India AI Summit 2026: स्कूटी में आया AI और ADAS, जानें टू व्हीलर चलने वालों का सफर कैसे होगा आसान?
भारत में सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या सबसे ज्यादा दोपहिया वाहन चालकों की होती है. सड़क हादसों में होने वाली मौतों में करीब 45 पर्सेंट हिस्सा दोपहिया वाहन चालकों का होता है.

कारों में ADAS के बारे में तो आपने खूब सुना होगा. जैसे टक्कर से पहले कार खुद रुक जाती है. लेन पकड़कर आराम से सफर कर लेती है. इसी तरह की सहूलियत अब आपको स्कूटी में भी मिल सकती हैं. दरअसल, प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में चल रहे एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में स्पेशल स्कूटी पेश की गई, जो AI और ADAS से लैस है. आइए जानते हैं कि इस स्कूटी से आम लोगों की जिंदगी कैसे आसान होगी?
दोपहिया से ज्यादा होते हैं हादसे?
गौरतलब है कि भारत में दोपहिया वाहन (स्कूटी और बाइक) सबसे ज्यादा इस्तेमाल होते हैं, लेकिन सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या सबसे ज्यादा दोपहिया वाहन चालकों की होती है. सड़क हादसों में होने वाली मौतों में करीब 45 पर्सेंट हिस्सा दोपहिया वाहन चालकों का होता है. गौर करने वाली बात यह है कि कारों में ADAS समेत ऑटो ब्रेकिंग और लेन असिस्ट फीचर आ गए हैं, लेकिन दोपहिया वाहनों में ऐसे फीचर नहीं होते थे. ऐसे में अब दोपहिया वाहनों में AI और ADAS लाकर इस समस्या का हल ढूंढा जा रहा है. इसी कड़ी में हीरो ने अपनी स्कूटी XOOM को ADAS सिस्टम से लैस किया है.
AI और ADAS क्या करेगा स्कूटी में?
- एआई आधारित ADAS फीचर्स: स्कूटी में कैमरा, रडार और सेंसर लगाए गए हैं. ये रियल-टाइम में सड़क पर पैदल चलने वालों, गाड़ियों या आने वाले खतरों को देखकर अलर्ट करेंगे.
- ऑटोमैटिक ब्रेकिंग: अगर सामने कोई आ जाए या स्कूटी तेज हो रही हो तो AI खुद धीमे-धीमे ब्रेकिंग सिस्टम लागू कर देगा या राइडर को अलर्ट करेगा.
- ब्लाइंड स्पॉट डिटेक्शन: साइड से कोई आ रहा हो तो मिरर या डिस्प्ले पर चेतावनी मिल जाएगी.
- स्लीपी ड्राइवर अलर्ट: अगर नींद आ रही हो तो AI ड्राइवर के चेहरे या आंखों को देखकर आवाज या वाइब्रेशन से जगाएगा.
- लेन कीपिंग और क्रैश अवॉइडेंस: स्कूटी लेन से बाहर न जाए, इसके लिए गाइडेंस मिलेगा.
- कनेक्टेड फीचर्स: व्हीकल-टू-व्हीकल कम्युनिकेशन होगा. अगर आगे वाली गाड़ी ब्रेक लगाएगी तो स्कूटी को पहले पता चल जाएगा.
क्या कह रहे हैं अधिकारी?
एआई इम्पैक्ट समिट में रोड ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के अधिकारी ने बताया कि सरकार AI को दोपहिया सुरक्षा में इस्तेमाल करने की योजना बना रही है. IIT मद्रास के रोड सेफ्टी सेंटर के साथ मिलकर डेटा-बेस्ड मॉडल बनाए जा रहे हैं. दोपहिया में कोई स्ट्रक्चरल प्रोटेक्शन नहीं होता, इसलिए छोटी-छोटी दुर्घटना में भी बड़ा नुकसान होता है. AI से इन हादसों को कम किया जा सकता है.
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Source: IOCL


























