीक अहमद के बेटे की दर्दनाक मौत
Jannat Zubair ने Elvish Yadav संग Dating Rumours पर तोड़ी चुप्पी, बताया रिश्ते का सच
Prince Narula ने Shivangi-Harshad की Bonding को बताया 'Nibba Nibbi Wala Pyaar'
Shreya Kalra की Controversies ने मचाया बवाल, फिर भी बनीं Lock Upp 2 की Winner
Dipika Kakar हुईं Emotional, Cancer Treatment के दौरान बोलीं- अभी हिम्मत नहीं हार सकती

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
राहुल गांधी को BJP में कौन नेता पसंद? दिया जवाब, 'हैलो अंकल...'
राहुल गांधी को BJP में कौन नेता पसंद? दिया जवाब, 'हैलो अंकल...'
सरकार की कमी, पैलेट गन, 6% शिक्षा बजट..., Gen Z के सामने मोहन भागवत का कबूलनामा
सरकार की कमी, पैलेट गन, 6% शिक्षा बजट..., Gen Z के सामने मोहन भागवत का कबूलनामा
कांवड़ियों पर टिप्पणी को लेकर साजिद रशीदी पर भड़के BJP विधायक, NSA लगाने की मांग
कांवड़ियों पर टिप्पणी को लेकर साजिद रशीदी पर भड़के BJP विधायक, NSA लगाने की मांग
आसमान से गिरी बिजली, 24 साल के खिलाड़ी की मौत; वीडियो वायरल 
आसमान से गिरी बिजली, 24 साल के खिलाड़ी की मौत; वीडियो वायरल 
Friday OTT Releases: फ्राइडे को ओटीटी पर साउथ की 7 फिल्मों का धमाका, लिस्ट में 'लेनिन' समेत और कौन
OTT Releases: फ्राइडे को ओटीटी पर साउथ की 7 फिल्मों का धमाका, लिस्ट में 'लेनिन' समेत और कौन
AI डीपफेक पर सरकार का एक्शन, फर्जी फोटो-वीडियो पर 3 घंटे में होगी कार्रवाई
AI डीपफेक पर सरकार का एक्शन, फर्जी फोटो-वीडियो पर 3 घंटे में होगी कार्रवाई
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच नेतन्याहू का PM मोदी को फोन, जानें क्या हुई बात
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच नेतन्याहू का PM मोदी को फोन, जानें क्या हुई बात
अभिजीत दीपके ने CJP में रखा ये बड़ा पद, 13 नेताओं को क्या मिला?
अभिजीत दीपके ने CJP में रखा ये बड़ा पद, 13 नेताओं को क्या मिला?
Embed widget