एक्सप्लोरर

कुर्मी रैली: सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ भाजपा की घेरेबंदी अभी से हो गयी है शुरू

हाल ही में जद(यू) के लोकल नेता से जब इन पंक्तियों के लेखक ने कहा कि यह बड़ा अद्भुत है कि जिस राज्य में जातीय राजनीति चरम पर हो, वहां के 18 साल पुराने मुख्यमंत्री एक ऐसी जाति (कुर्मी) से आते हैं, जो महज 3 फीसदी से भी कम है. इस पर वे तकरीबन गुस्से में बोले कि आपने ऐसे कैसे बोल दिया कि हम 3 फीसदी है, हम 12 फीसदी है. बाकायदा वे कुर्मी जाति की उपजातियों का विश्लेषण भी करने लगे. अर्थात, बिहार का अजातीय चक्रव्यूह ऐसा है, जिसे कोइ कास्ट सर्वे, कास्ट सेन्सस और राजनीतिक विश्लेषक न ठीक से समझ सकता है, न समझा सकता है. आइये, इसी नजरिये से हम हाल ही के कुर्मी रैली (भाजपा विधायक द्वारा आहूत) को समझाने की कोशिश करते है कि आखिर यह नीतीश कुमार की घेरेबंदी के लिए थी या निशांत कुमार की एंट्री को ग्रांड बनाने की कोई कोशिश. हां, ध्यान रखना होगा कि उक्त रैली में काफी बुलाए जाने पर भी नीतीश कुमार नहीं पहुंचे थे. 

भूमि सेना के बारे में सुना है? 

बिहार में जातीय सेनाओं के नाम पर अक्सर लोग रणवीर सेना या कुंअर सेना का नाम ही कोट करते हैं. लेकिन, आपको जानना चाहिए की 80 के पूरे दशक के दौरान, बिहार में एक और सेना काम कर रही थी, जिसका नाम भूमि सेना है और ये मुख्यत: कुर्मी जाति के लोगों द्वारा बनाई गयी सेना थी. बात की शुरुआत इस तथ्य से इसलिए, ताकि हम समझ सके कि कुर्मी जाति जैसे भूमिहारों की तरह ही आबादी में भले कम हो, लेकिन लैंड होल्डिंग और प्रति व्यक्ति आय के मामले में अन्य पिछड़ी जातियों से कहीं आगे है (कुशवाहा समेत). 21वीं सदी में लैंड (जमीन) से बड़ा कोई रिसोर्स नहीं है और इस पर कुर्मी जाति का अच्छा-खासा असर है. फिर भाजपा विधायक और कुर्मी रैली के आयोजक मंटू सिंह यह क्यों कहते नजर आएं कि कुर्मी जाति कई उपजातियों में बंटी हुई है और जब तक कुर्मी जाति की तमाम उपजाति एकजुट नहीं हो जाती है, उन्हें उनका वाजिब हक नहीं मिल सकता है और यह रैली कुर्मी जाति की उपजातियों को एकजुट रखने के लिए हो रही है. तो, सबसे बड़ा सवाल यही है कि भूमि, प्रति व्यक्ति आय में आगे रहने वाली जाति, 18 साल से एक मुख्यमंत्री देने वाली जाति आखिर अब कौन सा बाजिव हक़ मांग रही है? 



कुर्मी रैली: सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ भाजपा की घेरेबंदी अभी से हो गयी है शुरू

घेरेबंदी की शुरुआत! 

यह रैली असल में, मेरे हिसाब से, भाजपा द्वारा नीतीश कुमार की घेरेबंदी के अलावा कुछ नहीं है. इसलिए, कि इस वक्त नीतीश कुमार प्रगति यात्रा पर है, यह चर्चा आम है कि उनकी तबीयत इन दिनों नासाज रहती है और निशांत कुमार की एंट्री लगभग तय है. जैसा कि मैंने पहले भी लिखा है की निशांत कुमार के जद(यू) ज्वाइन करने से सर्वाधिक नुकसान उस भाजपाई कंधे को होगा, जो पिछले 18 साल से नीतीश कुमार की पालकी इस आस में उठाए जा रहा है कि नीतीश कुमार जैसे बफर एजेंट के हटते ही बिहार की राजनीति द्वी-ध्रुवीय हो जाएगी और भाजपा फिर अकेले दम पर सत्ता में आ जाएगी. इसके लिए बाकायदा कई सालों से तैयारी भी चल रही थी. आरसीपी सिंह हो, उपेन्द्र कुशवाहा हो, प्रशांत किशोर हो, संजय झा हो, ये सारे लोग जद(यू) में यूं ही नहीं थे/हैं और यूं ही नहीं निकाले गए/निकल गए या अब तक बने हुए हैं.

चिराग पासवान जैसे “राजनीतिक हनुमान” (पावन भगवान का नाम भी नहीं छोड़ते ये राजनीतिक दल) से ले कर स्लीपिंग मोड में रह कर दूर से ही खबरें बताने वाले “संजय दृष्टि” वाले लोग इस भाजपाई उम्मीद के वाहक थे/हैं कि नीतीश जी जब संन्यास आश्रम को प्रस्थान करेंगे तब जद(यू) की क्लींजिंग कैसे की जाएगी. इस बीच निशांत कुमार के आने की खबर से वह उम्मीद, वह सपना टूटता नजर आ रहा है. ऐसे में, भारतीय संस्कृति की राजनीति करने वाली पार्टी अपने ही एक विधायक को आगे कर के  कुर्मी रैली जैसी जातीय रैली कर के कोई पतित-पावनी गंगा जैसी शुद्ध राजनीति तो नहीं ही करने जा रही है. 

नीतीश के तीर! 

जद(यू) के मुखिया नीतीश कुमार अपने “तीर” को अब किस दिशा में उडाएंगे, कोई नहीं जानता. लेकिन, इतना तो तय है कि वे अपने जीते-जी अपने हाथों से बनाई पार्टी को डूबते देखना नहींचाहेंगे और उन्हें 2020 के चुनाव के समय से ही (चिराग पासवान के अकेले चुनाव लड़ने वाले निर्णय) यह भलीभांति एहसास हो गया है कि उनकी पार्टी को ख़त्म करने के लिए भाजपा कुछ भी कर सकती है. ऐसे में ताजा कुर्मी रैली में भी नीतीश कुमार नहीं पहुंचे. यह कहना कि यह एनडीए की रैली थी, मुझे समझ नहीं आता. यह विशुद्ध भाजपाई रैली थी. और तकरीबन 3 फीसदी वोट के लिए भाजपा नीतीश कुमार से पंगा ले ले, यह भी समझ नहीं आता. ऐसे में, यह समझना होगा कि यह रैली महज कुर्मी समाज को खींचने के लिए नहीं थी. यह एक परसेप्शन बनाने के लिए थी कि अब नीतीश कुमार का  समय ख़त्म हो गया है. लेकिन, हमें यह भी समझना होगा कि नीतीश कुमार ने कभी 3 फीसदी वोट के बदौलत राजनीति की ही नहीं. उनकी बुनियाद में वहीं “मंडलवादी” राजनीति है, जिसके दम पर आज भी राजद बिहार की बड़ी मजबूत पार्टी बनी हुई है. तो, इंतज़ार कीजिये. देखिये कि निशांत कुमार की “ताजपोशी” कब होती है, कैसे होती है. भाजपा के लोग इस ताजपोशी मंत्रोच्चार करते नजर आएँगे या एक बार फिर नीतीश कुमार की अंतरात्मा सुबह की सैर पर लालू प्रसाद यादव के आवास की ओर निकल पड़ेगी?

[नोट- उपरोक्त दिए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं. यह ज़रूरी नहीं है कि एबीपी न्यूज़ ग्रुप इससे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही ज़िम्मेदार है.] 

View More

ओपिनियन

Sponsored Links by Taboola
25°C
New Delhi
Rain: 100mm
Humidity: 97%
Wind: WNW 47km/h

टॉप हेडलाइंस

ईरान के 'हाईटेक हथियार' ने बढ़ाई US की टेंशन! देखकर अमेरिकी पायलट की फटी रह गईं आंखें, किया चौंकाने वाला खुलासा
ईरान के 'हाईटेक हथियार' ने बढ़ाई US की टेंशन! देखकर अमेरिकी पायलट की फटी रह गईं आंखें, किया चौंकाने वाला खुलासा
मुंबई लोकल ट्रेन में बड़ी वारदात, गेट बंद करने पर बढ़ा विवाद, शख्स की चाकू घोपकर हत्या
मुंबई लोकल ट्रेन में बड़ी वारदात, गेट बंद करने पर बढ़ा विवाद, शख्स की चाकू घोपकर हत्या
Katrina Kaif-Vicky Kaushal Son: कैटरीना कैफ या विक्की कौशल, किससे मिलती है बेटे विहान की शक्ल? दादा शाम ने बताया
कैटरीना कैफ या विक्की कौशल, किससे मिलती है बेटे विहान की शक्ल?
‘16 साल के सचिन तेंदुलकर जैसे हैं लेकिन क्या...’, वैभव सूर्यवंशी पर कपिल देव का बड़ा बयान
‘16 साल के सचिन तेंदुलकर जैसे हैं लेकिन क्या...’, वैभव सूर्यवंशी पर कपिल देव का बड़ा बयान

वीडियोज

Bharat Tiwari Encounter Case: भरत तिवारी के लिए बिलौटी गांव में उमड़ा जनसैलाब | Bihar | Bhojpur
Bharat Tiwari Encounter Case: भरत तिवारी एनकाउंटर में सबसे बड़ा एक्शन, पुलिसवालों पर FIR! | Bihar
Mumbai Rain Alert: रातभर की बारिश ने मुंबई को किया पानी-पानी, सड़कों पर रेंग रही गाड़ियां | breaking
Bharat Tiwari Encounter Case: एनकाउंटर या हत्या? न्याय के लिए उमड़ा जनसैलाब! | Bihar | Bhojpur
Lucknow Fire Update: लखनऊ हादसे में 16 बड़े अफसरों पर गिरेगी गाज! | Breaking | CM Yogi

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ईरान के 'हाईटेक हथियार' ने बढ़ाई US की टेंशन! देखकर अमेरिकी पायलट की फटी रह गईं आंखें, किया चौंकाने वाला खुलासा
ईरान के 'हाईटेक हथियार' ने बढ़ाई US की टेंशन! देखकर अमेरिकी पायलट की फटी रह गईं आंखें, किया चौंकाने वाला खुलासा
मुंबई लोकल ट्रेन में बड़ी वारदात, गेट बंद करने पर बढ़ा विवाद, शख्स की चाकू घोपकर हत्या
मुंबई लोकल ट्रेन में बड़ी वारदात, गेट बंद करने पर बढ़ा विवाद, शख्स की चाकू घोपकर हत्या
Katrina Kaif-Vicky Kaushal Son: कैटरीना कैफ या विक्की कौशल, किससे मिलती है बेटे विहान की शक्ल? दादा शाम ने बताया
कैटरीना कैफ या विक्की कौशल, किससे मिलती है बेटे विहान की शक्ल?
‘16 साल के सचिन तेंदुलकर जैसे हैं लेकिन क्या...’, वैभव सूर्यवंशी पर कपिल देव का बड़ा बयान
‘16 साल के सचिन तेंदुलकर जैसे हैं लेकिन क्या...’, वैभव सूर्यवंशी पर कपिल देव का बड़ा बयान
BrahMos Missile Export: भारत की ब्रह्मोस पर यूएई, वियतनाम, रूस और इजरायल की नजर, आखिर क्यों बढ़ी दुनिया में इसकी डिमांड?
भारत की ब्रह्मोस पर यूएई, वियतनाम, रूस और इजरायल की नजर, आखिर क्यों बढ़ी दुनिया में इसकी डिमांड?
Exclusive: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने सौंपी 15 पन्नों की रिपोर्ट, चंपत राय की भूमिका भी संदिग्ध
Exclusive: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने सौंपी 15 पन्नों की रिपोर्ट, चंपत राय की भूमिका भी संदिग्ध
लखनऊ अग्निकांड वाली बिल्डिंग पर इस तारीख को LDA चलाएगा बुलडोजर! जांच के दायरे में 19 कर्मचारी
लखनऊ अग्निकांड वाली बिल्डिंग पर इस तारीख को LDA चलाएगा बुलडोजर! जांच के दायरे में 19 कर्मचारी
कैसे वेस्टर्न यूपी के किसानों की पहली पसंद बन रही है मूंग, कम लागत में होता है तगड़ा मुनाफा
कैसे वेस्टर्न यूपी के किसानों की पहली पसंद बन रही है मूंग, कम लागत में होता है तगड़ा मुनाफा
Embed widget