AI Car Technology: अब मोबाइल की तरह अपडेट होगी कार, टाटा ने दिखाई AI बेस्ड नई टेक्नोलॉजी
टाटा ने Software Defined Vehicle टेक्नोलॉजी की झलक दिखाई है. आइए जानते हैं कि कैसे AI और OTA अपडेट से कार मोबाइल की तरह नए फीचर डाउनलोड कर सकेगी और समय के साथ बेहतर बनेगी.

अब कार सिर्फ इंजन और पहियों तक सीमित नहीं रह गई है. ऑटो इंडस्ट्री तेजी से Software Defined Vehicle यानी सॉफ्टवेयर से चलने वाली गाड़ियों की ओर बढ़ रही है. इसका मतलब है कि भविष्य की कारें एक तरह से चलती-फिरती स्मार्ट डिवाइस होंगी. टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS ने AI इंपैक्ट समिट में ऐसी ही एक टेक्नोलॉजी की झलक दिखाई है, जिसका नाम TCS DriveSphere है. कंपनी के विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में कार एक बार खरीदकर सालों तक वैसी ही नहीं रहेगी, बल्कि समय के साथ खुद को अपडेट करती रहेगी. आइए विस्तार से जानते हैं.
दरअसल, पहले की कारों में हर काम के लिए अलग-अलग छोटा कंप्यूटर यानी ECU होता था. ब्रेक, एयरबैग और इंफोटेनमेंट के लिए अलग सिस्टम लगे होते थे. अब कंपनियां इन सबकी जगह एक मजबूत सेंट्रल कंप्यूटर ला रही हैं, जो पूरी गाड़ी को कंट्रोल करेगा. इससे कार का सिस्टम ज्यादा तेज और समझदार बनेगा.
AI से चलेगा कार का दिमाग
नई Gen की कारों में कैमरा, रेडार, लिडार और कई सेंसर लगे होंगे. ये सभी सड़क और आसपास की जानकारी लगातार इकट्ठा करेंगे. AI इस डेटा को तुरंत समझकर फैसला लेगा. जैसे अगर अचानक सामने कोई बाइक आ जाए तो सिस्टम तुरंत ब्रेक लगा सकता है. अगर कार लेन से बाहर जा रही हो तो चेतावनी दे सकती है. ट्रैफिक के हिसाब से स्पीड भी अपने आप एडजस्ट हो सकती है. AI की मदद से ड्राइविंग पहले से ज्यादा सुरक्षित और आसान होगी. यह टेक्नोलॉजी कार को हालात के अनुसार सोचने और Action लेने में सक्षम बनाएगी.
मोबाइल की तरह मिलेंगे OTA अपडेट
सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि कारें मोबाइल फोन की तरह ओवर द एयर यानी OTA अपडेट से नई बनती रहेंगी. अगर कोई नया फीचर लॉन्च होता है तो आपको नई कार खरीदने की जरूरत नहीं होगी. कार इंटरनेट से जुड़कर रात में ही नया फीचर डाउनलोड कर लेगी. मान लीजिए AI बेस्ड पार्किंग असिस्ट या बेहतर वॉयस कमांड सिस्टम आया, तो वह सीधे सॉफ्टवेयर अपडेट से आपकी कार में आ सकता है. क्लाउड और AI मिलकर कार को समय के साथ बेहतर बनाते रहेंगे.
खराबी से पहले मिल जाएगी चेतावनी
नई टेक्नोलॉजी की मदद से कार खुद ही बता सकेगी कि किसी पार्ट में दिक्कत आने वाली है. कार से मिलने वाला डेटा कंपनी के क्लाउड तक जाएगा, जहां AI समझेगा कि बैटरी, ब्रेक या किसी अन्य हिस्से में समस्या हो सकती है. इससे समय रहते सर्विस कराई जा सकेगी और बड़े खर्च से बचा जा सकेगा. AI आपकी पसंद भी सीख लेगा. जैसे सीट की पोजीशन, म्यूजिक या एसी की सेटिंग, कार हर बार स्टार्ट होते ही सब कुछ अपने आप सेट कर देगी.
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Source: IOCL























